Home भोपाल ऐतिहासिक स्वरूप के साथ होगा ग्वालियर और ओरछा का विकास

ऐतिहासिक स्वरूप के साथ होगा ग्वालियर और ओरछा का विकास

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  • मुख्यमंत्री ने यूनेस्को की ‘हिस्टोरिक अर्बन लैण्डस्केप’ परियोजना का शुभारंभ किया

भोपाल। विश्व प्रसिद्ध यूनेस्को की ‘हिस्टोरिक अर्बन लैण्डस्केप’ परियोजना के तहत चयनित प्रदेश के ग्वालियर और ओरछा नगर का विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को वर्चुअल रूप से इस परियोजना का शुभारंभ किया।

शुभारंभ के मौके पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्वालियर और ओरछा का विकास यूनेस्को, भारत सरकार तथा मध्यप्रदेश सरकार द्वारा सम्मिलित रूप से ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्वरूप निखारते हुए विकास किया जाएगा। इस मौके पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर, प्रमुख सचिव पर्यटन संस्कृति शिव शेखर शुक्ला आदि उपस्थित थे। नई दिल्ली से यूनेस्को के एरिक फाल्ट, जुन्ही हॉन, नेहा देवान, निशांत उपाध्याय तथा यूएस से रैण्ड एपिच वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सम्मिलित हुए।

अब भारत के 4 शहर परियोजना में शामिल

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि इस परियोजना में दक्षिण एशिया के 6 नगर पहले से सम्मिलित हैं, जिनमें भारत के अजमेर एवं वाराणसी शामिल हैं। ओरछा एवं ग्वालियर को 7वें एवं 8वें नगर के रूप में शामिल किया गया है। इन शहरों का डेव्हलेपमेंट एवं मैनेजमेंट प्लान यूनेस्को द्वारा बनाया जाएगा। यहां के इतिहास, संस्कृति, खान-पान, रहन-सहन, आर्थिक विकास, सामुदायिक विकास सहित सभी पहलुओं को इसमें शामिल किया जाएगा।

प्रदेश में पर्यटन को मिलेगा नया आयाम

मुख्यमंत्री ने कहा कि यूनेस्को की इस परियोजना से मध्यप्रदेश में पर्यटन को नया आयाम मिलेगा। यूनेस्को द्वारा बनाई जाने वाली ओरछा एवं ग्वालियर की विकास परियोजना के अनुरूप अन्य नगरों की विकास परियोजनाएं भी बनाई जाएंगी। पर्यटन के विकास के साथ ही रोजगार के अतिरिक्त अवसरों का भी सृजन होगा।

पर्यटन विकास की अनेक योजनाएं

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में पर्यटन के विकास के लिए रिस्पोन्सिबिल टूरिज्म’, ग्रामीण पर्यटन, ‘महिलाओं के लिए सुरक्षित पर्यटन’, बफर में सफर, नाइट सफारी, ‘वेलनेस एण्ड माइंडफुल टूरिज्म, युवा साहसिक पर्यटन आदि अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

नगरों को विकास के चरम पर ले जाएंगे

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर ने कहा कि यूनेस्को द्वारा दोनों शहरों के विकास के लिए बनाई जा रही योजना पर अमल करते हुए हम न केवल ओरछा एवं ग्वालियर को अपितु प्रदेश के सभी ऐतिहासिक नगरों को विकास के चरम पर ले जाएंगे। नगरों के विकास में वहां की संस्कृति, इतिहास, प्रकृति, परंपराओं और विरासत का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

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