आम चुनाव की तैयारी: सीटों के बंटवारे को लेकर टूट सकता है नेपाल का सत्ताधारी गठबंधन

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on pinterest
Pinterest
Share on pocket
Pocket
Share on whatsapp
WhatsApp

सत्ताधारी गठबंधन में नेपाली कांग्रेस के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट), जनता समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जन मोर्चा शामिल हैं। समझा जाता है कि यूनिफाइड सोशलिस्ट और जनता समाजवादी पार्टी गठबंधन के मौजूदा स्वरूप से खुश नहीं हैं…
काठमांडो,
नेपाल में सत्ताधारी गठबंधन में शामिल पांचों दलों ने अगला आम चुनाव मिल कर लड़ने का इरादा जताया है। लेकिन पर्यवेक्षकों की राय है कि इन दलों के बीच सीटों का बंटवारा आसान नहीं होगा। नेपाल में इस साल से अंत तक संसदीय और प्रांतीय विधायिकाओं के आम चुनाव होने वाले हैं। सत्ताधारी गठबंधन के भविष्य को लेकर नेपाल के सियासी हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। मंगलवार को नेपाली कांग्रेस ने इस बारे में सफाई दी। पार्टी की सेंट्रल कमेटी के सदस्य प्रदीप पौडेल ने कहा- ‘यह स्पष्ट है कि पांच दलों का गठबंधन अगले संघीय और प्रांतीय चुनावों तक जारी रहेगा। इसमें कोई शक नहीं है।’ समझा जाता है कि इस सप्ताहांत पांच दलों के नेताओं की बैठक होगी, जिसमें गठबंधन की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा।
गठबंधन के मौजूदा स्वरूप से खुश नहीं हैं ये दल
सत्ताधारी गठबंधन में नेपाली कांग्रेस के अलावा कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर), कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूनिफाइड सोशलिस्ट), जनता समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जन मोर्चा शामिल हैं। समझा जाता है कि यूनिफाइड सोशलिस्ट और जनता समाजवादी पार्टी गठबंधन के मौजूदा स्वरूप से खुश नहीं हैं। ऐसी खबरें आ चुकी हैं कि ये दोनों दल अलग से अपने विकल्प तलाश रहे हैं। इस बीच नेपाली कांग्रेस के नेताओं ने भी मीडिया से बातचीत में स्वीकार किया है कि गठबंधन जारी रखने के उनके इरादे के बावजूद सीटों के बंटवारे से जुड़ी कई जटिलताएं सामने हैं। इस बीच प्रधानमंत्री शेर बहादुर देउबा ने लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी को भी सत्ताधारी गठबंधन में शामिल करने की पहल कर पेचीगदी और बढ़ा दी है। अगर ये पार्टी शामिल हुई, तो वह भी कई सीटों पर अपनी दावेदारी जताएंगी। नेपाल की संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा में प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 165 सीटें हैं। उधर प्रांतीय विधायिकाओं में ऐसी 330 सीटें हैं। समझा जाता है कि नेपाली कांग्रेस प्रतिनिधि सभा की 100 सीटों पर खुद चुनाव लड़ना चाहती है। यानी वह 65 सीटें ही सहयोगी दलों के लिए छोड़ने के लिए अभी तैयार है। जबकि माओइस्ट सेंटर कम से कम 65 सीटों पर लड़ना चाहती है। पिछले चुनाव में माओइस्ट सेंटर ने प्रत्यक्ष निर्वाचन वाली 36 सीटें जीती थीं। यूनिफाइड सोशलिस्ट पार्टी के प्रवक्ता जगनाथ खाटिवाडा ने अखबार काठमांडू पोस्ट से बातचीत में यह दो टूक कहा है कि उनकी पार्टी के पास अभी जितनी सीटें हैं, वह उनसे ज्यादा पर चुनाव लड़ेगी।
टिकट चाहने वालों की कतार
नेपाली कांग्रेस में टिकट चाहने वालों की कतार लगी हुई है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक सभी दावेदारों को संतुष्ट कर पाना प्रधानमंत्री और पार्टी अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा के लिए संभव नहीं होगा। अपना टिकट कटने की आशंका के कारण ही नेपाली कांग्रेस के कई नेता लोकतांत्रिक समाजवादी पार्टी को गठबंधन में लाने की पहल का विरोध कर रहे हैं। उधर माओइस्ट सेंटर ने अपने रुख के बारे में भ्रम बना रखा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता नारायण काजी श्रेष्ठ पिछले हफ्ते विपक्षी दल कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) के अध्यक्ष केपी शर्मा ओली से मिले। श्रेष्ठ ने पत्रकारों से साफ कहा कि सत्ताधारी गठबंधन के अंदर सीटों का बंटवारा ‘बेहद मुश्किल’ है। पर्यवेक्षकों के मुताबिक पार्टियों के बीच चल रही दांवपेच से साफ है कि सत्ताधारी गठबंधन किस रूप में रहेगा, इस बारे में अभी कुछ नहीं कहा जा सकता।

Never miss any important news. Subscribe to our newsletter.

Leave a Reply

Recent News

Related News