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सरकार की बात

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मोदी सरकार की सूझबूझ के कारण पहली लहर से जहाँ दुनिया में हाहाकार मच गया था, वहीं भारत उससे सहजता से बाहर निकल आया था। दूसरी लहर के दौरान राज्य निर्णायक भूमिका में थे, इस कारण कुछ हद तक प्रतिकूल स्थितियों का सामना देश को करना पड़ा।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोशल मीडिया पर ब्लॉग लिखकर सरकार की नीति को जनता के सामने रखा है। उनके ब्लॉग के गहरे निहितार्थ हैं। ऐसे समय में जब वैश्विक महामारी की आड़ में विपक्षी राजनीतिक दल अपने राजनीतिक हित साधने के लिए सरकार को घेरने का प्रयास कर रहे हैं, तब प्रधानमंत्री ने देश की जनता के सामने अपनी सरकार के कामकाज और दिशा को प्रकट कर भ्रम के बादलों को तितर-बितर करने का काम किया है। इसमें कोई दोराय नहीं है कि कोरोना महामारी जैसे वैश्विक संकट में भारत सरकार ने दुनिया के साधन सम्पन्न देशों के मुकाबले बेहतर प्रदर्शन किया।

मोदी सरकार की सूझबूझ के कारण पहली लहर से जहाँ दुनिया में हाहाकार मच गया था, वहीं भारत उससे सहजता से बाहर निकल आया था। दूसरी लहर के दौरान राज्य निर्णायक भूमिका में थे, इस कारण कुछ हद तक प्रतिकूल स्थितियों का सामना देश को करना पड़ा। लेकिन, केंद्र के सहयोग और सक्रियता से दूसरी लहर को भी टाल दिया गया है। मोदी सरकार के प्रयासों से टीकाकरण में भी भारत अभूतपूर्व प्रदर्शन कर रहा है।

बहरहाल, ‘विश्वास और प्रोत्साहनों के जरिए सुधार’ शीर्षक से लिखे गए अपने ब्लॉग में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्पष्ट किया है कि भारत सरकार ने किस तरह से व्यापक स्तर पर अपने नागरिकों की सहायता की। कोरोना महामारी के कारण सबसे अधिक चोट गरीब और मध्यमवर्ग पर पड़ी। सरकार ने इस वर्ग का सबसे अधिक ध्यान रखा। गरीब और मध्यमवर्ग के आर्थिक सहायता पैकेज जारी किए गए। इसके साथ ही वैश्विक स्तर पर भारत की साख को बनाए रखने के भी प्रयत्न केंद्र सरकार ने किया। जिसका परिणाम यह रहा कि इस निराशाजनक वातावरण में भी भारत में विदेशी निवेश को लेकर उत्साह का माहौल रहा।

एक ओर भारत ने अन्य देशों को सहायता उपलब्ध कराई तो बदले में भारत को भी सब ओर से सहायता प्राप्त हुई। केंद्र की विदेश नीति ने ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ का वातावरण बनाने का प्रयास किया। स्वास्थ्य को लेकर प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले दिनों अंतरराष्ट्रीय पटल पर कहा भी कि अब समय आ गया है कि हम ‘एक विश्व-एक स्वास्थ्य’ की ओर बढ़ें। प्

रधानमंत्री मोदी ने एक बात बहुत महत्वपूर्ण कही है, जो संविधान विरोधी आचरण करने वाली राज्य सरकार के लिए सबक है। कोरोना के विरुद्ध भारत की मजबूती के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने सिर्फ केंद्र सरकार को श्रेय नहीं दिया है, बल्कि ‘केंद्र और राज्य भागीदारी’ को महत्व दिया है। नि:संदेह इस प्रकार की महामारी का सभी मोर्चों पर सामना मिलकर ही किया जा सकता है।

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