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टीकाकरण ही बचाव

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भारत विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है। अब तक भारत में लगभग 78 लाख लोगों का टीकाकरण किया जा चुका है। पिछले कुछ समय से टीकाकरण का प्रतिदिन का आंकड़ा एक लाख से अधिक या उसके आसपास रह रहा है। यानी टीकाकरण की गति में उत्साहजनक वृद्धि दिखाई देती है। टीकाकरण में आई तेजी को इस तरह समझें- देश में 16 जनवरी को टीकाकरण अभियान की शुरुआत के बाद 10 करोड़ के आंकड़े पर पहुंचने में 85 दिन लगे थे, वहीं अभी 7 से 13 सितंबर के बीच टीकाकरण का आंकड़ा 60 करोड़ से 70 करोड़ पर पहुंच गया। संक्रमण की एक अन्य लहर को रोकने के लिए इस वर्ष के अंत तक 60 प्रतिशत जनसंख्या को वैक्सीन के दोनों टीके दिए जाने आवश्यक हैं। इसके लिए टीकाकरण को प्रतिदिन एक करोड़ 20 लाख पर ले जाना होगा।

याद हो कि हमने 31 दिसंबर तक सभी वयस्क नागरिकों को टीका देने का लक्ष्य निर्धारित किया था। देश में वयस्क नागरिकों की संख्या 94 करोड़ है। विश्वास है कि हम टीकाकरण की गति को बढ़ाकर इस लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे और महामारी की तीसरी आवृत्ति को निष्प्रभावी कर देंगे। उल्लेखनीय है कि 17 सितंबर को यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर देश में एक बार फिर व्यापक स्तर पर टीकाकरण का अभियान चलाया गया। याद रखें कि टीकाकरण को लेकर जब विपक्षी राजनीतिक दल जनता के बीच भ्रम और भय का वातावरण बना रहे थे, तब प्रधानमंत्री मोदी ने बार-बार देश के नागरिकों से संवाद किया और उनके मन से भ्रम को दूर किया।

हमें यह भी नहीं भूलना चाहिए कि यह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की दृढ़ इच्छाशक्ति और उनके अपने वैज्ञानिकों पर विश्वास ने ही यह संभव करके दिखाया कि हम अपने ही देश में एक वैक्सीन विकसित करने और दूसरी का व्यापक स्तर पर निर्माण करने में सफल रहे। प्रधानमंत्री मोदी का आग्रह वैज्ञानिकों के लिए प्रेरणा बन गया। वैश्विक महामारी के विरुद्ध वैक्सीन का निर्माण करके हमने दुनिया को न केवल एक संदेश दिया बल्कि हम आर्थिक तौर पर कमजोर देशों का संबल भी बने।

प्रधानमंत्री के जन्मदिन पर उत्साह के साथ टीकाकरण में हिस्सा लेकर लोगों ने न केवल कोरोना से अपनी और अपने परिवार की सुरक्षा को मजबूत किया है, बल्कि उन्होंने टीकाकरण में कीर्तिमान रचकर देश के मुखिया को जन्मदिन का उपहार भी दिया है। कोरोना की तीसरी आवृत्ति को रोकने या उसके प्रभाव को क्षीण करने के लिए हम सबका दायित्व है कि टीकाकरण के प्रति उत्साहजनक वातावरण को बनाए रखें।

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