Home भोपाल मैनिट के शोधार्थियों को शोध पूरा करने के लिए मिलेगा अतिरिक्त समय

मैनिट के शोधार्थियों को शोध पूरा करने के लिए मिलेगा अतिरिक्त समय

14
0

भोपाल। मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान ( मैनिट) के शोधार्थियों को अपनी डिग्री पूर्ण करने के लिए अतिरिक्त समय अवधि दी जाएगी। इस अतिरिक्त समय अवधि के दौरान उन्हें भारत सरकार के नियमानुसार फैलोशिप की राशि भी प्रदान की जाएगी।


केंद्रीय शिक्षा संस्थानों, आइआइटी, आइआइआइटी, एनआइटी, आइसर, आइआइएससी के डायरेक्टर्स के साथ हुई वर्चुअल मीटिंग में केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सहमति जताई है कि कोरोना वायरस जनित वैश्विक महामारी के चलते पिछले साल मार्च महीने से ही रिसर्च स्कॉलर्स की रिसर्च प्रभावित हुई है। शोधार्थियों की दिक्कतों के समाधान का भरोसा दिलाते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने पॉलिसी बदलाव प्रस्ताव पर शीघ्र ही निर्णय लेने का आश्वासन दिया है।


वर्तमान पॉलिसी के तहत पीएचडी स्कॉलर्स को पांच साल में अपनी डिग्री पूरी करनी होती है। कोविड-19 के कारण पिछले साल मध्य मार्च से शिक्षण संस्थान बंद होने से पीएचडी अंतिम वर्ष के स्कॉलर्स को सबसे अधिक नुकसान पहुंचा है, क्योंकि उनके पांच साल पूरे हो चुके हैं और उपयुक्त संसाधन ना मिल पाने के कारण उनकी रिसर्च बाधित हुई है, जिससे उनकी पीएचडी की डिग्री पूरी होने की संभावना पूरी तरह समाप्त हो चुकी है। इसी के मद्देनजर विभिन्न केंद्रीय संस्थानों के पीएचडी स्कॉलर्स लगातार शिक्षा मंत्रालय और अपने संस्थानों से मांग कर रहे थे कि समय अवधि एक से दो वर्ष के लिए बढ़ाई जानी चाहिए।


मध्यप्रदेश मैनिट भोपाल के पीएचडी स्कॉलर्स का प्रतिनिधिमंडल राजकुमार मालवीय के नेतृत्व में केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं शिक्षा मंत्रालय के विभिन्न अधिकारियों से इस मसले पर लगातार संपर्क में थे। वर्चुअल मीटिंग में सभी पीएचडी रिसर्च स्कॉलर्स की समय अवधि डेढ़ साल के लिए बढ़ाए जाने पर सहमति बनाई गई। आर्थिक दिक्कतों के बीच पढ़ाई जारी रखने के लिए इस अवधि के दौरान उन्हें फेलोशिप भी निरंतर दी जाएगी। वर्चुअल मीटिंग के दौरान संस्थानों ने कहा है कि उनके छात्रों का कोविड वैक्सीनेशन नहीं हो पाया है।


भारत सरकार द्वारा 18 से 45 आयु वर्ग के छात्रों के लिए राज्य सरकारों को वैक्सीन नीति बनाए जाने के लिए निर्देशित किया जाना चाहिए, ताकि केंद्रीय संस्थान पहले की भांति छात्र-छात्राओं की पूरी उपस्थिति के साथ सुचारू रूप से खुल सकें। मैनिट भोपाल में भी कई प्रोफेसर्स, छात्र-छात्राएं, रिसर्च स्कॉलर्स कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं, जिसमें से कुछ की मृत्यु भी हो चुकी है। लॉकडाउन अवधि के दौरान मैनिट द्वारा ऑनलाइन ही कक्षाओं का संचालन किया गया। इस वर्चुअल मीटिंग में डायरेक्टर्स द्वारा शिक्षा मंत्री को ऑनलाइन क्लासेस, वर्चुअल लेबोरेटरी वर्क, नई शिक्षा नीति पर जानकारी दी गई।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here