टीकाकरण में मध्यप्रदेश का कीर्तिमान

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मध्यप्रदेश में कोरोना टीकाकरण को लेकर समाज में जिस प्रकार की जागरूकता आई है, उससे कोरोना महामारी को हराने एवं संक्रमण की तीसरी पुनरावृत्ति को रोकने में सफलता मिलने की संभावना बढ़ गई है।

मध्यप्रदेश की सरकार और जनता ने वह काम कर दिखाया है, जिसकी वर्तमान समय में अत्यधिक आवश्यकता है। मध्यप्रदेश में कोरोना टीकाकरण को लेकर समाज में जिस प्रकार की जागरूकता आई है, उससे कोरोना महामारी को हराने एवं संक्रमण की तीसरी पुनरावृत्ति को रोकने में सफलता मिलने की संभावना बढ़ गई है। 21 जून से प्रारंभ हुए कोरोना टीकाकरण महाअभियान के अंतर्गत मध्यप्रदेश के नागरिक लगातार कीर्तिमान रच रहे हैं।

टीकाकरण महाभियान के पहले दिन ही 21 जून को मध्यप्रदेश में मात्र 10 घंटे में लगभग 16 लाख 95 हजार लोगों को टीका लगाने का इतिहास रच दिया था। उस दिन मध्यप्रदेश टीकाकरण में देश के अन्य सभी राज्यों से बहुत आगे खड़ा था। इतना ही नहीं, अभी तक एक दिन में इतनी संख्या में दुनिया के किसी भी शहर में टीकाकरण नहीं हुआ है। मध्यप्रदेश की इस उपलब्धि को वल्र्ड बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है।

अच्छी बात यह है कि मध्यप्रदेश के नागरिक यह रिकॉर्ड अपने नाम करके रुक नहीं गए, बल्कि उसके बाद भी टीकाकरण को लेकर प्रदेश में उत्साह का वातावरण है। महाभियान के अंतर्गत 23 जून को मध्यप्रदेश में 11 लाख 37 हजार 888 लोगों को टीका लगाया गया, उस दिन भी मध्यप्रदेश टीकाकरण में शीर्ष पर रहा। जबकि 24 जून को 7 लाख 48 हजार 611 लोगों ने टीकाकरण कराया। वहीं, 26 जून को टीकाकरण में मध्यप्रदेश ने फिर कीर्तिमान रचा गया। इस दिन प्रदेश में 10 लाख 719 लोगों को कोरोनारोधी टीका लगाया गया। कुल मिलाकर टीकाकरण महाभियान में मध्यप्रदेश लगातार देश-दुनिया में शीर्ष पर बना हुआ है।

विपक्षी राजनीतिक दलों एवं उनके सहयोगी बुद्धिजीवियों के अनेक प्रकार के भ्रम उत्पन्न करने के बाद भी टीकाकरण को लेकर मध्यप्रदेश में जो विश्वास और उत्साह का वातावरण बना है, उसके पीछे कहीं न कहीं मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और उनकी सरकार की सक्रियता एवं उसके प्रति जनता का विश्वास है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने महाभियान से पूर्व टीकाकरण के प्रति जनजागरण, उत्साह एवं विश्वास का वातावरण बनाने के लिए संपूर्ण समाज का सहयोग माँगा। उन्हें समाज का सहयोग मिला भी। सामान्य नागरिकों से लेकर प्रभावशाली लोगों ने टीकाकरण के प्रति लोगों को प्रेरित करने का जो सामाजिक दायित्व निभाया, उसकी सराहना करनी होगी।

प्रदेश के जिम्मेदार नागरिकों को यह दायित्व तब तक निभाना है, जब तक कोरोना पूरी तरह समाप्त न हो जाए। याद रखें कि कोरोना के विरुद्ध हम प्रत्येक लड़ाई को जनजागरूकता से ही जीत सकते हैं। प्रदेश में कोरोना के मामले एक हजार से भी कम हो गए हैं। 35 जिलों में एक भी नया मामला सामने नहीं आया है। वहीं, विगत सात दिनों से संक्रमण की दर 0.1 प्रतिशत है। इसके बाद भी हमें अभी सावधानी छोडऩी नहीं है।

हमें स्वयं तो कोरोना नियमों का पालन करना है, अपने आसपास भी अन्य लोगों को सचेत करते रहना है। कोरोना महामारी की पहली लहर हो या फिर उसकी दूसरी पुनरावृत्ति, दोनों ही अवसरों पर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं उनकी सरकार ने जिस सक्रियता से काम किया, उसकी सराहना राजनीतिक स्वार्थ, विचारधारा एवं असहमतियों से ऊपर उठकर की जानी चाहिए। उम्मीद है कि प्रदेश में जागरूकता का यह वातावरण बना रहेगा।

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