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पहली बार जांचे गए क्षमता से अधिक सेंपल फिर भी 7799 की जांच लंबित

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  • मप्र की दैनिक जांच क्षमता 33780, नमूने लिए 42793, जांचे गए 37462
  • संक्रमण दर 13 फीसदी पर पहुंची, 4882 नए संक्रमित मिले

भोपाल। प्रदेश में कोरोना का संक्रमण बेकाबू हो रहा है। बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। गुरूवार को प्रदेश भर में दैनिक जांच क्षमता से ज्यादा सेंपल लिए गए। 33780 सेंपल जांचने की क्षमता के बावजूद गुरूवार को 37462 नमूनों की जांच हुई। इसमें 2825 सेंपल को दूसरे राज्यों की अनुबंधित निजी लैब से टेस्ट कराया गया। इसके बावजूद 7799 सेंपल की जांच अटक गई। बीते पांच दिन से रोजाना मरीजों की संख्या साल भर पुराने रिकॉर्ड तोड रही है। बीते 24 घंटों में 37462 सेंपल की जांच 13 फीसदी यानि 4882 नए संक्रमित मिले और 23 मरीजों की मौतें हुईं हैं।

यहां मिले सबसे ज्यादा मरीज

इंदौर में 887, भोपाल में 686, जबलपुर में 326, ग्वालियर में 298, कटनी में 154, रतलाम में 144, उज्जैन में 130, बडवानी में 107, बैतूल में 96, खरगोन, सिवनी में 93, बालाघाट में 91 नए मरीज मिले हैं।

यहां 23 मौतें

बीते 24 घंटों के भीतर इंदौर में चार कोरोना संक्रमितों की मौतें हुईं जबकि छिंदवाड़ा, रतलाम में दो-दो, बडवानी, बैतूल, भोपाल, छतरपुर, दतिया, धार, ग्वालियर, जबलपुर, खंडवा, खरगोन, मंदसौर, नरसिंहपुर, सागर, सिवनी और उज्जैन में एक-एक कोरोना संक्रमित की मौत हुई है।

24 घंटे में प्रदेश की कोविड जांच के आंकड़े

दैनिक जांच क्षमता 33780
गुरूवार को सेंपल लिए 42793
गुरूवार को जांचे गए 37462
संक्रमित मिले 4882
जांच के लिए लंबित 7799
रिजेक्ट हुए 314

कोरोना अपडेट मप्र भोपाल
संक्रमित 327220 56598
मौतें 4136 644
स्वस्थ 292598 50943=
सक्रिय 30486 5011

सरकार ने कंपनियों से मांगे 20 हजार डोज, 4 हजार रेमेडेसिवर इंजेक्शन मिले

  • सीएसआर के तहत निजी कंपनियों के सरकार इंजेक्शन की आपूर्ति में जुटी

इंदौर भोपाल सहित प्रदेश भर में कोरोना मरीजों के लिए बढ़ती रेमेडेसिवर इंजेक्शन की मांग को देखते हुए सरकार ने कंपनियों से सीएसआर (कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी) के तहत 20 हजार इंजेक्शन मुहैया कराने की मांग की। मप्र के लघु,सुक्ष्म एवं मध्यम उद्योग (एमएसएमई)विभाग की पहल पर गुरूवार को दो बार में दो-दो हजार रेमेडेसिवर इंजेक्शन मिले। चिकित्सा शिक्षा आयुक्त निशांत बरवडे ने बताया कि अब तक दो बार में कुल चार हजार रेमेडेसिवर के इंजेक्शन मिले हैं। जिन्हें प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में मरीजों की संख्या और जरूरत के हिसाब से इनका वितरण किया गया है। जल्द ही और इंजेक्शन के डोज मप्र को मिलेंगे।

प्रशासन ने छह दुकानों से ड्रग इंस्पेक्टर्स की निगरानी में रेमेडेसिवर बेचने किया अधिकृत, यहां स्टॉक ही नहीं
रेमेडेसिवर इंजेक्शन मुहैया कराने प्रशासन ने जिन दुकानों को अधिकृत किया वहां स्टॉक ही नहीं

