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कर्ज में दबे किसान ने उधारी चुकाने से बचने रची थी लूट की फर्जी कहानी, नजीराबाद में मंगलवार रात दर्ज कराया था प्रकरण

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भोपाल। नजीराबाद थाना क्षेत्र स्थित ग्यारह मील जोड़ के पास मंगलवार शाम बाइक सवार पिता-पुत्र के साथ हुई लूट की घटना फर्जी निकली। दरअसल, कर्ज में डूबा किसान अपनी आधा बीघा जमीन बेचकर आया था। उसे कर्जदारों को रुपए न देना पड़े इसलिए उसने अपने बेटे के साथ मिलकर लूट की कहानी रच दी। पुलिस ने किसान और उसके बेटे से पूछताछ की थी। पूछताछ में लगातार नई-नई कहानी बताने के कारण पुलिस को दोनों पर संदेह हो गया था। बयानों के विरोधाभास के आधार पर पुलिस ने पूछताछ की तो आरोपियों ने झूटी शिकायत दर्ज करने की बात स्वीकार ली। अब पुलिस किसान और उसके बेटे के खिलाफ झूटी शिकायत दर्ज करने का प्रकरण दर्ज करेगी।

थाना प्रभारी बीपी सिंह ने बताया कि परमानंद मीणा पिता नेतराम मीणा (50) द्वारिका धाम शमशाबाद में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को शिकायत देते हुए बताया था कि उनका नरसिंहगढ़ में खेत था। वे खेत बचने के लिए अपने बेटे रामबाबू के साथ नरसिंहगढ़ गए थे। वहां रजिस्ट्री कराकर एक लाख पांच हजार रुपए बैग में रखकर बाइक से लौट रहे थे। बीस हजार रुपए उन्होंने वहीं किसी रिश्तेदार को दिए थे। उनका कहना था कि वह ग्यारहमील जोड़ बरखेड़ी देव रोड तक पहुंचे ही थे कि एक अल्टो कार के चालक ने उन्हें रोक लिया। कार से दो लोग उतरे और कहने लगे कि आपने रिश्तेदार को पांच हजार रुपए ज्यादा दे दिए हैं।

परमानंद ने कहा कि ठीक है वे उनके रिश्तेदार हैं ज्यादा रुपए दे भी दिए तो क्या वापस ले लेंगे। उन्होंने यह भी बताया था कि कार सवार दोनों युवक जिद करने लगे कि आप एक बार रुपए चेक कर लो। उन्होंने चेक करने के लिए रुपए बाहर निकाले तो आरोपियों ने उनके हाथ से रुपए छीन लिए और कार से भाग निकले। उन्होंने बताया कि कार स्टार्ट कर चालक बैठा हुआ था। किसान और उसके बेटे से पूछताछ से पता चला कि उन्होंने कार का पीछा भी किया था। शाम साढ़े 5 बजे के आसपास की घटना होने के बाद भी बाप-बेटे कार का नंबर नहीं देख सके थे।

इतना नहीं वे कार सवार तीनों व्यक्तियों को जानते भी नहीं थे, फिर उनके सामने इतने सारे रुपए कैसे निकाल लिए। पुलिस को एक बड़ा संदेह इस बात का भी हुआ कि जब लूट मंगलवार शाम को हुई तो शिकायत बुधवार सुबह क्यों दर्ज कराई गई। लगातार विरोधाभास के बीच पुलिस ने थोड़ी ही सख्ती दिखाई तो आरोपियों ने लूट की कहानी झूठी रचने की बात स्वीकार ली। पुलिस ने किसान के घर से एक लाख रुपए बरामद कर लिए है, जबकि पांच हजार रुपए वह खर्च कर चुका था।

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