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शुभ योग और शुभ ग्रहों के बीच 13 अप्रैल से आएंगीं मातारानी: भक्तों को समृद्धि देने और विपदाओं से मुक्ति दिलाने वाले हैं ‘योग

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  • अमृत सिद्धि और सवार्थ सिद्धि योग में शुरु होगी चैत्र नवरात्र

भोपाल। चैत्र नवरात्र इस साल 13 अप्रैल से शुरु होने जा रही है। पिछले साल भी चैत्र नवरात्र ऐेसे समय में आई थी जब भारत ही नहीं पूरे विश्व में कोरोना चरम पर था। बीते महीने कोरोना मरीजों की संख्या कम होने से लगा था कि भक्तगण इस बार नवरात्र का पर्व खुलकर मना सकेंगे। लेकिन पिछले महीने से बन रही स्थितियों को देख लग रहा है कि इस साल भी पर्व पर कोरोना का साया ही रहेगा। लेकिन फिर भी देवी भक्त नवरात्र मनाने की तैयारी में हैं। भले ही कुछ स्थिति हो , भले ही सीमित दायरे में पर्व मनाना पड़े किंतु देवी की आराधना करेंगे।

विशेष संयोगों के बीच होगा नवरात्र का आरंभ

ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक इस बार नवरात्र दो विशेष शुभ योगों के बीच शुरु होने जा रही है। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार इस बार अमृत सिद्धि और सर्वार्थ सिद्धि योग में चैत्र नवरात्र का आरंभ हो रहा है। यह दोनों योग कार्य में सफलता और धनधान्य देने वाले होते हैं। साथ ही घट स्थापना के समय के ग्रहों की स्थिति आरोग्य देने वाली तथा विपदा हरने वाली होती है। ऐसे में माना जा रहा है कि इन विशिष्ट योगों से महामारी में कमी तथा अन्य परेशानियों से राहत मिलेगी।

सूर्य- चंद्रमा होंगे मेष राशि में

13 अप्रैल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि लग रही है। इसी दिन नवरात्र का घट स्थापना भी किया जाएगा। इस दिन चंद्रमा मेष राशि में रहेंगे और देर रात सूर्य भी मेष में आएंगे। ऐसे में यह भी विशिष्ट संयोग है कि राशि चक्र की पहली राशि में चैत्र नवरात्र यानि संवत के पहले दिन ग्रहों के राजा और रानी स्थित होंगे। नवरात्र का आरंभ अश्विनी नक्षत्र में होगा जिसके स्वामी ग्रह केतु और देवता अश्विनी कुमार हैं जो आरोग्य के देवता माने जाते हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि महामारी से परेशान लोगों को राहत दिलाएंगी। इस बीच गुरु भी मकर राशि से कुंभ में आ चुके होंगे। गुरु का यह परिवर्तन भी कठिन समय से कुछ राहत दिलाने वाला होगा।

अमृत सिद्धि योग

अमृत सिद्धि योग विशेष शुभता प्रदान करने वाला और हर कार्य में लाभ देने वाला माना गया है। ज्योतिषशास्त्र में ऐसा माना जाता है कि अमृत सिद्धि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग एक साथ आते हैं। मान्यता है कि अमृत सिद्धि योग में जो कार्य किए जाते हैं उनमें स्थायित्व की प्राप्ति होती है और शुभ फल देने वाले माने जाते हैं। इसलिए ऐसा माना जा रहा है कि इस बार अमृत सिद्धि योग में नवरात्र का आरंभ होने से यह नवरात्र विशेष शुभ फल प्रदान करने वाला होगा। अगर आप भूमि पूजन, भवन निर्माण या फिर कोई नया कामधंधा शुरू करने के बारे में सोच रहे हैं तो इस नवरात्र में आरंभ कर सकते हैं। इन सभी कार्यों में आपको शुभ फल की प्राप्ति होगी।

सर्वार्थ सिद्धि योग

सर्वार्थ सिद्धि योग का संबंध मां लक्ष्मी से होता है और ऐसा माना जाता है कि इस योग में कार्य का आरंभ करने से वह कार्य सिद्धि देने वाला और सफल माना जाता है। सर्वार्थ सिद्धि योग में जो भी शुभ कार्य किए जाते हैं उन सभी में आपको सफलता प्राप्त होती है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। माना जाता है कि यह योग जिस दिन लगा हो उस दिन कार्य करने से बिना बाधा के वह कार्य पूर्ण होता है और सुख समृद्धि आती है।

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