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मुख्यमंत्री ने की अटल प्रोग्रेस व नर्मदा एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की समीक्षा, इटारसी, कीरतपुर लॉजिस्टिक व वेयरहाउस हब के रूप में होंगे विकसित

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  • चंबल के तीन जिलों से गुजरेगा अटल प्रोग्रेस-वे
  • जमीन के बदले जमीन दे कर होगा निजी भूमि का अधिग्रहण

स्वदेश ब्यूरो, भोपाल।

नर्मदांचल में प्रस्तावित एक हजार किमी लंबे नर्मदा एक्सप्रेस-वे परियोजना के मद्देनजर होशंगाबाद जिले के इटारसी और कीरतपुर को लॉजिस्टिक एवं वेयरहाउस हब के रूप में विकसित किया जाएगा।

उक्ताशय की जानकारी बुधवार को चंबल के अटल प्रोगे्रस एवं नर्मदा एक्सप्रेस-वे परियोजनाओं की समीक्षा बैठक में दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। लोक निर्माण विभाग के मंत्री गोपाल भार्गव बैठक में वर्चुअल उपस्थित रहे। बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों ही परियोजनाओं के लिए अधिकाधिक शासकीय भूमि का उपयोग करें। वहीं निजी जमीन के मामले में भूमि के बदले भूमि देने को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं को गति देने वह केंद्र स्तर पर चर्चा करेंगे।

होगा नगरीय क्षेत्रों का विकास

मुख्यमंत्री ने बताया कि नर्मदा और चंबल एक्सप्रेस-वे से न सिर्फ नगरीय क्षेत्रों का विकास होगा बल्कि दूरगामी निवेश भी होगा। सड़क के दोनों ओर आर्थिक गतिविधियां बढ़ेंगी, जिससे अर्थव्यवस्था में तेजी आएगी। रोजगार के अवसर पैदा होंगे। परियोजनाओं को गति देने के लिए भूमि अधिग्रहण तेजी से साथ पूरा किया जाए। शासकीय भूमि का अधिक से अधिक उपयोग होना चाहिए। निजी भूमि अधिग्रहण की स्थिति में भूमि के बदले भूमि देने को प्राथमिकता दी जाए। अटल प्रोगेस-वे के निर्माण में घडिय़ाल अभयारण्य को सुरक्षित रखा जाए।

भारत माला परियोजना में होगा शामिल

बैठक में बताया गया कि अटल प्रोग्रेस वे को भारत माला परियोजना में शामिल किया जाएगा। भारतीय सड़क विकास प्राधिकरण ने इसकी मंजूरी दे दी है। शीघ्र ही इसकी अधिसूचना जारी की जाएगी।

अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, करीब 6,742 करोड़ रुपये की लागत वाला 312 किमी.लंबा अटल प्रोग्रेस-वे भिंड, मुरैना तथा श्योपुर जिले के 153 गांव से गुजरेगा। भिंड में लॉजिस्टिक हब, मुरैना में मल्टी प्रोडक्ट औद्योगिक क्षेत्र स्थापित करने और श्योपुर में कृषि आधारित गतिविधियों को प्रोत्साहित करने की योजना है। परियोजना के लिए 3,055 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता है। इसमें 1,523 हेक्टेयर भूमि शासकीय, 1,248 हेक्टेयर भूमि निजी और 284 हेक्टेयर वन भूमि है। वन भूमि को लेकर प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा जा रहा है। जबकि, निजी भूमि आपसी सहमति के आधार पर लेने के प्रयास किए जा रहे हैं।

एक हजार किलोमीटर लंबा रहेगा नर्मदा एक्सप्रेस-वे

बैठक में बताया गया कि नर्मदा एक्सप्रेस वे एक हजार किलोमीटर लंबा होगा। इसके निर्माण पर 2,696 करोड़ रुपए खर्च होने की संभावना है। प्रदेश के विभिन्न जिलों के जिला मार्ग, राज्य मार्ग और राष्ट्रीय राज मार्ग को मिलाकर एक्सप्रेस-वे विकसित किया जाएगा। मोहासा-बाबई में फ ार्मा और मल्टी प्रोडक्ट पर केंद्रित पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इसका विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार कराया जा रहा है।

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