नेपाल चुनाव में देउबा की जीत से भारत को होगा फायदा

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नेपाल चुनाव में नवंबर को मतदान की प्रक्रिया पूरी हो गई थी। इसके बाद 21 नवंबर को वोटों की गिनती कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई थी। वहीं आपको बता दें कि नेपाल आम चुनाव में पीएम शेर बहादुर देउबा लगातार 7वीं बार डडेलधुरा निर्वाचन क्षेत्र से चुने गए हैं। जहां नेपाल की संसद की कुल 275 सीटों और प्रांतीय विधानसभाओं की 550 सीटों के लिए वोटिंग हुई थी। देश के 1 करोड़ 80 लाख से ज्यादा वोटर अपनी सरकार को चुनेंगे। हालांकि इसके रिजल्ट एक हफ्ते में आने की उम्मीद जताई जा रही है। अब तक हुई मतगणना के मुताबिक, देउबा की पार्टी- नेपाली कांग्रेस आगे चल रही है। संसद में नेपाली कांग्रेस ने 10 सीटें जीत ली है। वहीं, पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की नेपाल कम्युनिस्ट पार्टी 3 सीटें हासिल कर पाई है।

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दरअसल , नेपाल के पुर्व पीएम ओली का कहना है कि प्रधानमंत्री बनते ही वो भारत के साथ सीमा विवाद हल कर देंगे। वे देश की एक इंच भूमि भी जाने नहीं देंगे। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि 2 साल से ज्यादा सत्ता में रहने के बावजूद ओली ने इस विवाद को हल करने के लिए कोई प्रयास नहीं किया। बतौर पीएम ओली ने कालापानी, लिपुलेख और लिम्पियाधुरा को नेपाल में दर्शाता हुआ नया मैप जारी किया था। भारत इन्हें अपने उत्तराखंड प्रांत का हिस्सा मानता है। ओली ने इस नक्शे को नेपाली संसद में पास भी करा लिया था। वहीं प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा का कहना है कि उकसाने और शब्दों की लड़ाई की बजाय वो भारत के साथ कूटनीति और बातचीत के जरिए विवाद सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।

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