Home लाइफ स्टाइल मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने के लिए रोजाना खाली पेट पिएं नीम का जूस

मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने के लिए रोजाना खाली पेट पिएं नीम का जूस

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आजकल मोटापा आम समस्या बन गई है। यह एक आनुवांशिकी रोग है, जो पीढ़ी दर पीढ़ी चलती रहती है। इसके अलावा, अनुचित खानपान और तनाव के चलते भी मोटापा की समस्या होती है। खासकर जंक फ़ूड के खाने से मोटापा की शिकायत होती है। इससे मेटाबॉलिज़्म भी धीमा हो जाता है। मेटाबॉलिज़्म वह प्रक्रिया है, जिसमें संपूर्ण शरीर में ऊर्जा का संचार होता है। व्यक्ति इसी ऊर्जा को दिनभर खर्च करता है। इसमें स्थिरता आने से फैट गेन होने लगता है। इसके लिए मेटाबॉलिज़्म सुचारू और गतिमान रहना जरूरी है। अगर आप भी बढ़ते वजन से परेशान हैं और वेट लॉस करना चाहते हैं, तो सबसे पहले मेटाबॉलिज़्म को बूस्ट करें। मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने के लिए रोजाना यह खास ड्रिंक पिएं।

आयुर्वेद में नीम को औषधि माना जाता है। नीम में प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट्स, फॉस्फोरस, विटामिन-सी पाए जाते हैं, जो सेहत और सुंदरता दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं। जानकारों की मानें तो मेटाबॉलिज़्म बढ़ाने के लिए रोजाना खाली पेट नीम का जूस पिएं। आप चाहे तो नीम के जूस में नींबू का रस और शहद मिलाकर रोजाना सेवन कर सकते हैं। कैलोरी बर्न के लिए यह प्राकृतिक उपचार है।

नीम जूस के फायदे

बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के लिए मेटाबॉलिज़्म बूस्ट करना जरूरी है। नीम में पर्याप्त मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है जो कैलोरी बर्न करने में सहायक होता है। इससे इंस्टेंट वेट लॉस में मदद मिलती है। साथ ही रक्त को शुद्ध करने और शरीर में मौजूद टॉक्सिन को बाहर करने में नीम का जूस कारगर है। इससे सूजन में भी आराम मिलता है। सूजन के चलते मोटापा की शिकायत होती है। इसके लिए रोजाना नीम का जूस जरूर पिएं।

डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

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