Home भोपाल कोरोना महामारी के तीसरी लहर के आशंका के बीच

कोरोना महामारी के तीसरी लहर के आशंका के बीच

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  • आयुष अस्पतालों ने बढ़ाई ऑक्सीजन वाले बिस्तरों की संख्या

भोपाल। कई राज्यों में बेलगाम कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों ने एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से कोविड-19 मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मध्यप्रदेश सरकार इस पर नजर रखे हुए हैं। कोरोना की तीसरी लहर रोकने के लिए वे तमाम एहतियात के साथ-साथ लोगों को समझाइश भी दे रही है। रात के कफ्र्यू में ढील न देते हुए और सख्ती बढ़ा दी है। कोरोना महामारी के तीसरी लहर के मद्देनजर अस्पतालों में ऑक्सीजन वाले बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जा रही है। सरकार की नजर केवल एलोपेथी चिकित्सा पर ही नहीं है, बल्कि आयुर्वेद अस्पतालों में भी ऑक्सीजन वाले बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जा रही है।

आयुष संचालनालय के उप संचालक डॉ. पीसी शर्मा ने बताया, कि भोपाल और उज्जैन के आयुष अस्पतालों में ऑक्सीजन वाले बिस्तरों की संख्या एलोपैथी विभाग और जिला प्रशासन के सहयोग से बढ़ायी गई है। उन्होंने कहा, कि अभी तक राजधानी के खुशीलाल आयुर्वेद अस्पताल 200 नए ऑक्सीजन वाले बिस्तर तैयार किये गये हैं, वहीं उज्जैन में करीब 70 बिस्तर तैयार है।

लोगों की लापरवाही से तीसरी लहर की संभावना

सावन महीने के सोमवार को मंदिरों में और बाजारों में अपार भीड़ पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा, कि लॉकडाउन जैसे सावधानियां रखकर कोरोना की नई लहरों को आने से रोका जा सकता है। लेकिन अर्थव्यवस्था ठीक करने के लिए हमेशा यह संभव नहीं है। इसलिए लोगों को स्वयं अनुशासित होना होगा। अनलॉक होते ही लोग लापरवाही करने लगते हैं । इसी लापरवाही के चलते देश में दूसरी लहर आई थी।

नि:शुल्क योग कक्ष के एक लाख से अधिक लाभार्थी

कोरोना से बचाव के लिए आयुष विभाग ने अब तक करीब 15 लाख से अधिक लोगों को त्रिकुट चूर्ण नि:शुल्क बांट चुका है। इसके अलावा विभाग ने पोस्ट कोविड वालों के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में नि:शुल्क ऑनलाइन योग कक्ष की व्यवस्था की है। योग के लिए 15 मॉड्यूल तैयार किया गया है। इसमें इण्डियन योग एसोसिएशन के अलावा पातंजलि योग पीठ, आयुष विभाग, श्रीश्री रविश्ंाकर जैसे बड़ी संस्थाओं से विभाग को सहयोग मिल रहा है। अभी तक 3 हजार से अधिक प्रशिक्षकों ने एक लाख पोस्ट कोविड वालों को लाभ पहुंचाया है। जबकि 4 हजार से अधिक प्रतीक्षारत हैं।

डॉ. शर्मा के अनुसार प्रदेश में लॉकडाउन जैसे सावधानियां रखकर कोरोना की नई लहरों को आने से रोका जा सकता है. लेकिन यह हमेशा संभव नहीं होगा। लोग अनलॉक होते ही लापरवाही करने लगते हैं। इससे कोरोना संक्रमण को बढ़ावा मिलता है। पहले अनलॉक के बाद इसी के चलते देश में दूसरी लहर आई थी।

भोपाल के खुशीलाल आयुर्वेद अस्पताल – 200 नए ऑक्सीजन वाले बिस्तर
उज्जैन आयुर्वेदिक अस्पताल – 70 नए ऑसीजन वाले बिस्तर
ऑनलाइन योग के लाभार्थी – एक लाख से अधिक

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