‘150 साल पीछे चला जाएगा अमेरिका’, गुस्से में बोले बाइडन… गर्भपात पर SC के फैसले से भड़के दिग्गज

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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात को मंजूरी देने वाले एक कानून पर अपने ही फैसले को पलट दिया है। ये कानून अमेरिका में महिलाओं को गर्भपात कराने का संवैधानिक संरक्षण देता था। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस फैसले की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला अमेरिका को 150 साल पीछे धकेलने वाला है।
वाशिंगटन:
अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने गर्भपात को कानूनी तौर पर मंजूरी देने वाले एक फैसले को पलट दिया है। इस फैसले के साथ ही अमेरिका में गर्भपात को संवौधानिक संरक्षण समाप्त हो गया है। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अमेरिका समेत पूरी दुनिया में बहस छिड़ गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन (Joe Biden) ने भी इस फैसले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे देश के लिए एक दुखद दिन बताया। राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला दुखद है। उन्होंने कहा, ‘अदालत ने आज वह किया जो पहले कभी नहीं हुआ था। स्पष्ट रूप से उसने अमेरिकी महिलाओं के संवैधानिक और मौलिक अधिकार को छीन लिया है। अमेरिकी महिलाओं का स्वास्थ्य और जीवन अब खतरे में है।’ बाइडेन ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट का ये फैसला अमेरिका को 150 साल पीछे धकेलने वाला है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह महिला अधिकारों की सुरक्षा के लिए सबकुछ करेंगे।
कमला हैरिस ने भी की आलोचना
अमेरिका की उपराष्ट्रपति कमला हैरिस ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर निराशा जताई है। उन्होंने कहा कि ये अभी खत्म नहीं हुआ है। कमला हैरिस ने कहा कि अमेरिका की ताकत हमेशा ये रही है कि हम आगे बढ़ते हैं। जनता के पास ऐसे नेताओं को चुनने की क्षमता है जो उनके अधिकारों की रक्षा कर सकें। जनता ही असली फैसला सुना सकती है। उन्होंने लोगों से इस मुद्दे पर एकजुट होने की अपील की।
बराक ओबामा ने निर्णय को बताया अधिकारों पर हमला
सुप्रीम कोर्ट के फैसले की पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और उनकी पत्नी ने आलोचना की है। बराक ओबामा ने कहा कि, ‘सुप्रीम कोर्ट ने आज सिर्फ लगभग 50 साल की मिसाल को नहीं पलटा है बल्कि लाखों अमेरिकी लोगों की स्वतंत्रता पर हमला भी किया है। हमें एक महीने से ज्यादा समय से पता था कि ये निर्णय आने वाला है, लेकिन इसके बावजूद ये फैसला कम भयानक नहीं है।’
मिशेल ओबामा ने जताया दुख
वहीं बराक ओबामा की पत्नी मिशेल ने अपने इंस्टाग्राम पर इसे लेकर दुख जाहिर किया। उन्होंने कहा, ‘ये फैसला उन लोगों के लिए हृदय विदारक है जिन्हें अपने शरीर के साथ-साथ समाज के लिए निर्णय लेने का मौलिक अधिकार नहीं होगा। ये फैसला महिलाओं की जान जोखिम में डालने वाला है।’ उन्होंने आगे कहा कि मैं उन किशोर लड़कियों के लिए चिंतित हूं जिन्होंने अपना स्कूल खत्म नहीं किया है और वह उस जीवन को नहीं जी पाएगी, जिसे वह चाहती है क्योंकि ऐसा करने से उन्हें कानून रोकता है।

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