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निर्यात में अच्छे संकेत

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अर्थव्यवस्था के आधार ठोस होने के कारण निवेश और निर्यात में उत्साहवद्र्धक वृद्धि दिखाई दे रही है। मोदी सरकार की यह सफलता है कि उसने कठिनतम समय में भी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम किया है। इसके लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए ठीक समय पर राहत पैकेज जारी किए और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को बल दिया।

भारतीय अर्थव्यवस्था को लेकर नकारात्मक वातावरण में भी सकारात्मक संकेत मिल रहे हैं। अर्थव्यवस्था के आधार ठोस होने के कारण निवेश और निर्यात में उत्साहवद्र्धक वृद्धि दिखाई दे रही है। मोदी सरकार की यह सफलता है कि उसने कठिनतम समय में भी अर्थव्यवस्था को मजबूती देने का काम किया है। इसके लिए सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए ठीक समय पर राहत पैकेज जारी किए और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को बल दिया।

बहरहाल, वर्तमान वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 95.36 अरब डॉलर मूल्य का निर्यात हुआ है, जो एक अभूतपूर्व उपलब्धि है। पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही की तुलना में इस वर्ष अप्रैल, मई और जून में हुए निर्यात में 85 प्रतिशत का बड़ा उछाल है। वहीं, अप्रैल-जून, 2020 में यह आंकड़ा 51.44 अरब डॉलर रहा था। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष की तरह इस वर्ष भी अर्थव्यवस्था को कोरोना महामारी के भयावह प्रकोप को झेलना पड़ा था। महामारी से उत्पन्न स्थितियों के कारण आयात में भी बढ़त स्वाभाविक है, जिसकी वजह से जून में व्यापार घाटा बढ़ गया था। लेकिन आयात से यह भी संकेत मिलते हैं कि घरेलू उद्योग एवं बाजार में माँग बढ़ रही है।

इससे उत्पादन को प्रोत्साहन मिलेगा और वित्त वर्ष के शेष हिस्से में भी निर्यात के मोर्चे पर उत्साहवद्र्धक परिणाम आएंगे। हमें याद करना चाहिए कि पिछले वर्ष जून में सब कुछ ठप होने के चलते आयात न के बराबर हुआ था, जिसके कारण व्यापार अधिशेष हासिल हुआ था। इसी विश्वास के आधार पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि इस वर्ष कुल निर्यात का आंकड़ा 400 अरब डॉलर तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। पहली तिमाही की उपलब्धि को देखते हुए इस लक्ष्य को प्राप्त करना बड़ी चुनौती नहीं है।

महामारी की दूसरी लहर अब बहुत कमजोर है तथा टीकाकरण अभियान जोरों पर है। लगभग डेढ़ साल के अनुभवों के आधार पर तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए तैयारी भी की जा रही है। देश के बड़े हिस्से से कोरोना संबंधी प्रतिबंधों को हटाया जा चुका है और औद्योगिक एवं कारोबारी गतिविधियां गति पकड़ रही हैं। निर्यात में वृद्धि से यह भी इंगित होता है कि पिछले वर्ष महामारी के कहर के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जो आत्मनिर्भर भारत अभियान का प्रारंभ किया था, वह सही दिशा में अग्रसर है।

इस अभियान का लक्ष्य भारत को वैश्विक आपूर्ति शृंखला में मजबूत स्थिति में लाना है। यह कहने में कोई अतिशयोक्ति या संकोच नहीं कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा किए गए विभिन्न उपायों से अर्थव्यवस्था के भविष्य में निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। जिसके परिणाम हमें बढ़ते निवेश एवं निर्यात के रूप में दिखाई दे रहे हैं।

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