Home » बच्चा अंगूठा चूसना नहीं छोड़ रहा तो उंगली पर कुछ लगाने से पहले इन उपायों को अपनाएं

बच्चा अंगूठा चूसना नहीं छोड़ रहा तो उंगली पर कुछ लगाने से पहले इन उपायों को अपनाएं

  • नवजात शिशुओं में अंगूठा चूसने की आदत होती है। लेकिन अगर आपका बढ़ता बच्चा अंगूठा चूसना नहीं छोड़ रहा है तो उसे भावनात्मक प्यार और लगाव की जरूरत है। जो उसे कम मिल रहा।
    नवजात शिशु का अंगूठा चूसना काफी आम बात है। कुछ अल्ट्रासाउंड में देखा गया है कि बच्चे मां के गर्भ में ही अंगूठा चूसते रहते हैं। हालांकि ये चिंता का विषय तब बन जाता है जब उम्र बढ़ने के साथ भी ये आदत नहीं जाती है। आमतौर पर दो से चार साल के बच्चे अंगूठा चूसते हैं। जिसके कई सारे कारण होते हैं। माता-पिता को लगता है कि डांटने या अंगूठे पर कुछ लगा देने से ये आदत छूट जाएगी। लेकिन बच्चा और भी ज्यादा सतर्क हो जाता है और सबसे छुपकर अंगूठा पीना शुरू कर देता है। इसलिए सबसे पहले ये जानना जरूरी है कि आखिर क्यों बच्चा अंगूठा चूस रहा है।
    अंगूठा चूसने का क्या है कारण
    बच्चे के अंदर अंगूठा चूसने की कई वजह हो सकती है।
  • दो साल तक के बच्चे जब अंगूठा चूसते हैं तो उन्हें कई बार इससे राहत का एहसास होता है। दांत निकलते वक्त काफी दर्द होता है। जिससे बच्चा अंगूठा चूसकर राहत पाता है।
  • वहीं कुछ छोटे बच्चे अंगूठा चूसकर सोने की कोशिश करते हैं। धीरे-धीरे बढ़ते बच्चों में इसकी आदत पड़ जाती है।
  • वहीं कुछ बच्चों में अंगूठा चूसने के साइकोलॉजिकल कारण भी पैदा हो जाते हैं। जिन्हें मां-बाप को समझना जरूरी है। नहीं तो ये आदत जल्दी नहीं जाती।
    अंगूठा चूसने से बच्चे को नुकसान
  • लगातार अंगूठा चूसने से बच्चे के दांत अंदर की तरफ धंसने लगते हैं। जो काफी खराब लगते हैं।
  • वहीं कुछ स्टडी में पता चला है कि ज्यादा अंगूठा चूसने से बच्चों की अंगूठे की हड्डियां बढ़ जाती हैं।
  • बच्चों में तोतलापन बढ़ जाता है।
  • नाखूनों में रहने वाले बैक्टीरिया की वजह से बच्चों को इंफेक्शन हो जाता है।
  • वहीं अंगूठे के नाखून स्किन में धंसना शुरू कर देते हैं। ऐसे में जरूरी है कि समय रहते बच्चे का अंगूठा चूसना छुड़ा दिया जाए।
    बच्चे का अंगूठा छुड़ाने में काम आएंगी ये बातें
    बच्चे का अंगूठा छुड़ाने में फिजिकली ट्रिक की बजाय साइकोलॉजिकल ट्रिक ज्यादा अच्छे से काम करती है। तो इन उपायों को अपनाकर देखें।
  • बच्चा अगर आप पर ध्यान दिए बगैर अंगूठा चूस रहा है तो उसे ध्यान दिलाएं और प्यार से ऐसा ना करने को समझाएं।
  • जब बच्चा अंगूठा ना चूस रहा हो तो उसकी तारीफ करें और कुछ पुरस्कार दें, जो उसकी पसंद का हो।
  • बच्चे को टारगेट दें कि अगर वो सोते समय अंगूठा नहीं चूसेगा तो उसे मनपसंद चीज मिलेगी। इस काम को ट्रैक करने के लिए आप स्टिकर का इस्तेमाल करें। जब बच्चा अंगूठा चूसे बगैर सोए तो ये स्टिकर के सहारे उसे दिखाएं और उसकी तारीफ करें।
    -फिर भी अगर बच्चा सात से आठ साल की उम्र तक पहुंचने के बाद भी अंगूठा चूसना नहीं छोड़ रहा है तो उसे डॉक्टर के पास जरूर दिखाएं।

Swadesh Bhopal group of newspapers has its editions from Bhopal, Raipur, Bilaspur, Jabalpur and Sagar in madhya pradesh (India). Swadesh.in is news portal and web TV.

@2023 – All Right Reserved. Designed and Developed by Sortd