Home » रोजाना सुबह करें सूर्य नमस्कार, बूस्ट होगी एनर्जी और बढ़ेगा लचीलापन

रोजाना सुबह करें सूर्य नमस्कार, बूस्ट होगी एनर्जी और बढ़ेगा लचीलापन

हेल्थ का ख्याल रखना सभी को पसंद होता है। हालांकि, समय की कमी के चलते लोगों के पास खुद के लिए समय निकालना ही मुश्किल हो गया है। अगर खान पान का ख्याल रख लिया जाए और रोजाना सुबह खुद को कम से कम 20 मिनट दे दिए जाएं, तो आप भी एक हेल्दी लाइफ जी सकते हैं। अगर आपके पास इतना समय नहीं है कि आप रोजाना सुबह उठ कर योग अभ्यास करें। तो आप सूर्य नमस्कार कर सकते हैं। सूर्य नमस्कार 8 आसानों का सेट है जिसे 12 स्टेप्स में कम्पलीट किया जा सकता है। ये एनर्जी बूस्ट करता है और साथ ही लचीलापन भी बढ़ाता है।
आसन को करने के लिए सबसे पहले अपने मैट पर सीधे खड़े हो जाएं और फिर शुरू करें।
स्टेप 1
प्रणामासन
अपने पैरों को एक साथ रखें और अपने वजन को दोनों पैरों पर समान रूप से बैलेंस करें। अपनी छाती को स्ट्रेस करें और अपने कंधों को आराम दें। अब सांस लें, और सांस छोड़ते हुए दोनों हाथों को बगल से ऊपर उठाएं। फिर अपनी हथेलियों को प्रार्थना की स्थिति में छाती के सामने एक साथ लाएं।
स्टेप 2
हस्तोत्तानासन
सांस लेते हुए हाथो को ऊपर ले जाएं और कानों के पास रखते हुए, पीछे की तरफ झुकें। इस मुद्रा में पूरे शरीर को एड़ियों से लेकर उंगलियों के सिरे तक ऊपर खींचने की कोशिश करें।
स्टेप 3
हस्तपादासन
सांस छोड़ते हुए रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए कमर से आगे की ओर झुकें। जैसे ही आप पूरी तरह से सांस छोड़ते हैं, हाथों को पैरों के बगल में फर्श पर ले आएं। अगर शुरुआत कर रहे हैं और हाथों को जमीन पर रखना मुश्किल हो रहा है तो घुटनों को हल्का मोड़कर ऐसा कर सकते हैं, हालांकि, धीरे-धीरे प्रेक्टिस के बाद घुटनों को सीधा रखकर हाथ रखने की कोशिश करें।
स्टेप 4
अश्व संचालनासन
सांस अंदर लेते हुए अपने सीधे पैर को जितना हो सके पीछे की ओर धकेलें। उल्टे घुटने को जमीन पर लाएं और ऊपर देखें। ध्यान रखें की उल्टा पैर हथेलियों के ठीक बीच में हो।
स्टेप 5
दंडासन
सांस अंदर लेते हुए उल्टे पैर को पीछे ले जाएं और पूरे शरीर को एक सीध में लाएं। जैसे प्लैंक करते हैं ठीक उसी तरह।
स्टेप 6
अष्टांग नमस्कार
सांस छोड़ते हुए धीरे से अपने घुटनों को नीचे फर्श पर लाएं। कूल्हों को थोड़ा पीछे ले जाएं, अपनी छाती और ठुड्डी को फर्श पर टिकाएं। अपने पिछले हिस्से को थोड़ा ऊपर उठाएं। इस आसन को करते समय शरीर के आठ अंग फर्श को छूने चाहिए, दो हाथ, दो पैर, दो घुटने, छाती और ठुड्डी।
स्टेप 7
भुजंगासन
आगे की ओर स्लाइड करें और छाती को कोबरा पोज में ऊपर उठाएं। इसमें अपनी कोहनियों को कानों से दूर कंधों के साथ झुका कर रख सकते हैं। इस पोज को करते समय ऊपर छत की ओर देखें। जैसे ही आप सांस लें, छाती को आगे की ओर धकेलने की हल्की कोशिश करें। जैसे ही आप साँस छोड़ते हैं, नाभि को नीचे धकेलने कोशिश करें।
स्टेप 8
अधो मुख संवासन
सांस छोड़ते हुए कूल्हों और टेलबोन को ऊपर उठाएं ताकि शरीर को उल्टे ‘वी’ मुद्रा में लाया जा सके।
स्टेप 9
अश्व संचालनासन
सांस भरते हुए सीधेपैर को दोनों हाथों के बीच में आगे लाएं। उल्टे पैर को पीछे की ओर फैलाएं। कूल्हों को नीचे दबाएं और ऊपर देखें।
स्टेप 10
हस्तपादासन
सांस छोड़ते हुए बाएं पैर को आगे लाएं। हथेलियों को फर्श पर रखें। जरूरत पड़ने पर आप घुटने मोड़ सकते हैं।
स्टेप 11
हस्त उत्तानासन
सांस अंदर लेते हुए सीधे खड़े हों और फिर हाथों को ऊपर उठाएं, कूल्हों को थोड़ा बाहर की ओर धकेलते हुए थोड़ा पीछे की ओर झुकें।
स्टेप 12
ताड़ासन
सांस छोड़ते हुए पहले शरीर को सीधा करें, फिर हाथों को नीचे लाएं। इस स्थिति में आराम करें। यह सूर्य नमस्कार का एक सेट है। इसके चरणों को दोहराते हुए दूसरा चक्र पूरा करें। हालांकि, दूसरी बार, स्टेप 4 में उल्टे पैर को पीछे ले जाना है और स्टेप 9 में उल्टे पैर को आगे लाएं।

Swadesh Bhopal group of newspapers has its editions from Bhopal, Raipur, Bilaspur, Jabalpur and Sagar in madhya pradesh (India). Swadesh.in is news portal and web TV.

@2023 – All Right Reserved. Designed and Developed by Sortd