Home भोपाल कोरोना से बचाव में लॉकडाउन से अधिक मास्क प्रभावी: सुलेमान

कोरोना से बचाव में लॉकडाउन से अधिक मास्क प्रभावी: सुलेमान

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  • वैक्सीन लगवाने पर संक्रमण नहीं होता अधिक घातक
  • ऑक्सीजन की कमी नहीं,सरकार रखे है निगाह

स्वदेश ब्यूरो, भोपाल

प्रदेश में कोरोना संक्रमण को लेकर मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव मो. सुलेमान व गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने संयुक्त प्रेस कांफे्रंस की। इस दौरान उन्होंने मोटे तौर पर दो-तीन बातें बहुत साफ कही। पहली कोरोना संक्रमण की रोकथाम में लॉकडाउन से अधिक कारगर मास्क पहनना है। दूसरा वैक्सीन लगवाना हर एक के हित में है। इससे अव्वल तो संक्रमित होने की संभावना ही नहीं होती और यदि फिर भी संबंधित व्यक्ति संक्रमित होता है तो कोरोना वायरस अधिक घातक नहीं होगा। उन्होंने यह भी जोड़ा कि पूर्व में जब लॉक डाउन लगाया गया था तब कोरोना से निपटने के उतने संसाधन व व्यवस्थाएं नहीं थीं। जो अब हैं।

श्री सुलेमान ने कोरोना संक्रमण से जुड़े आंकड़े भी पेश किए। यह बताते हैं कि कोरोना का वायरस बीते साल की तुलना में अधिक ताकतवर रूप से लौटा है। पहले क्रीमीलेयर यानी अधिक सुविधाभोगी ही इसकी चपेट में आए थे लेकिन अब मध्यम वर्गीय तबका भी इसका शिकार हो रहा है। प्रदेश में कोरोना की संक्रमण दर 10.4 प्रतिशत है।

देश के अन्य राज्यों से तुलना करें तो फिलहाल मप्र सातवें स्थान पर है,लेकिन सरकार इस स्थिति को भी गंभीर मान रही है। लोगों को संक्रमण से बचाने के लिए वे हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। जो जरूरी हैं। इनमें टीकाकरण की गति तेज करना,सरकारी के साथ ही निजी अस्पतालों में भी इलाज की व्यवस्था,गैरअनुबंधित अस्पतालों में इलाज के दाम नियंत्रित रखना, संक्रमण जांच की दर घटा कर अधिकतम सात सौ रुपए रखना व बचाव के लिए जागरूकता कार्यक्रम आदि शामिल हैं। एक सवाल के जवाब में श्री सुलेमान ने कहा कि फिलहाल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है।बीते साल हम केवल सिलेंडर वाली ऑक्सीजन पर ही आश्रित थे, लेकिन अब ऐसा नहीं है।

अब तरल ऑक्सीजन के लिए भी सभी चिकित्सा महााविद्यालयों में टैंक बना दिए गए हैं। इनमें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन पैदा करने वाले अवयव मौजूद हैं। इनके अलावा अनुबंधित राज्यों से भी सिलेंडर समुचित मात्रा में मिल रहे हैं। बावजूद इसके ऑक्सीजन की मांग एवं आपूर्ति पर नजर रखने के लिए वरिष्ठ अधिकारी संजय शुक्ला की अध्यक्षता में एक समिति बनाई गई है। जो ऑक्सीजन की स्थिति की साप्ताहिक समीक्षा कर रही है। एक अन्य प्रश्न के उत्तर में उन्होंने कहा कि जानकार बताते हैं कि एहितयात नहीं बरता गया तो कोरोना संक्रमण आगे और बढ़ सकता है। इसलिए अब भी अवसर है सतर्क हो जाएं। मास्क पहनें,वैक्सीन लगवाएं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें और अपने साथ दूसरों को भी कोरोना संक्रमण से बचाएं।

वहीं अपर मुख्य सचिव गृह डॉ.राजौरा ने कोरोना गाइड लाइन संबंधी जानकारी दोहराई। डॉ राजौरा ने कहा कि गाइड लाइन का उल्लंघन करने पर केवल मार्च में 1.60 लाख लोगों पर जुर्माना लगाकर 1.85 करोड़ रुपए वसूले गए। 636 दुकानें सील करनी पड़ी और 1580 लोगों के खिलाफ अपराधिक मामले दर्ज हुए। यह सख्ती आगे भी जारी रहेगी। इस मौके पर जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ.सुदाम खाड़े भी मौजूद थे।

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