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​इंडोनेशियाई पनडुब्बी का मलबा मिला, 53 लोग मारे गए

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  • ​इंडोनेशिया की नौसेना ने ​मृतकों के प्रभावित ​परिवारों के प्रति संवेदना जताई
  • भारत, ​अमेरिका,​ सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया की नौसेनाएं लगी थीं बचाव में
  • अमेरिका ने समुद्री बचाव एवं राहत कार्य में भेजे थे आठ पीआई विमान

जकार्ता।​ ​​​इंडोनेशिया में प्रशिक्षण अभियान के दौरान ​21 अप्रैल को बाली द्वीप के नजदीक समुद्र में 53 लोगों के साथ डूबी ​​पनडुब्बी केआरआई नंगला को खोज​ निकाला गया है।​ पनडुब्बी का मलबा ​समुद्र में 850 मीटर गहराई में पाया गया है और उसमें सवार सभी 53 लोगों को ​​​इंडोनेशिया की नौसेना ने ​मृत घोषित करके प्रभावित ​परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है। समुद्र में डूबी पनडुब्बी को खोजने के लिए भारतीय नौसेना के साथ ​अमेरिका,​ सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया ​की भी नौसेनाएं लगी थीं​।​​​​ ​अमेरिका ने आठ पीआई विमान भी समुद्री बचाव एवं राहत कार्य के लिए भेजे थे​।​​ ​​

​भारतीय नौसेना के प्रवक्ता के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय सबम​​रीन एस्केप और बचाव संपर्क कार्यालय के माध्यम से इंडोनेशियाई पनडुब्बी के समुद्र में डूबने के बारे में जानकारी ​मिली थी​।​ इसके बाद ​इंडोनेशियाई नौसेना का सहयोग करने के लिए भारतीय नौसेना ने ​22 अप्रैल को ​अपने डीप सबमर्जेंस रेस्क्यू व्हिक​​ल (डीएसआरवी) को विशाखापत्तनम से रवाना ​किया था।​ खोज और राहत ​कार्य में ​​​पनडुब्बी सहायता वाहन​ के साथ अमेरिका,​ सिंगापुर और ऑस्ट्रेलिया ​की भी नौसेनाएं लगी थीं​​।​​ ​अमेरिका ने आठ पीआई विमान भी समुद्री बचाव एवं राहत कार्य के लिए भेजे थे​।​​ ​​पनडुब्बी केआरआई नंगला ​​​​को खोने के लिए इंडोनेशियाई नौसेना ने ​खुद भी ​इलाके में जंगी पोत तैनात किए ​थे​​​।​​​​​​

​इंडोनेशियाई नौसेना ​के ​प्रमुख युडो ​​​​मार्गगनो​​​ ने​ दुर्घटना स्थल से लगभग 16 किमी​.​ के दायरे में ​​​850 मीटर​ गहराई में 44 साल पुरानी पनडुब्बी केआरआई नंगला ​का ​​मलबा बरामद​ होने की पुष्टि की है​।​ उन्होंने कहा कि बरामद मलबे में ​टारपीडो टैंक, पेरिस्कोप ग्रीस और मैट के टुकड़े शामिल हैं।​ उनके मुताबिक दुर्घटना के समय यह पनडुब्बी ​22 अप्रैल को होने वाले प्रक्षेपास्त्र दागने के एक अभ्यास के लिए तैयारी कर रही थी। ​उसी समय पनडुब्बी का टारपीडो टैंक गोता लगाने के दौरान फट गया​ जिससे​ ​बुधवार तड़के तीन बजे संपर्क टूट गया​ ​और समुद्र में डूब ग​ई।​ पनडुब्बी​ ​में सवार सभी 53 लोगों को ​इंडोनेशिया की नौसेना ने ​मृत घोषित करके प्रभावित ​परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

एडमिरल ​​मार्गगनो ने कहा कि पनडुब्बी ​का अन्य बड़ा मलबा खोजने के लिए अभियान जारी ​रहेगा।​ हम चालक दल ​के जीवित होने ​की स्थिति का अनुमान नहीं लगा सकते क्योंकि हमें उनमें से एक भी नहीं मिला है। ​खोजबीन के दौरान पनडुब्बी के अंतिम ज्ञात स्थान​ पर पानी में ​मिले मलबे के टुकड़े पनडुब्बी से जुड़े थे और अगर बाहरी दबाव या टारपीडो लांचर में दरार न​ हुई होती तो यह अलग नहीं हो​ सकते थे​।​ इन प्रामाणिक ​सबूतों के साथ​ पनडुब्बी नंगला ​के समुद्र में डूबने की घोषणा ​की गई है। ​एडमिरल ​​मार्गगनो​ ने ​यह भी ​कहा कि ​पानी के दबाव में ​पनडुब्बी के फंसे होने की संभावना थी​ ​लेकिन यह ​अभी ​संभव ​है ​कि ​​पनडुब्बी के​ ​​केबिन ​में पानी प्रवेश न ​हुआ हो।​ ​​समुद्र में ​इंडोनेशिया​ की पनडुब्बी डूबने की यह पहली घटना है जबकि ​तीन महीने​ पहले ​​​​​​​​​​​​​​​​​​​​जकार्ता हवाई अड्डे से टेक-ऑफ करने के कुछ ही मिनट बाद एक एयर श्रीविजय यात्री विमान जावा सागर में गिर गया​ था जिसमें ​62 लोगों की मौत ​हुई थी​।

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