  • आदेश में खामी: जिन वनरक्षकों की दवा दुकानों पर ड्यूटी लगाई वे खनिज विभाग में पदस्थ

कोरोना के कहर से प्रदेश के बड़े शहरों इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर में हालात ज्यादा खराब हैं। कोरोना मरीजों के लिए रेमेडेसिवर इंजेक्शन की मांग भी तेजी से बढ़ी है। इंदौर में लग रहीं लंबी-लंबी कतारों के बाद भोपाल में जिला प्रशासन ने इसकी बिक्री के लिए छह दवा दुकानों को तय कर दिया। यहां औषधि निरीक्षकों (ड्रग इंस्पेक्टर) के साथ तीन-तीन वनरक्षकों को सुरक्षा में तैनात करने आदेश एडीएम की ओर से शुक्रवार को जारी हुआ। लेकिन जिन दुकानों को अधिकृत किया उनमें से किसी भी दुकान पर रेमेडेसिवर का स्टॉक ही नहीं है।

जिनको सुरक्षा में लगाया वे खनिज में पदस्थ

शुक्रवार को भोपाल एडीएम की ओर से दिशा फार्मा, जेएमडी फार्मा, पटेल एंड कंपनी, फार्मा टे्रडर्स, एसके कंपनी, स्वास्तिक मेडिकल एजेंसी को रेमेडेसिवर कोरोना मरीजों को मुहैया कराने के लिए अधिकृत किया। यहां ड्रग इंस्पेक्टर धर्मेश विगोनियां, मनीषा गुर्जर, अनामिका सिंह और तबस्सुम के साथ तीन-तीन वनरक्षकों की ड्यूटी लगा दी। लेकिन इस आदेश में जिन वनरक्षकों को सुरक्षा में लगाया गया। उनमें से अधिकतर खनिज विभाग में सेवाएं दे रहे हैं।

मेडिकल स्टोर्स का तर्क: अस्पताल से मिलेगा इंजेक्शन

प्रशासन की ओर से सख्ती के बाद भोपाल के दवा दुकानों ने इंजेक्शन बेचने के बजाए मरीजों के परिजनों से यह कहना शुरू कर दिया कि आपको इंजेक्शन अस्प्ताल से ही मिलेगा। इतवारा निवासी मो. साबिर ने बताया कि मेरी भाभी एक प्रायवेट अस्पताल में भर्ती हैं। दिशा फार्मा पर शुक्रवार को जब पहुंचे तो दुकानदार बात करने को तैयार नहीं हुआ। ग्राहकों की भीड देखकर आधी शटर उठाकर वह दवाएं बेच रहा है। उसका कहना है कि रेमेडेसिवर इंजेक्शन अस्पताल से ही मिलेगा।

कोरोना संक्रमण रोकने कोलार में नौ दिन और शहर में 60 घंटे का लॉकडाउन शुरू

  • बंद के दौरान खुलेंगी दवा दुकानें, फल – सब्जी की होगी होम डिलेवरी

शुक्रवार शाम छह बजे से राजधानी में 60 घंटे का सम्पूर्ण लॉकडाउन शुरू हो गया है, ये बंद सोमवार को सुबह छह बजे तक लागू रहेगा। वहीं कोलार और शाहपुरा क्षेत्र से आवाजाही अब पूरे नौ दिन तक बंद रहेगी। इन क्षेत्रों में नौ दिन का लॉकडाउन शुरू हो गया है। इस दौरान शहर में सिर्फ दवा की दुकानें खुल सकेंगी। वहीं सब्जी और फलों की होम डिलीवरी हो सकेगी। हालांकि टीकाकरण दलों को आवागमन की छूट रहेगी। कोलार में लगने वाले लॉकडाउन के दौरान आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। पेट्रोल पंप भी बंद रहेंगे। इसके लिए सर्वधर्म पुल, मदर टेरेसा, गोलमोट, बंसल हॉस्पिटल, शैतानसिंह चौराहा, बावडिय़ाकलां पुल, विरासा हाईट्स पुल, सलैया पुल, 11 नंबर, सांई बाबा, ईश्वर नगर की सीमाओं में बैरिकेडिंग कर सील कर दिया गया है। शुक्रवार दोपहर बाद से ही रास्तों पर बैरिकेडिंग शुरू कर दी गई। इससे कई रास्तों पर घंटों तक लंबा जाम लगा रहा।

