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24 घंटे के ‘स्वास्थ्य आग्रह का समापन: गरीब, मध्यमवर्गीय मरीजों को निजी अस्पतालों में भी मिलेगा मुफ्त इलाज- मुख्यमंत्री

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       कोरोना संक्रमित मरीजों के हित में लिए कई अहम् फैसले- 

             * जांचों की अधिकतम दरें तय,ज्यादा नहीं वसूल पाएंगे निजी चिकित्सालय 
             * रोज 40 हजार संदिग्धों की होगी जांच, रिपोर्ट भी 24घंटे में
             * रेमिडीसीवर इंजेक्शन भी मुफ्त उपलब्ध कराएगी सरकार

स्वदेश ब्यूरो, भोपाल

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना संक्रमित मरीजों के हित में बुधवार को कई महत्वपूर्ण फैसले लिए। इनमें अनुबंधित निजी अस्पतालों में भी कोरोना संक्रमित गरीब, मध्यम वर्गीय मरीजों का मुफ्त इलाज, मास्कों का वितरण, हर जिले में कोविड केयर सेंटर व 720 फीवर क्लीनिक की स्थापना, कोरोना इलाज में कारगर महंगे रेमिडीसिवर इंजेक्शन की मुफ्त उपलब्धता, प्रतिदिन 40 हजार संदिग्धों की कोरोना जांच कर 24 घंटे में इसकी रिपोर्ट देने, होम आइसोलेट मरीजों का इलाज व निगरानी तथा विभिन्न जांचों की तय अधिकतम दरों से अधिक की वसूली पर सख्ती जैसे कदम शामिल हैं।

श्री चौहान ने 24 घंटे चले अपने ‘स्वास्थ्य आग्रह कार्यक्रम के समापन अवसर पर इनकी घोषणा की। इससे पूर्व उक्त कार्यक्रम के दौरान उन्होंने प्रदेश स्तर पर सभी वर्गों के प्रमुख लोगों, धर्मगुरुओं से सीधी बात की व कोरोना से बचाव संबंधी सुझाव लिए एवं मास्क पहनने, सोशल डिसटेंसिंग जैसे जागरूकता कार्यक्रम में सहयोग का आश्वासन भी लिया।

नि:शुल्क इलाज के लिए 15 हजार बिस्तरों की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुफ्त इलाज के लिए निजी अस्पतालों में ही 15 हजार बिस्तरों की व्यवस्था की गई है। चिकित्सालयों में बिस्तरों की मौजूदा संख्या 24 हजार से बढ़ाकर 36 हजार की जा रही है। इसके अलावा प्रदेश में 720 फीवर क्लीनिक संचालित होंगे व 40 हजार संदिग्ध मरीजों की रोज नि:शुल्क रेपिड एंटीजन जांच होगी। जांच रिपोर्ट भी अधिकतम 24 घंटे में मिलेगी। हॉस्पिटल एडमिशन प्रोटोकॉल तैयार कर लागू किया जायेगा। इसका लाभ यह होगा कि हर पात्र मरीज को अस्पताल में दाखिल होने की सुविधा मिलेगी तथा जिन्हें भर्ती होने की आवश्यकता नहीं है वे घर पर ही आइसोलेट रहकर उपचार कर सकेंगे। घर पर आइसोलेट होने वालों से भी वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम व भौतिक रुप से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली जाएगी व निगाह भी रखी जाएगी कि वे कोविड गाइड लाइन का पालन करें। श्री चौहान ने कहा कि आयुषमान भारत योजना के हितग्राहियों का सभी पात्र अस्पतालों में नि:शुल्क इलाज होगा।

जांच दरें तय, निजी अस्पताल करेंगे प्रदर्शित

मुख्यमंत्री ने मीडिया से चर्चा में कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना इलाज के लिए कराई जाने वाली विभिन्न जांचों की अधिकतम दरें भी तय कर दीं है। संबंधित सभी निजी अस्पतालों को अपने संस्थान में इन दरों को सार्वजनिक प्रदर्शन भी करना होगा। तय दरों से अधिक चार्ज करने वाले संस्थानों के विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी।

