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विकास की गवाह बनी काशी

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वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर के सौंदर्यीकरण परियोजना के रूप में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है। मंदिर के संकरे इलाके के तमाम मकानों का अधिग्रहण कर अब इसे एक सुंदर देवस्थान और भव्य परिसर का रूप दिया जा रहा है। इस परियोजना के अगले साल की शुरुआत में पूरा होने का अनुमान है और इसपर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। काशी न केवल पर्यटन का प्रमुख शहर बनेगा बल्कि बेहतर नागरिक सुविधाओं की दृष्टि से भी प्रमुख शहरों में शामिल हो जाएगा।

विश्वनाथ की नगरी काशी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर विकास की नई इबारत लिखी जा रही है। जिस तरह की परियोजनाएं काशी में चल रही हैं, उनको देखते हुए यह कहना अतिशयोक्ति नहीं कि विश्व पर्यटन के मानचित्र पर काशी का प्रमुख स्थान होगा। काशी विश्वनाथ मंदिर के विकास को लेकर जिस गति से बनारस में विकास कार्य चल रहे हैं, उनसे यह विश्वास भी मजबूत होता है कि हिन्दुओं की आस्था का यह तीर्थनगर अपने खोये हुए वैभव को पुन: प्राप्त करेगा। वाराणसी स्थित काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग मंदिर के सौंदर्यीकरण परियोजना के रूप में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर का निर्माण किया जा रहा है।

मंदिर के संकरे इलाके के तमाम मकानों का अधिग्रहण कर अब इसे एक सुंदर देवस्थान और भव्य परिसर का रूप दिया जा रहा है। इस परियोजना के अगले साल की शुरुआत में पूरा होने का अनुमान है और इसपर करीब 700 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। काशी न केवल पर्यटन का प्रमुख शहर बनेगा बल्कि बेहतर नागरिक सुविधाओं की दृष्टि से भी प्रमुख शहरों में शामिल हो जाएगा। आठ महीने बाद अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुँचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यहाँ के विकास के लिए लगभग 1500 करोड़ रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी है।

वाराणसी का विकास उन सब लोगों को भी उत्तर है, जो यह भ्रम उत्पन्न करने का प्रयास करते थे कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संसदीय क्षेत्र में किसी प्रकार का विकास नहीं करा रहे हैं। रुद्र्राक्ष कन्वेंशन एंड को-ऑपर्रेशन सेंटर को देखकर उनकी आँखें अवश्य चौंधिया गई होंगी। 2014 से पहले बनारस के लोगों ने भी नहीं सोचा होगा कि विश्व स्तरीय परियोजनाएं यहाँ साकार होंगी। यहाँ से सांसद बनने के बाद से प्रधानमंत्री मोदी ने वाराणसी को कई बड़े तोहफे दिए हैं। वे अपने संसदीय क्षेत्र के विकास के लिए जितने सजग नजर आते हैं, अन्य सबको भी यह बात सीखनी चाहिए।

प्रधानमंत्री मोदी ने काशी पहुँचकर योगी सरकार की जमकर प्रशंसा की है, जो इस बात के संकेत हैं कि केंद्र सरकार और भाजपा को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा है और अगला चुनाव उन्हीं के नेतृत्व में लड़ा जाना है। पिछले महीनों में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व को लेकर विपक्षी दलों के प्रयासों से यह वातावरण बनाने की कोशिश हुई थी कि योगी को हटाया जा सकता है। अब उस तरह की सभी अफवाहों की हवा निकल गई है।

यह बात सही है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार ने उत्तरप्रदेश में अपराध को नियंत्रित किया है, सबसे अधिक एवं सघन आबादीवाले राज्य में कोरोना महामारी को भी ठीक प्रकार से नियंत्रित किया और विकास की परियोजनाओं की गति भी अच्छी है।

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