साढ़े आठ लाख अदिवासी परिवारों को घर बैठे मिलेगा राशन

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  • मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना
  • फरवरी तक सभी 7511 गांव जुड़ेंगे योजना से


भोपाल। मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना में सभी आदिवासी विकास खंडों के 7511 गांव फरवरी तक जुड़ जाएंगे। इसके तहत साढ़े आठ लाख से अधिक परिवारों को उनके गांव में भी राशन मिल सकेगा। इसके परिवहन का दायित्व भी आदिवासी वर्ग के युवाओं को सौंपा गया है।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंस द्वारा योजना के हितग्राहियों और वाहन से हितग्राहियों तक राशन सामग्री पहुँचाने वाले जनजाति वर्ग के युवाओं से संवाद किया। इस संवाद में जहाँ हितग्राहियों ने योजना को बहुत उपयोगी बताया, वहीं युवा वाहन संचालकों ने कहा कि उन्हें सरकार से मार्जिन मनी और बैंक ऋण मिल जाने से रोजगार मिल गया है। हितग्राहियों और वाहन संचालकों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान का हृदय से आभार व्यक्त किया।

बैठक में बताया गया कि उक्त योजना में प्रति माह 19652 मीट्रिक टन खाद्यान्न बांटा जाएगा। इसका वितरण पीओएस मशीनों के माध्यम से होगा। इससे राशन की कालाबाजारी की कोई संभावना ही नहीं होगी। इस तरह,प्रत्येक हितग्राही परिवार को उसके गांव में ही अनाज मुहैया होगा। योजना का विस्तार प्रति माह होगा। इसके लिए प्रदेश को पौने पांच सौ सेक्टर में बांटा गया है।

राशन परिवहन का जिम्मा आदिवासी युवाओं को

राशन संबंधित गांव तक पहुंचाने का जिम्मा आदिवासी युवाओं को ही सौंपा गया है। इसके लिए अब तक 267 युवाओं का चयन किया गया है। इन्हें वाहन खरीदने के लिए बैंक से ऋण मुहैया कराया जाएगा। ऐसे सवा सौ हितग्राही अब तक अपने वाहनों का चयन भी कर चुके हैं व 29 के प्रकरण बैंक ने मंजूर भी कर दिए हैं।

इन जिलों में लागू है योजना

योजना में अनूपपुर, बैतूल, सिवनी, रतलामए, बालाघाट, बड़वानी, छिन्दवाड़ा, धार, डिंडौरी, होशंगाबाद, झाबुआ, मंडला, शहडोल, सीधी, उमरिया, श्योपुर, बुरहानपुर, अलीराजपुर, खण्डवा और खरगौन जिले शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि जनजातीय बहुल विकास खंडों के ग्रामों में लोगों तक राशन सामग्री पहुँचाने से समय, ऊर्जा और धन की बचत होगी। इस नाते मुख्यमंत्री राशन आपके ग्राम योजना इन क्षेत्रों के लिए वरदान से कम नहीं है।

अम्मा ने दी प्रेरणा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा है कि इस योजना की प्रेरणा एक अम्मा से मिली। जिन्होंने अपनी वृद्धावस्था का हवाला देते हुए वर्तमान राशन वितरण व्यवस्था में आने वाली दिक्कतों का जिक्र किया। उनकी बात सुनने के बाद मैंने तय किया कि इस तरह की योजना जरूर लाएँगे, जो वृद्ध और असहाय लोगों को उनके गाँव और मोहल्ले तक खाद्यान्न पहुँचा दे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि योजना प्रारंभ करने की प्रेरणा जनता के बीच से ही प्राप्त हो जाती है। एक मजदूर भाई ने भी उस वृद्धा की तरह अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए बताया था कि राशन लेने के लिए मुझे दूसरे गाँव जाने पर मजदूरी छोड़कर जाना पड़ता है, जिससे राशन महंगा पड़ता है।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण भाइयों-बहनों की इन दिक्कतों पर विचार करने के बाद इस योजना को प्रारंभ करने का निश्चय किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि वास्तव में यह बहुत आनंद का क्षण है। योजना प्रारंभ हुई है और अब गाँव में ही गाड़ी राशन पहुँचाएगी। मेरी बहनें खुश हो गईं तो मेरी जिंदगी सफ ल हो गई।

मार्च तक मिलेगा मुफ्त अनाज

श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुफ्त अनाज दिए जाने वाली प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की अवधि को अब 31 मार्च तक बढ़ा दिया है। फलस्वरूप,आने वाले महीनों में भी संबंधित हितग्राहियों को पाँच किलो गेंहूँ या चावल नि:शुल्क एवं अतिरिक्त मिलेगा।

योजना पर हर साल खर्च होंगे 14 करोड़ रुपए

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 20 जिलों के 89 विकास खण्डों में लागू योजना में से चयनित तीन जिलों के कुछ हितग्राहियों से आज संवाद किया। योजना में वाहन को कस्टमाइज किया गया है। प्रमुख रूप से वाहन में बैठक व्यवस्था, माइक, पंखा, लाइट और सामग्री की सुरक्षा की व्यवस्था की गई है। इस वाहन पर शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं का प्रचार-प्रसार भी किया गया है।

योजना के नियमित संचालन के लिए सालाना 14 करोड़ रूपये का खचज़् अनुमानित है। योजना में चयनित हितग्राहियों को रियायती ब्याज दर 7.40 प्रतिशत से बैंक ऋ ण उपलब्ध करवाया गया है। वाहन खरीदने के लिए एक टन क्षमता के वाहन के लिए 2 लाख और एक टन से अधिक क्षमता के लिए वाहन 3 लाख प्रति वाहन के मान से 10 करोड़ रूपये की मार्जिन मनी जनजातीय कार्य विभाग ने उपलब्ध करवाई है।

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