ये दरें रुपए में इस प्रकार हैं-
जांच का नाम कीमत
सी.टी.स्केन 3000 रुपये
प्रो.कैल्सीटोनिन 1000 रुपये
आई.एल.-6 टेस्ट 1000 रुपये
आरटीपीसीआर 700 रुपये
ए.बी.जी. टेस्ट 600 रुपये
डी-डाईमर टेस्ट 500 रुपये
रेपिड एंटीजन टेस्ट 300 रुपये
सी.आर.पी. टेस्ट 200 रुपये
सीरम फैरिटिन टेस्ट 180 रुपये

यदि घर से सेंपल लेना हो तो उसके लिए सभी श्रेणियों में 200 रुपये अतिरिक्त शुल्क लिया जा सकेगा।

रेमिडीसिवर इंजेक्शन मिलेगा मुफ्त, मास्क वितरण भी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना के उपचार में कारगर रेमिडीसिवर इंजेक्शन सरकार खरीदेगी व गरीब, मध्यम वर्ग के मरीजों के लिए यह नि:शुल्क दिया जाएगा। इसके उपयोग व आपूर्ति के लिए मानक प्रक्रिया व प्रोटोकॉल तय होगा। श्री चौहान ने कहा कि जरुरतमंद गरीबों को मास्क उपलब्ध कराने इसका नि:शुल्क वितरण होगा। इसके लिए स्व-सहायता समूहों को दस लाख मास्क बनाने का आदेश दिया गया है। इस काम में सेवाभावी स्वयंसेवी व सामाजिक संस्थाओं से भी मदद ली जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव की दिशा में काम करने के लिए अब तक 34 हजार कोरोना वॉलेंटियर्स ने अपना पंजीयन कराया है। यह प्रक्रिया निरंतर जारी है। लोग स्वेच्छा से मास्क पहनने के प्रति जागरुकता पैदा करने आगे आ रहे हैं।

अधिक संवेदनशील क्षेत्रों में बनेंगे कंटेनमेंट जोन

श्री चौहान ने दोहराया कि वह लंबे लॉकडाउन के पक्ष में नहीं है, इसलिए फि लहाल रविवार को ही यह संबंधित शहरों में जारी रहेगा। किसी अन्य स्थान पर इसकी आवश्यकता महसूस होने पर संबंधित जिला आपदा प्रबंधन समूह इसका निर्णय ले सकेंगे। अधिक प्रकरण वाले संवेदनशील क्षेत्रों में छोटे कंटेनमेंट जोन बनाकर वहां हालात में सुधार होने तक लॉक डाउन जैसे कदम उठाए जा सकेंगे।

मास्क नहीं पहनने वालों से सख्ती भी जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना से बचाव में मास्क का उपयोग अधिक कारगर है, लेकिन देखा जा रहा है कि बार-बार आग्रह किए जाने, समझाइश देने के बाद भी कई लोग इस मामले में लापरवाही बरत रहे हैं। ऐसे लोगों के साथ सख्ती से पेश आना भी जरूरी है। इसके लिए स्थानीय प्रशासन को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।

ऑक्सीजन की कमी नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के इलाज में ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं है, न ही आने दी जाएगी। सरकार इसकी मांग व आपूर्ती पर पूरी निगाह रखे हुए है। वहीं मास्क, ऑक्सीजन, दवाएँ आदि की कालाबाजारी और अनावश्यक मूल्य वृद्धि को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

छत्तीसगढ़ की यात्री बसों पर भी प्रतिबंध

मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में भी कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए इस राज्य से आने जाने वाली यात्री बसों को भी प्रतिबंधित किया गया है, वहीं महाराष्ट्र से आने जाने वाली यात्री बसों पर भी 15 अप्रैल तक प्रतिबंध रहेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में चलेगा कोरोना जागरुकता अभियान

श्री चौहान ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना संक्रमण न फैले इसके लिए वहां भी वॉलेंटियर, मोहल्ला टोली संगठनों की मदद से जागरुकता अभियान चलाने के साथ ही टीकाकरण की गति को बढ़ाया जाएगा। घर-घर सर्वे कर मरीजों की पहचान कर उनका उपचार कराया जाएगा।

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