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किसानों व गरीबों को सस्ती बिजली देने 18 हजार करोड़ की सब्सिडी देती है सरकार

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  • समर्थन मूल्य से कम कीमत में फसल न बेचें किसान, सरकार एक-एक दाना खरीदेगी

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के चौथे कार्यकाल का एक वर्ष पूरा होने पर मिशन अर्थ के तहत शनिवार को राजधानी के मिंटो हॉल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता को कई सौगातें दी हैं। मुख्यमंत्री ने यहां महिला स्व सहायता समूहों द्वारा 37 जिलों के डेढ़ सौ से अधिक नर्सरियों में तैयार किए गए 80 लाख पौधों को प्रदेश को समर्पित किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अब प्रदेश सरकार को पौधे बाहर से नहीं खरीदना पड़ेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के किसानों की फसल का एक-एक दाना सरकार खरीदेगी। किसान समर्थन मूल्य से कम कीमत पर एक भी दाना बाजार ेंमें न बेचें। प्रदेश के युवा और किसानों में क्षमता,प्रतिभा और योग्यता है। किसान उत्पादक संगठन कृषकों की एकता, पहल और प्रगति का प्रतीक बनेगें। हालांकि मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि वर्तमान में कई फसलें समर्थन मूल्य से अधिक में बाजार में बिक रही हैं। उन्होंने कहा कि समर्थन मूल्य से अधिक दाम मिलने पर ही बाजार में फसलें बेचें। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों और गरीबों को सस्ती बिजली दी जा रही है। इसके लिए सरकार ऊर्जा विभाग को करीब 14 हजार करोड़ रुपए सब्सिडी दे रहा है। प्रदेश सरकार किसानों की हरसंभव मदद कर रही है। प्रदेश सरकार किसानों के साथ खड़ी है।

गोबर शिल्प से बनी मूर्ति व पुस्तक भेंट

मुख्यमंत्री श्री चौहान को पशुपालन मंत्री प्रेम सिंह पटेल द्वारा गोबर से शिल्प से बनी मूर्ति तथा गोबर शिल्प से ही बनी पुस्तक ‘काऊ अवर अल्टीमेट सेवियरÓ भेंट की गई। इस पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गोबर से ऐसे नवाचार सोच से परे हैं। इन गतिविधियों से लगता है कि हमारी गौ शालायें आत्म-निर्भर होंगी। कार्यक्रम को पशुपालन एवं डेयरी मंत्री प्रेम सिंह पटेल और किसान कल्याण तथा कृषि विकास मंत्री कमल पटेल ने भी संबोधित किया। अपर मुख्यसचिव पशुपालन जेएन कंसोटिया ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत की।

सीमन उत्पादन प्रयोगशाला

भदभदा भोपाल में स्थापित सेक्स सॉर्टेड सीमन प्रोडक्शन फेसलिटी से उच्च अनुवांशिकता के देशी सांडों जैसे गिर, साहीवाल, थारपारकर और भैंस की मुर्रा नस्लों का सेक्स सॉरटेड उत्पादन किया जा सकेगा। इसके उपयोग से 90 प्रतिशत बछिया ही पैदा होगी जिससे उच्च अनुवांशिक गुणवत्ता की मादाओं की बढ़ोतरी होने से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी। बछड़ों के लालन-पालन में अनावश्यक व्यय की बचत होगी। निराश्रित पशुओं की संख्या को भी सीमित किया जा सकेगा।

कृषि अधोसंरचना में प्रदेश प्रथम

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि अधोसंरचना योजना में कृषि से जुड़े उद्यमी, एफपीओ, स्टार्टअप, स्व-सहायता समूह इत्यादि जो भी लोग कृषि अद्योसंरचना निर्माण के लिए बैंक से ऋण लेना चाहते हैं, उन्हें दो करोड़ की सीमा तक ऋण उपलब्ध कराया जाता है। यह वित्तीय सहायता कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चैन, वेअरहाउस, साइलो, पैक हाउस, ग्रेडिंग एवं पेकेजिंग यूनिट, लाजिस्टिक सुविधा, ई-राइपनिंग चेम्बर,आदि के लिए प्रदान की जा रही है। इस योजना में मध्यप्रदेश पूरे देश में प्रथम स्थान पर है। मुख्यमंत्री ने उक्त योजना के हितग्राहियों को चेक भी सौंपे हैं।

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