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पाकिस्तान की आतंक समर्थक छवि

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न्यूजीलैंड के बाद अब इंग्लैंड द्वारा पाकिस्तान का दौरा रद्द करने से वैश्विक पटल पर पाकिस्तान की किरकिरी हो गई है। एक तरह से न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के क्रिकेट बोर्ड के निर्णयों ने पाकिस्तान के चेहरे से नकाब नोंच लिया है। इस घटनाक्रम से दुनिया में यही संदेश गया है कि पाकिस्तान सबसे असुरक्षित देश है और पाकिस्तान आतंकवाद को संरक्षण देता है।

पाकिस्तान की छवि दुनिया में कैसी है, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के क्रिकेट बोर्ड ने यह दिखा दिया है। परंतु यह तय है कि पाकिस्तान इसके बाद भी अपने गिरेबां में झांककर नहीं देखेगा। न्यूजीलैंड के बाद अब इंग्लैंड द्वारा पाकिस्तान का दौरा रद्द करने से वैश्विक पटल पर पाकिस्तान की किरकिरी हो गई है। एक तरह से न्यूजीलैंड और इंग्लैंड के क्रिकेट बोर्ड के निर्णयों ने पाकिस्तान के चेहरे से नकाब नोंच लिया है। इस घटनाक्रम से दुनिया में यही संदेश गया है कि पाकिस्तान सबसे असुरक्षित देश है और पाकिस्तान आतंकवाद को संरक्षण देता है।

याद हो कि अफगानिस्तान में जब तालिबान ने कब्जा किया तब पाकिस्तान और उसके प्रधानमंत्री इमरान खान की ओर से जमकर प्रसन्नता व्यक्त की गई और वह खुलकर मानवता विरोधी और क्रूर तालिबान का हिमायती बन गया था। यहाँ तक कि तालिबान को मान्यता मिले इसके लिए भी पाकिस्तान खुलकर प्रयास करता दिख रहा है। तालिबान के कब्जे में पाकिस्तान अपनी भूमिका को भी प्रमुखता से रेखांकित कराने का प्रयास करता रहा है। यानी वह स्वयं ही संदेश दे रहा था कि अफगानिस्तान में लोकतंत्र की समाप्ती और तालिबान की वापसी में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में कोई भी देश भला पाकिस्तान पर कैसे भरोसा कर सकता है?

न्यूजीलैंड की सरकार ने तो स्पष्ट संकेत कर दिया है कि अपनी क्रिकेट टीम को पाकिस्तान में खेलने के लिए नहीं भेजने का सीधा कारण सुरक्षा है। सरकार के पास सूचनाएं हैं कि उनका क्रिकेट दल पाकिस्तान मे सुरक्षित नहीं होता और उस पर आतंकी हमला हो सकता था। इसी तरह इंग्लैंड तो पाकिस्तान में खेलने के लिए प्रतिबद्ध था क्योंकि पाकिस्तान कोरोना महामारी के खतरे के बीच इंग्लैंड में क्रिकेट खेल चुका था।

इसके बावजूद इंग्लैंड ने अपने कदम पीछे खींच लिए। इसका सीधा संकेत है कि पाकिस्तान का कोई नियंत्रण आतंकी संगठनों पर नहीं है। आतंकियों एवं अराजक ताकतों के साथ खड़ा होना आज पाकिस्तान को भारी पड़ रहा है। पाकिस्तान आज प्रत्येक क्षेत्र में अलग-थलग पड़ता जा रहा है। यह स्मरण रखें कि न्यूजीलैंड और इंग्लैंड द्वारा पाकिस्तान में क्रिकेट खेलने से पाकिस्तान की बदनामी ही नहीं हुई है, बल्कि उसे बहुत बड़ा आर्थिक नुकसान भी पहुँचा है। अब भी समय है कि पाकिस्तान संभल जाए और इस घटनाक्रम के बाद ईमानदारी से आत्मावलोकन और स्व-मूल्यांकन करे। अन्यथा पाकिस्तान जिस रास्ते पर आगे बढ़ रहा है, उस पर सीरिया या अफगानिस्तान बनने में अधिक समय शेष नहीं है।

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