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हमीदिया में म्यूकर वार्ड के 60 में से 50 से अधिक बेड फुल, रोजाना हो रहे पांच से छह ऑपरेशन, मरीजों की बढ़ती संख्या से पेंडेंसी बढ़ी

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मध्य प्रदेश में ब्लैक फंगस (म्यूकर माइकोसिस) के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। हमीदिया के म्यूकर वार्ड के फुल होने के बाद नए बनाए सर्जिकल वार्ड-3 और वार्ड-6 के भी अधिकतर बेड फुल हो गए है। यहां पर 60 में से 50 से अधिक बेड पर मरीज भर्ती है। अब डॉक्टरों को कोरोना संक्रमित ब्लैक फंगस के 17 मरीजों की रिपोर्ट निगेटिव आने पर भर्ती करने को लेकर समस्या खड़ी हो गई है। अस्पताल के ईएनटी विभाग में नॉन म्यूकर मरीजों को भर्ती लेना बंद कर दिया है। अब अस्पताल में नए मरीजों को भर्ती करने को लेकर प्रबंधन कुछ भी कहने से बचा रहा है।

मरीजों की संख्या बढ़ने से ऑपरेशन भी पेंडिंग

अस्पताल में रोजाना ब्लैक फंगस के पांच से छह मरीज आ रहे है। ब्लैक फंगस से पीड़ित मरीजों के ऑपरेशन के लिए ईएनटी विभाग के पास दो एंडोस्कोपी सिस्टम है। जिसमें से एक एंडोस्कोपी सिस्टम ईएनटी विभाग ने आर्थोपेडिक विभाग से लिया है। ताकि मरीजों के जल्दी जल्दी ऑपरेशन हो सके। एक मरीज के ऑपरेशन में ढाई से तीन घंटे का समय लगता है। यहां रोजाना पांच से छह ऑपरेशन किए जा रहे है। मरीजों की ओवरलोड होती संख्या के कारण ऑपरेशन पर भी प्रभाव पड़ रहा है। यहां एनेस्थिया, ईएनटी, ऑप्थेमॉलाजी और मेडिसिन विभाग के डॉक्टर मिलकर काम कर रहे है। इनमें से कई की ड्यूटी कोविड वार्ड में ही लगी है।

ये हैं ब्लैक फंगस के लक्षण

– नाक जाम होना, नाक से काला या लाल स्राव होना।

– गाल की हड्डी में दर्द होना

– चेहरे पर एक तरफ दर्द होना या सूजन।

– दांत या जबड़े में दर्द, दांत टूटना।

– धुंधला या दोहरा दिखाई देना।

– सीने में दर्द और सांस में परेशानी।

कोरोना मरीज ब्लैक फंगस से ऐसे बच सकते हैं

– खून में शुगर की ज्यादा नहीं होने दें तथा हाइपर ग्लाइसेमिया से बचें।

– कोरोना से ठीक हुए लोग ब्लड ग्लूकोज पर नजर रखें।

– स्टेरॉयड के इस्तेमाल में समय और डोज का पूरा ध्यान रखें।

– एंटीबायोटिक और एंटीफंगल दवाओं का इस्तेमाल डॉक्टर के परामर्श से ही करें।

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