इन जगहों पर हुई बैरिकेडिंग

  • कोलार में लगने वाले लॉकडाउन के दौरान आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंधित रहेगी। इसके लिए सर्वधर्म पुल, मदर टेरेसा, गोलमोट, बंसल हॉस्पिटल, शैतानसिंह चौराहा, बावडिय़ाकलां पुल, विरासा हाईट्स पुल, सलैया पुल, 11 नंबर, सांई बाबा, ईश्वर नगर की सीमाओं में बैरिकेडिंग कर सील किया जाएगा।
    पूरे भोपाल शहर में रहेंगा 60 घंटे का बंद
    कलेक्टर अविनाश लवानिया ने धारा 144 के आदेश में संशोधन करते हुए भोपाल में दो दिन का लॉकडाउन लगाने के आदेश जारी कर दिए है। यह लॉकडाउन शुक्रवार शाम छह बजे से लेकर सोमवार को सुबह छह बजे तक रहेगा। वहीं शनिवार और रविवार को सरकारी कार्यालय बंद रहेंगे।
  • दूध पार्लर सुबह 7 से 10 बजे तक खुलेंगे।
  • नगर निगम द्वारा सब्जी, फल की होम डिलीवरी कराई जाएगी।
  • एसडीएम द्वारा अधिकृत व्यक्ति खाना-किराना सामान घर पहुंचाएगा।
  • रेडी टू ईट वस्तुओं की होम डिलीवरी होगी। आईडी रखना अनिवार्य होगा।

स्वास्थ्य
मेडिकल इमरजेंसी में निकलने की छूट रहेगी। बैंक, मेडिकल और एटीएम खुले रहेंगे। फीवर क्लीनिक व अस्पताल चालू रहेंगे। सैंपलिंग टीम घूमती रहेगी। टीकाकरण कैंप लगाए जाएंगे।
नोकरी पेशा
इंडस्ट्री में कार्यरत मजदूरों, कर्मचारियों और सरकारी कर्मचारियों की आवागमन की छूट रहेगी। सामान्य प्राइवेट जॉब करने वाले लोग आ जा नहीं सकेंगे।

यह व्यवस्था पूर्णत: बंद

अनावश्यक नहीं आ जा सकेंगे। किराना दुकानें बंद रहेंगी। मॉल, जिम सिनेमाघर धार्मिक स्थल, दुकानें बंद रहेंगी। बिना वजह घर से नहीं निकल सकेंगे।
कंटेनमेंट क्षेत्र की बैरिकेडिंग में प्रभावित के दायरे में आएंगे ये स्थान

  • वार्ड क्रमांक 80- दामखेड़ा, ए व बी सेक्टर, अंबेडकर नगर, बंजारी, कान्हा कुंज
  • वार्ड क्रमांक 81- विनीत कुंज, सी आई हाईट्स, कान्हा कुंज, गेहूंखेड़ा नहर
  • वार्ड क्रमांक 82- मंदाकिनी, दानिशकुंज, बंजारी सी सेक्टर, महावली, सर्वधर्म, यशोदा परिसर, विराशा हाईट, कोलार मुख्य मार्ग आदि
  • वार्ड क्रमांक 83-सनखेडी, गणेश नगर, अकबरपुर, राजवैद्य कॉलोनी
  • वार्ड क्रमांक 84- 610 क्वाटर्स, हिनोतिया आलम
  • वार्ड क्रमांक 52-53- रोहित नगर, आकृति ईको सिटी, अधिष्ठान, रुद्राक्ष पार्क, त्रलिंगा, गुलमोहर, शाहपुरा ए सेक्टर

