टीकाकरण अभियान का विस्तार

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कोरोना महामारी के संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार नागरिकों के स्वास्थ्य एवं जीवन की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने स्वयं राज्यों के साथ बैठक कर सबको सजग रहने और आवश्यक प्रबंध करने के निर्देश दिए हैं। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री मोदी ने टीके को और प्रभावशाली बनाने के लिए अतिरिक्त खुराक देने और किशारों को टीका देने के बहुप्रतीक्षित निर्णय की घोषणा कर दी है। लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि भारत अपनी बाल एवं किशोर जनसंख्या के लिए कब से टीकाकरण अभियान शुरू करेगा। इसके साथ ही बूस्टर डोज को लेकर भी चर्चा थी।

ओमिक्रान की आहट के बाद से किशोरों के लिए टीकाकरण अभियान एवं अन्य के लिए अतिरिक्त खुराक की आवश्यकत अनुभव की जा रही थी। सरकार ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों से परामर्श कर और संभावित खतरे को देखते हुए दोनों ही मामलों में सराहनीय निर्णय ले लिया है। उल्लेखनीय है कि भारत में कोरोनारोधी टीकाकरण अभियान को एक वर्ष पूरा हो रहा है। यह कहने में कोई अतिशयोक्ति नहीं कि भारत ने जरूरतमंद देशों की सहायता करने के साथ ही अपने यहाँ भी व्यापक स्तर पर टीकाकरण अभियान चलाया।

भारत का टीकाकरण अभियान विश्व के अन्य देशों की तुलना में सबसे बड़ा और सफल अभियान रहा है। उसके परिणाम भी हमें प्राप्त हुए हैं। जहाँ दुनिया के अन्य देशों में कोरोना की पाँचवी-छठवीं आवृत्तियां आ चुकी हैं, वहीं हम अब तक तीसरी आवृत्ति को टालने में सफल रहे। उम्मीद है कि हम तीसरी आवृत्ति को भी टालने में सफल रहेंगे। देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि गत एक वर्ष में देश की 61 प्रतिशत वयस्क जनसंख्या को टीके की दोनों खुराक दी जा चुकी हैं और 90 प्रतिशत वयस्क जनसंख्या एक खुराक ले चुकी है। लेकिन कोरोना का नया वेरिएंट ओमिक्रान जिस आसानी से बच्चों में भी फैल रहा है, उसे देखते हुए किशोरों को भी टीका देना आवश्यक है।

विभिन्न देशों से मिल रहे आंकड़ों और विशेषज्ञों की सलाहों के अनुसार निर्णय हुआ कि तय प्रक्रिया के अनुसार टीकाकरण अभियान यथासंभव तेजी से जारी रखते हुए भी उन लोगों का विशेष ख्याल रखा जाना जरूरी है, जिन्हें ज्यादा खतरा है। इसी नीति के तहत गंभीर बीमारियों से ग्रस्त बुजुर्गों और कोरोना योद्धाओं को अतिरिक्त खुराक देने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही बच्चों एवं किशोरों में ओमिक्रान संक्रमण के खतरे के मद्देनजर उन्हें भी जल्द से जल्द टीके दिलाने का निर्णय हुआ है, जो उचित ही है।

सरकार के प्रयासों को देखते हुए यह विश्वास व्यक्त किया जा सकता है कि टीकाकरण अभियान का दिया गया यह विस्तार ओमिक्रान की चुनौती से निपटने में सहायक होगा।

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