Home भोपाल जेपी अस्पताल के कोविड आईसीयू में आपातकालीन द्वार बनाना भूले इंजीनियर

जेपी अस्पताल के कोविड आईसीयू में आपातकालीन द्वार बनाना भूले इंजीनियर

9
0
  • अस्पतालों में आगजनी की बढ़ती घटनाओं से बढ़ी चिंता

भोपाल। रविवार को उज्जैन के एक निजी अस्पताल में आगजनी बड़ी घटना सामने आई। जिस वक्त अस्पताल में आग लगी उस वक्त अस्पताल में 80 से ज्यादा मरीज भर्ती थे। जैसे तैसे दमकलों ने आग पर काबू पाया। लेकिन उज्जैन के अस्पताल में हुए अग्किांड से प्रदेश भर के सरकारी व निजी अस्पतालों की बनावट और आपातकालीन स्थिति में निपटने के इंतजामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि कई अस्पतालों में आगजनी के दौरान जनहानि को रोकने के लिए व्यवस्थाएं नहीं हैं। पिछले साल भोपाल सहित प्रदेश के कई जिला अस्पतालों में बनाए गए कोविड आईसीयू में इंजीनियर्स आपातकालीन द्वार बनाना ही भूल गए। ऐसे में यदि कोई आग लगने की घटना हुई तो मरीजों को सुरक्षित निकालने के लिए कोई दूसरा रास्ता नहीं मिलेगा।

एसएनसीयू में बनाए गए थे आपातकालीन द्वार

बीते कुछ साल पहले भोपाल के जेपी अस्पताल में नवजात बच्चों के लिए बनाए गए एसएनसीयू वार्ड में आपातकालीन द्वार अलग से बनवाया गया था। लेकिन 16 बिस्तरों के कोविड वार्ड में स्वास्थ्य विभाग की सिविल शाखा के जिम्मेदारों ने डिजाइन में इमरजेंसी द्वार नहीं बनाया। ये खामी अकेले भोपाल के जेपी अस्पताल में ही नहीं बल्कि पूरे प्रदेश भर में बनाए गए कोविड आईसीयू में है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here