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कमिश्नर-कलेक्टर, आईजी-एसपी कांफे्रंस : नहीं चलेगी व्हॉटसऐप पुलिसिंग, माफिया की कसें नकेल: शिवराज

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  • स्वदेश ब्यूरो, भोपाल।

सोमवार को मैदानी आला अधिकारियों संग आयोजित कांफे्रंस में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने पुलिस अधिकारियों की भी जमकर खबर ली। उन्होंने कहा कि यह व्हाट्सएप पुलिसिंग बंद कर सामुदायिक पुलिसिंग पर ध्यान दें। मुखबिर तंत्र को ग्राम स्तर तक मजबूत किया जाए और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर रोक सख्ती से लगाई जाए।

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि पुलिस अधिकारी क्षेत्र के दौरे और थानों के निरीक्षण करें। थानों पर शांति समिति की बैठकें और सामुदायिक पुलिसिंग की अवधारणा का क्रियान्वयन अनिवार्यत: हो। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि यह वॉटसएप पुलिसिंग नहीं चलेगी।हमारा लक्ष्य जनता को राहत देना है। राशन की कालाबाजारी को शून्य करना, मिलावट को रोकना और चिटफंड कम्पनियों पर नियंत्रण भी आवश्यक है।

महिला थानों के कामकाज की भी करें समीक्षा

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अनुसूचित जाति-जनजाति और कमजोर तबके पर अत्याचार के संबंध में सजग रहने की आवश्यकता है। इस दिशा में कलेक्टर, एस.पी. अतिरिक्त सावधानी बरतें। यह छवि होनी चाहिए कि गलती करने वालों को पुलिस नहीं छोड़ेगी।श्री चौहान ने सूदखोरों द्वारा ऊँची दर पर ब्याज वसूलने के मामले में अनूपपुर एस.पी. द्वारा की गई कार्यवाही की प्रशंसा की।श्री चौहान ने कहा कि महिला अपराधों को रोकने के लिए पुलिस को और अधिक संवदेनशील होने की आवश्यकता है।

छेड़छाड़ के मामलों पर सख्त कार्यवाही हो। प्रदेश में 700 थानों में महिला हेल्प डेस्क की स्थापना की गई है। प्रदेश में 52 महिला थाने स्थापित किए गए हैं। इनके कार्य का मूल्यांकन कराया जाए। साथ ही महिला थाने मानव तस्करी रोधी इकाई के रूप में कार्य करें। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गुम अवयस्क बालक-बालिकाओं को ढूँढने के लिए ऑपरेशन मुस्कान में पुलिस को सघन प्रयास करने की आवश्यकता है।

अवैध खनन में लगे वाहनों को करें राजसात

श्री चौहान ने कहा कि अवैध खनन करने वालों के विरूद्ध सख्त कार्यवाही आवश्यक है। अवैध खनन में लगे लोगों के वाहन राजसात कर नीलाम करने से ही नियंत्रण संभव होगा। मात्र जुर्माना लगाने से अवैध खनन पर नियंत्रण नहीं पाया जा सकता। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को निर्देशित किया कि कमजोर परफार्मेंस वालों के सर्विस रिकॉर्ड में संबंधित टीप अंकित करें और उत्कृष्ट सेवाओं वालों को प्रदेश के आगामी स्थापना दिवस पर सम्मानित किया जाए।

‘मुझे क्या लेना-देना’ का भाव छोड़ें कलेक्टर

इससे पहले कमिश्नर-कलेक्टर संग आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया प्रबंधन की समीक्षा करते हुए कहा कि कलेक्टर ‘मुझे क्या लेना-देना का भाव छोड़कर सोशल मीडिया पर सक्रिय हों। मुख्यालय स्तर से भी इस संबंध में आवश्यक सहयोग व समर्थन उपलब्ध कराने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया गुड गवर्नेंस का प्रभावी साधन है।

जनता अपनी समस्याएँ सोशल मीडिया पर सरलता से रख सकती है। इस आधार पर समस्याओं का समाधान होना जनता के लिए बड़ी राहत है। साथ ही जिला प्रशासन अपने अच्छे कार्यों को सोशल मीडिया के माध्यम से जनता तक पहुँचा सकता है। भ्रामक खबरों का रियल टाइम खण्डन भी इससे सुनिश्चित होता है। अत: शासन-प्रशासन के लिए जनता से संवाद का यह प्रभावी माध्यम है। श्री चौहान ने कहा कि अनुकम्पा नियुक्ति के प्रकरणों में विलंब न हो। परिवार के पात्र सदस्य को जल्द नियुक्ति देना आवश्यक है। इसके लिए निश्चित व्यवस्था स्थापित की जाए।

आयुक्त जनसंपर्क ने दिया प्रस्तुतिकरण

कॉन्फ्रेंस में विभिन्न संभागों और जिलों की ट्वीटर और फेसबुक पर सक्रियता के संबंध में आयुक्त जनसंपर्क डॉ. सुदाम खाड़े द्वारा प्रस्तुतिकरण दिया गया। रीवा, दमोह, सागर, जिला प्रशासन द्वारा किए गए विशेष कायोज़्ं, अन्य जिलों द्वारा चलाई गई स्पेशल कैम्पेन के साथ ही क्राइसिस मैनेजमेंट, भ्रामक जानकारियों का खण्डन करने में सोशल मीडिया की भूमिका की जिलावार जानकारी दी गई। प्रस्तुतिकरण में बताया गया कि शहडोल, खरगेन, रतलाम आदि जिलों ने सोशल मीडिया पर जानकारी आने के परिणामस्वरूप त्वरित रूप से कार्यवाही करते हुए लोगों को राहत पहुँचाई।

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