Home भोपाल नई बार लायसेंस व्यवस्था नीति को मिली कैबिनेट की मंजूर: होटल, बार...

नई बार लायसेंस व्यवस्था नीति को मिली कैबिनेट की मंजूर: होटल, बार के पार्क में भी रात दो बजे तक परोसी जा सकेगी शराब

71
0
  • इस साल नहीं बढ़ेगी फीस, नवीनीकरण भी कलेक्टर स्तर पर होगा
  • तीन सितारा होटलों को मिल सकेगा एक मुश्त 3 साल का लायसेंस
  • भांग दुकानों का वार्षिक मूल्य 10 प्रतिशत बढ़ेगा।

स्वदेश ब्यूरो, भोपाल

प्रदेश के होटलों में बार के साथ-साथ परिसर के पार्क में भी शराब परोस सकेंगे। इस अतिरिक्त सुविधा के लिए एक बार में 10 हजार रुपये अतिरिक्त फ ीस देना होगी। रेस्टोरेंट, होटल, रिसोर्ट व क्लब बार सशर्त रात दो बजे तक खुले रहे सकते हैं। इसके लिए प्रतिदिन पांच हजार रुपये अतिरिक्त शुल्क देना होगा। बार लायसेंस फ ीस वर्ष 2021-22 में नहीं बढ़ाई जाएगी। भांग की दुकानों के वार्षिक मूल्य में दस प्रतिशत की वृद्धि की गई है। तीन सितारा से ऊपर और पर्यटन विकास निगम की होटलों को बार लायसेंस एकमुश्त तीन साल के लिए दिया जा सकेगा। इसके लिए स्थल निरीक्षण भी नहीं किया जाएगा।

भांग दुकान, विनिर्माण इकाइयों के साथ बार लायसेंस व्यवस्था की नीति को आज राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने की। इसकी जानकारी देते हुए चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग ने बताया कि इस साल भांग की दुकानों का वार्षिक मूल्य दस प्रतिशत बढ़ेगा। जिन दुकानों का नवीनीकरण नहीं होगा, उन्हें टेंडर के माध्यम से नीलाम किया जाएगा। व्यावसायिक क्लब बार लायसेंस की श्रेणी समाप्त की जाएगी। बार को अतिरिक्त समय तक संचालित करने की अनुमति कलेक्टर देंगे और यह उनके विवेक पर निर्भर करेगा कि वे वर्ष में अधिकतम आठ बार यह मंजूरी दे सकेंगे। बार लायसेंसों का नवीनीकरण अब कलेक्टर के स्तर पर होगा। अभी तक नवीनीकरण आयुक्त कार्यालय के स्तर पर होता था।

बार संचालक कर सकेंगे दोगुना भंडारण

बार संचालक अब मदिरा का दोगुना भंडारण कर सकेंगे। वहीं, शराब निर्माता इकाइयों को लायसेंस नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। लायसेंस फ ीस का ऑनलाइन भुगतान करके अब सिर्फ यह घोषणा पत्र देना होगा कि उनके संयंत्र की क्षमता या अधोसंरचना में कोई परिवर्तन नहीं किया गया है। इसके आधार पर लायसेंस का नवीनीकरण मान्य हो जाएगा।

स्पिरिट परिवहन वाले टैंकरों में लगेंगे ई-लॉक, जीपीएस

शराब फैक्टरियों से स्पिरिट परिवहन करने वाले सभी टैंकरों में इलेक्ट्रॉनिक लॉक विद जीपीएस का उपयोग अनिवार्य रहेगा। देसी शराब की आपूर्ति की मौजूदा व्यवस्था आगामी दो माह तक यथावत रहेगी। गौरतलब है,कि मुरैना में अवैध शराब के पीने से हुई 34 लोगों की मौत के मामले में स्पिरिट के अवैध कारोबार की बात सामने आई थी। इसके बाद सेहतगंज रायसेन स्थित सोम डिस्टलरी के मामले का भी खुलासा हुआ। इस कंपनी ने शराब व स्पिरिट भंडारण के लिए आठ टैंक बिना अनुमति अवैध तरीके से तैयार किए। यह मामला राज्य विधानसभा में भी उठा था। इसके बाद ही अवैध व जहरीली शराब का उत्पादन रोकने स्पिरिट उपयोग व परिवहन पर निगाह रखने के रास्ते तलाशे जा रहे थे।

पत्रकार तिवारी, कुलश्रेष्ठ को मिलेगी श्रद्धानिधि

स्वास्थ्यगत कारणों से आर्थिक संकट से जूझ रहे दो वरिष्ठ पत्रकार सुनील तिवारी व नरेंद्र कुलश्रेष्ठ को बुजुर्ग पत्रकारों को दी जाने वाली मासिक श्रद्धानिधि दिया जाएगा। इसके लिए नियमों को शिथिल किया गया है। योजना में संबंधित पत्रकारों को दस हजार रुपए मासिक श्रद्धानिधि दी जाती है। बैठक में लिए गए निर्णय के बाद देर शाम जनसंपर्क विभाग ने इसके आदेश भी जारी किए। दरअसल, कल ही इसे लेकर राजधानी के कुछ पत्रकारों ने मुख्यमंत्री का ध्यान इस ओर आकर्षित किया था। आज की बैठक में उक्त विषय एजेंडा में शामिल नहीं था, लेकिन मुख्यमंत्री ने विशेष पहल कर ये निर्णय लिया। इस त्वरित निर्णय पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा, प्रदेश मीडिया प्रभारी लोकें द्र पाराशर व राजधानी के कई पत्रकार संगठनों व पत्रकारों ने मुख्यमंत्री का आभार जताया है।

कैबिनट के अन्य निर्णय

  • राज्य सहकारी कृषि और ग्रामीण विकास बैंक के ग्वालियर स्थित चार फ्लैट सर्वाधिक बोली लगाने वाले को दिए जाएंगे।
  • राज्य सहकारी अधिकरण के अध्यक्ष के पद को मार्च 2021 से पांच साल के लिए निरंतर रखा जाएगा।
  • जबलपुर शहर में दमोह नाका रानीताल से मदनमहल चौक मेडिकल रोड तक फ्लाय ओवरब्रिज के काम के लिए भूमि अधिग्रहण, सीवर और पेयजल लाइन की शिफ्टिंग का काम राज्य सरकार कराएगी। इसमें 161 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • सागर चिकित्सा महाविद्यालय में वायरल रिसर्च डायग्नोस्टिक लैब की स्थापना के लिए तीन पद सृजित होंगे।
  • शाहपुर दरारिया चनौआ जामघाट घाटई रानगीर ज्वाप मार्ग के निर्माण के लिए 126 करोड़ रुपये की स्वीकृति।
  • तत्कालीन सहायक सत्कार अधिकारी त्योफि ल तिग्गा की संपूर्ण पेंशन रोकने का निर्णय। विशेष न्यायालय द्वारा दंडित किए जाने के फैसले के मद्देनजर संपूर्ण पेंशन रोकने का निर्णय।
Previous articleसतना में पूर्व मंत्री के भाई के फार्म हाउस से तीन करोड़ नकदी व तीन किलो सोने की लूट
Next articleयात्रियों के बिना मास्क मिलने पर बस संचालक होंगे जिम्मेदार

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here