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न्यायालय की समयसीमा खत्म होने पर भी अड़े जूनियर डॉक्टर, अब बॉन्ड के 750 करोड़ रुपए वसूलने की तैयारी में सरकार

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  • सरकार ने जूनियर डॉक्टरों से हमेशा संवाद किया, अब भी हम बातचीत के लिए तैयार: सारंग
  • सुप्रीम कोर्ट जाएंगे जूनियर डॉक्टर, जूडा को कई राज्यों के चिकित्सा छात्र संगठनों का मिला समर्थन

भोपाल। प्रदेश के 6 सरकारी मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर्स और सरकार के बीच गतिरोध कम होने के बजाए बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को जबलपुर हाईकोर्ट ने जूडा को 24 घंटे के भीतर काम पर लौटने के आदेश के बाद सभी जूनियर डॉक्टरों ने सामूहिक इस्तीफे देकर आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया।
शुक्रवार शाम को जबलपुर उच्च न्यायालय द्वारा काम पर वापस लौटने की समय सीमा खत्म होने के बाद भी जूनियर डॉक्टर हडताल पर डटे हैं। इधर सरकार ने इस्तीफा देने वाले चिकित्सा छात्रों से बॉन्ड की राशि के करीब 750 करोड़ रुपए वसूलने की तैयारी चिकित्सा शिक्षा विभाग ने शुरू कर दी है।

10 और 30 लाख जमा करनी होगी बॉन्ड की राशि

चिकित्सा शिक्षा आयुक्त निशांत बरवड़े ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों में मेरिट के आधार पर प्रवेश लेने के बाद सीट छोडने पर बंधपत्र (बॉन्ड) की राशि जमा करनी होगी। साल 2018-19 में एडमिशन लेने वाले चिकित्सा छात्रों को 10 लाख रुपए और साल 2020 में प्रवेश लेने वाले छात्रों को 30 लाख रुपए बतौर बॉन्ड की राशि अपने मेडिकल कॉलेज में जमा करनी होगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद प्रदेश के छह मेडिकल कॉलेजों से इस्तीफा देने वाले लगभग तीन हजार जूनियर डॉक्टरों से लगभग 750 करोड रुपए बॉन्ड की राशि वसूलने की तैयारियां तेज हो गईं हैं।

जितनी बार मुझसे बात हुई इसके पहले किसी मंत्री ने नहीं की

चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि जूनियर डॉक्टर्स के साथ विभाग के अधिकारियों और मेरी लगातार बातचीत होती रही है। हम आज भी बातचीत के लिए तैयार हैं। उनकी मांगे मान ली गईं हैं फिर इस संकट के समय में हठधर्मिता पर क्यों अड़े हुए हैं। जितनी बार मेंने बात की है उतनी मेरे से पहले के चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने जूडा से बात नहीं की होगी। मालूम हो कि पिछली कमलनाथ सरकार में मेडिकल टीचर्स और जूनियर डॉक्टरों की लंबे समय तक दो बार हडतालें हुईं थीं लेकिन तत्कालीन चिकित्सा शिक्षा मंत्री ने एक भी बार एमटीए और जूडा के प्रतिनिधियों से बातचीत नहीं की थी, नतीजनत दोनों बार आंदोलन करीब हफ्ते भर तक उग्र रूप में चले थे।

हमें बॉन्ड की राशि जमा करने समय दें: जूडा

जूडा भोपाल के अध्यक्ष डॉ. हरीश पाठक ने कहा कि सरकार ने हमसे बात किए बिना हाईकोर्ट में याचिका दायर कराई है। अब हम विधि विशेषज्ञों की सलाह लेकर सुप्रीम कोर्ट में अपील करेंगे। बॉन्ड की राशि जमा करने के आदेश पर पाठक बोले हम डीन से बॉन्ड की राशि को जमा करने के लिए समय देने की मांग कर रहे हैं। हम तो चिकित्सा छात्र हैं स्टायपेंड के भरोसे पढाई करते आ रहे हैं हम इतने जल्दी इतनी राशि एकमुश्त कैसे जमा कर पाएंगे।

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