हमीदिया अस्पताल की दो तस्वीरें: देखभाल से खुश मरीज की स्टाफ के साथ सेल्फी, दूसरी योद्धाओं की परेशानी कर रही बयां
डॉक्टरों के साथ सेल्फी भेजकर घरवालों को बताते हैं चिंता मत करो यहां इलाज के साथ हो रही अच्छी देखभाल

  • पीपीई किट में गर्मी से हुई थकान तो थोडी देर किया कुर्सी पर आराम, फिर करने लगे अपना काम

गुरूवार को शहर के सबसे बडे कोविड अस्पताल में तब्दील हो चुके हमीदिया चिकित्सालय से दो तस्वीरें सामने आईं। जहां कोविड वार्ड में भर्ती एक मरीज बीते दो दिन से ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर्स के साथ सेल्फी लेकर अपने परिवार जनों को भेजता है। कोविड वार्ड के डॉक्टरों ने बताया कि ये मरीज पॉजिटिव आने के बाद हमीदिया अस्पताल में आने से डर रहा था। लेकिन अस्पताल में आने के बाद स्टाफ ने उसका न केवल डर दूर किया बल्कि उसे परिवारिक माहौल दिया। इस वजह से वह एचडीयू डॉक्टर्स के साथ सेल्फी लेकर अपने परिवार को भेजकर ये कहता है कि मेरा इलाज और देखभाल अच्छे से हो रही है।

वहीं गुरूवार को हमीदिया के कोविड वन ब्लॉक में चौथे मंजिल पर एक कर्मचारी पीपीई किट में गर्मी के कारण परेशान हो गया। उसके साथियों ने उसे कुर्सिंयों पर लिटा दिया। थोडी देर आराम करने के बाद वह नर्सिंग कर्मचारी अपने काम में लग गया। जूनियर डॉक्टरों की मानें तो मरीजों का दबाव और गर्मी के कारण मानसिक और शारीरिक तनाव बढ़ रहा है।

रेमेडेसिवर लगाया नहीं फिर भी बिल में जोडा शुल्क, अस्पताल में परिजनों ने किया हंगामा

  • अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को नकारा, बोले बिल का भुगतान मांगा तो परिवारजन कर रहे विवाद

रेमेडेसिवर इंजेक्शन को लेकर प्रदेश भर में बड़ी मारामारी हो रही है। दवा बाजार में दस गुना ज्यादा दाम पर ब्लैक में ये इंजेक्शन बेचा जा रहा है। अब इस इंजेक्शन को लेकर विवाद भी होने लगे हैं। गुरूवार को एक निजी अस्पताल में रेमेडेसिवर इंजेक्शन का बिल अदा करने पर विवाद हो गया। मरीज के परिवार का आरोप है कि तीन दिन से भर्ती उनके मरीज को रेमेडेसिवर इंजेक्शन लगाए बिना उनसे उसका बिल चुकाने को कहा जा रहा है। विवाद बढ़ा तो ूमौके पर एसडीएम पहुंचे जहां उनकी समझाईश के बाद जैसे तैसे मामला ठंडा हुआ। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि बिल चुकाने की बात आई तो परिवारजन हंगामा कर विवाद कर रहे हैं।

ये है मामला

राजधानी के होशंगाबाद रोड स्थित निर्मल प्रेम मल्टी स्पेश्ििलटी अस्पताल में कोलार रोड निवासी जेके ठाकुर को तीन दिन पहले भर्ती किया गया था। उनकी बेटी पूजा ने बताया कि उनके पिता कोरोना पॉजिटिव हैं लेकिन उन्हें तीन दिनों में ये कभी नहीं बताया कि रेमेडिसिवर इंजेक्शन लगाना है। गुरूवार को जब वे अस्पताल पहुंचे तो बिल

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