Home भोपाल प्रदेश में सेना के अस्पतालों में होगा कोरोना मरीजों का इलाज

प्रदेश में सेना के अस्पतालों में होगा कोरोना मरीजों का इलाज

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  • मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री से की बात, सेना के अधिकारियों से मिले
  • इंदौर की तरह भोपाल, जबलपुर में बनेगा दो हजार बिस्तर का कोविड सेंटर
  • गरीबों को तीन महीने का राशन मुफ्त में देगी राज्य सरकार


भोपाल। प्रदेश में भयावह होते जा रहे कोरोना संक्रमण में प्रदेश के लोगों की मदद करने भारतीय सेना तैयार हो गई है। वहीं प्रधानमंत्री ने ऑक्सीजनन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता सुनिश्चित करने का आश्वासन प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को दिया है। आज सुबह मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात कर प्रदेश में कोरोना संक्रमण की जानकारी देते हुए ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की पर्याप्त उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को मदद का आश्वासन दिया है। मुख्यमंत्री ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी आज सुबह फोन पर बात कर प्रदेश में सेना के अस्पतालों व आईसोलेशन केंद्रों में कोरोना मरीजों के इलाज का आग्रह किया। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सेना के अस्पतालों में प्रदेश की जनता को इलाज करने की सहमति दे दी है। इसके बाद सेना के अधिकारी मुख्यमंत्री से मिले।

आर्मी के अस्पतालों में मिलेंगे 330 बेड


भोपाल स्थित सुदर्शन कोर कमांडर अतुल्य सोलंकी व ब्रिगेडियर आशुतोष शुक्ला ने मुख्यमंत्री श्री चौहान से मिलने पहुंचे और बताया कि भोपाल में 150, जबलपुर में 100, सागर में 40 और ग्वालियर में 40 बेड की व्यवस्था की जाएगी। सेना के अधिकारियों ने मरीजों की देखभाल के लिए पैरामेडिकल स्टाफ उपलब्ध कराने के लिए भी आश्वस्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आवश्यकता हुई तो सेना द्वारा संचालित इन आइसोलेशन केन्द्रों में मध्यप्रेदश शासन आइसोलेटेड रोगियों के लिए ऑक्सीजन व्यवस्था भी उपलब्ध करवाएगा। भोपाल स्थित आइसोलेशन केंद्र के लिए ऑक्सीजन लाइन भी स्थापित की जा सकती है। इससे गंभीर स्थिति होने पर आइसोलेटेड रोगी को आवश्यक उपचार मिल सकेगा।

कलेक्टरों को कोविड सेंटर बनाने की छूट

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्रीय संस्थानों, रेलवे और सुरक्षा संस्थानों सहित अन्य अस्पतालों में कोरोना मरीजों को भर्ती किया जाएगा। इसको लेकर प्रदेश के सभी कलेक्टरों को केंद्रीय संस्थानों के प्रबंधन से बात करने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिले में आवश्यकता के अनुसार जितने भी कोविड केयर सेंटर खोलने की जरूरत है, तैयारी के साथ शुरू करें। सरकार की तरफ से इस काम के लिए उन्हें पूरी छूट दी जा रही है।

भोपाल, जबलपुर व ग्वालियर में खुलेंगे 2000 बेड के अस्पताल

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के बड़े महानगरों में सरकार, स्वयंसेवी संस्थाओं की मदद से 2000 बेड का अस्पताल खोलेगी। उन्होंने कहा कि इंदौर के राधा स्वामी सत्संग न्यास के 2 हजार बेड के अस्पताल जैसा प्रयोग भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर सहित अन्य बड़े शहरों में होगा। उन्होंने बताया कि इंदौर के अस्पतालों में बेडों की संख्या 2 हजार से बढ़ाकर 6 हजार करने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने सोमवार दोपहर कलेक्टर्स से वीडियो कांफ्रेसिंग को लेकर बैठक की और प्रदेश के गरीबों को तीन महीने का मुफ्त राशन देने का निर्णय लिया है।

12,897 नए संक्रमित मिले, 79 मौतें
प्रदेश में एक्टिव केस 75 हजार के करीब

भोपाल प्रदेश कोरोना कफ्र्यू व अन्य पाबंदियों के बावजूद कोरोना संक्रमण की रफ्तार नहीं थम रही है। बीते चौबीस घंटै में 12,897 नए संक्रमित मिले हैं, वहीं 79 लोगों की मौत भी कोरोना से हुई है। भोपाल में एक सप्ताह में 10,310 लोग संक्रमित हुए, जबकि इंदौर में यह संख्या 10,029 रही। यही वजह है कि भोपाल और इंदौर देश के सबसे ज्यादा संक्रमित 10 जिलों में शामिल हैं।

रिकवरी में भोपाल आगे

स्वस्थ होने वाले मरीजों के आंकड़ों के अनुसार भोपाल में इंदौर से ज्यादा मरीज स्वस्थ हो रहे हैं। पिछले सप्ताह भोपाल में 6,810 मरीजों ने कोरोना की जंग जीती, जबकि इंदौर में 6,588 मरीज स्वस्थ हुए। अगर प्रदेश का अंकड़ा देखें तो स्वस्थ होने वाले मरीजों की तुलना में नए संक्रमितों की संख्या दो गुना से भी ज्यादा है। इस दौरान 35,951 लोगों ने कोरोना को हराया, लेकिन 67,345 नए लोग इसकी चपेट में आए।

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