Home भोपाल कोरोना संक्रमित गर्भवती का बिना डॉक्टर की सलाह के न करें इलाज

कोरोना संक्रमित गर्भवती का बिना डॉक्टर की सलाह के न करें इलाज

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  • गर्भावस्था में 6 मिनट चलने पर सांस फूले या ऑक्सीजन लेवल 3 फीसदी से कम हो तो डॉक्टर को दिखाएं
  • कोरोना संकट के दौरान अस्पतालों में जन्मे 11 लाख 44 हजार बच्चे, 1.44 लाख सिजेरियन प्रसव हुए


भोपाल। कोरोना के संक्रमण की दूसरी लहर अब उतार की ओर है लेकिन तीसरी लहर में बच्चों को ज्यादा खतरे की संभावना जताई जा रही है। अप्रैल महीने में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान आए दिन गर्भवती महिलाएं संक्रमण का शिकार होतीं रहीं हैं। बीते एक साल में प्रदेश भर में करीब 11 लाख 44 हजार प्रसव अस्पतालों में हुए हैं। इनमें से 1 लाख 44 हजार प्रसव सिजेरियन पद्वति से कराए गए। डॉक्टरों की मानें तो अप्रैल के महीने में हर दूसरे दिन करीब 50 से ज्यादा कोरोना संक्रमित गर्भवती महिलाओं के प्रसव अस्पतालों में कराए गए। गर्भावस्था के दौरान समय से डॉक्टर की सलाह न लेने के कारण कई गर्भवती महिलाएं गंभीर अवस्था में अस्पताल पहुंची और उनके ऑपरेशन से सिजेरियन प्रसव कराने पड़े। ऐसे में स्त्री रोग विशेषज्ञों ने कुछ महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं।

कदमों से करें सेहत की निगरानी

सुल्तानियां अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. वरूणा पाठक कहतीं हैं कि वैसे तो कोरोना संकट में गर्भधारण से बचना चाहिए। लेकिन यदि फिर भी कोई गर्भवती कोरोना संक्रमित हो जाए तो उसे घर पर इलाज देने के बजाए तुरंत स्त्री रोग विशेषज्ञ को दिखाना चाहिए। कोरोना संक्रमित को हाईरिस्क गर्भवती माना जाता है। 6 मिनट चलने पर यदि गर्भवती महिला की सांस फूलने लगे या ऑक्सीजन लेवल 3 फीसदी नीचे आ जाए तो उसे डॉक्टर की सलाह लेकर अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए। ऑक्सीजन लेवल 94 फीसदी से नीचे होने लगे तो भी बिना देर किए अस्पताल में भर्ती कराना चाहिए।

एब्डोमिनल शीट लगाकर करा सकते हैं सीटी स्कैन और एक्सरे

कोरोना संक्रमण की शिकार गर्भवती महिलाओं में यदि गंभीर लक्षण दिखते हैं और डॉक्टर सीटी स्कैन, एक्सरे कराने की सलाह देते हैं तो घबराने की जरूरत नहीं। एब्डोमिनल शील्ड लगाकर सीटी स्कैन और एक्सरे कराया जाता है इससे गर्भस्थ शिशु को रेडिएशन का खतरा नहीं रहता।

नवजात शिशु को मास्क लगाकर स्तनपान करा सकतीं हैं माताएं

स्त्री रोग विशेषज्ञों के मुताबिक कोरोना संक्रमित महिला प्रसव के बाद हाथों को साफ करके मास्क लगाकर अपने बच्चे को स्तनपान करा सकतीं हैं। गर्भवती महिलाओं को कोरोना की वैक्सीन प्राथमिकता से लगवानी चाहिए।


साल 2020-21 में हुए इन जिलों में सबसे ज्यादा संस्थागत प्रसव हुए


जिला संस्थागत प्रसव

इंदौर 51324
रीवा 39226
मुरैना 38443
भोपाल 36091
सबसे कम प्रसव वाले जिले
जिला संस्थागत प्रसव
आगर-मालवा 9984
हरदा 8209
दतिया 9778
अनूपपुर 9827
नीमच 11126
मप्र 1144971

यहां हुई सबसे ज्यादा सिजेरियन डिलेवरी
जिला सिजेरियन
भोपाल 14135
इंदौर 13814
ग्वालियर 8203
जबलपुर 7978
बालाघाट 6018

इन जिलों में सबसे कम सिजेरियन प्रसव हुए
जिला सिजेरियन प्रसव
अलीराजपुर 30
डिंडोरी 200
उमरिया 293
अशोकनगर 446
झाबुआ 450
कुल 144873

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