Home भोपाल सभी दवा निर्माताओं को वैक्सीन बनाने का अधिकार दे केंद्र

सभी दवा निर्माताओं को वैक्सीन बनाने का अधिकार दे केंद्र

15
0
  • स्वदेशी जागरण मंच चला रहा यूनिवर्सल एक्सेस टू वैक्सीन्स एंड मेडिसिन्स (युवम) नाम से अभियान

स्वदेश संवाददाता। भोपाल


स्वदेशी जागरण मंच, भोपाल द्वारा कोरोना के टीकों व दवाओं को पेटेंट मुक्त कर इनकी टेक्नालॉजी के हस्तांतरण के लिए यूनिवर्सल एक्सेस टू वैक्सीन्स एंड मेडिसिन्स अर्थात युवम के नाम अभियान चल रहा है। इसमें ऑनलाइन हस्ताक्षर अभियान सहित वेबिनार, गोष्ठियों, प्रदर्शन और संपर्क प्रचार की प्रक्रिया चल रही है। डिजिटल हस्ताक्षर अभियान में अभी तक लगभग साढ़े 5 लाख लोग इस याचिका पर हस्ताक्षर कर चुके हैं। 28 मई 2021 को इस संबंध में एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का भी कुछ विश्वविद्यालयों भारतीय विश्वविद्यालय संघ द्वारा आयोजन किया गया था। इस बारे में मंगलवार को एक वर्चुअल प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया को जानकारी दी गई।

बड़ी कंपनियां स्वेच्छा से प्रौद्योगिकी हस्तांतरण करें

स्वदेशी जागरण मंच ने सरकार से मांग की है कि पेटेंट धारकों से इतर भी अन्य सभी दवा निर्माताओं को वैक्सीन व दवाइयां को बनाने का अधिकार दिया जाना चाहिए। उत्पादन सामग्री की उपलब्धता के लिए सभी उन्हें प्रोत्साहन दिया जाना चाहिए। विश्व व्यापार संगठन, बौद्धिक संपदा अधिकार के प्रावधानों में छूट दिया जाना चाहिए। वैश्विक दवा निर्माता और वैक्सीन निर्माता कपनियां स्वेच्छा से अन्य निर्माताओं को प्रौद्योगिकी हस्तांतरण सहित पेटेंट मुक्त अधिकार दें। वैक्सीन और दवाओं की वैश्विक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए देश के सभी नागरिक, संबंधित व्यक्ति और संगठन बढ़-चढक़र आगे आएं।

सरकारों से किया आग्रह

विश्व व्यापार संगठन, सहित विश्व की सभी सरकारों से दृढ़तापूर्वक मंच ने आग्रह किया है कि टीकों के उत्पादन को बढ़ाने के लिए सभी संभावित निर्माताओं के लिए व्यापार रहस्य सहित टीकों के प्रौद्योगिकी हस्तांतरण,कच्चे माल की उपलब्धता,व्यापार रहस्य सहित सभी सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, रेमेडीसविर, फेविरेसीर, टोसीलुजुमाब और अन्य आवश्यक दवाओं के उत्पादन और मोलनुपीरविर जैसी नई दवाओं का प्रचुरता से उत्पादन सुनिश्चित किया जाए, वैश्विक स्तर पर वैक्सीन और दवाईयों के पर्याप्त उत्पादन के साथ- साथ इनके मूल्यों पर प्रभावी नियंत्रण भी आवश्यक है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here