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इच्छाशक्ति, भरोसे और सुरक्षा का शतक

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NEW DELHI, OCT 21 (UNI):- Prime Minister Narendra Modi observing the vaccination at Ram Manohar Lohia hospital on completion of 100 crore vaccinations, in New Delhi on Thursday. UNI PHOTO-63U

सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, कोरोना योद्धाओं की सेवा-सक्रियता और नागरिकों के अनुशासन ने दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया है। वैश्विक संस्थाएं भी भारत की प्रशंसा करने को मजबूर हुई हैं। कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में मात्र 9 माह में 100 करोड़ से अधिक टीके लगाने का कीर्तिमान भी अद्भुत, अकल्पनीय एवं अविस्मरणीय है।
जिस महामारी ने दुनिया को हलाकान कर रखा है, उसके विरुद्ध भारत की लड़ाई प्रेरक है। कठोर लॉकडाउन लागू कर लोगों का जीवन सुरक्षित करने और स्वदेशी टीका विकसित करने से दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चलाकर भारत ने सबको अपने सामथ्र्य का परिचय दिया है।

सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति, कोरोना योद्धाओं की सेवा-सक्रियता और नागरिकों के अनुशासन ने दुनिया को आश्चर्यचकित कर दिया है। वैश्विक संस्थाएं भी भारत की प्रशंसा करने को मजबूर हुई हैं। कोरोना के विरुद्ध लड़ाई में मात्र 9 माह में 100 करोड़ से अधिक टीके लगाने का कीर्तिमान भी अद्भुत, अकल्पनीय एवं अविस्मरणीय है। दुनिया के बड़े और साधन सम्पन्न देश भी यह कमाल नहीं कर पाए हैं। इस कीर्तिमान में एक और महत्वपूर्ण बात यह है कि मोदी सरकार ने सबको मुफ्त टीका उपलब्ध कराया है ताकि गरीब व्यक्ति का जीवन भी सुरक्षित किया जा सके। अंत्योदय के प्रति सरकार की चिंता सराहनीय है।

100 करोड़ टीके की उपलब्धि ने देश में भरोसे और सुरक्षा का वातावरण बनाया है। दुर्भाग्यपूर्ण है कि हमारे यहाँ प्रारंभ में टीकाकरण को लेकर बहुत ही संकुचित राजनीति का प्रदर्शन भी हुआ। विपक्षी दलों ने टीके के प्रति जनता में भ्रम का वातावरण भी बनाने का प्रयास किया। जिसका परिणाम यह रहा कि प्रारंभ में टीकाकरण की गति बहुत धीमी रही। लेकिन, जब राष्ट्रीय विचार से ओत-प्रोत राजनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं संगठनों ने टीके के लिए जागरूकता अभियान चलाए, तब फिर से एक बार विपक्ष के प्रोपेगंडा की हवा निकल गई। देश के नागरिकों ने अपने वैज्ञानिकों एवं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर विश्वास करके टीकाकरण अभियान को सफल बनाया। सफल टीकाकरण अभियान का ही प्रभाव है कि हम अब तक कोरोना संक्रमण की तीसरी आवृत्ति को रोके हुए हैं। जबकि अनेक देशों में तीसरी और चौथी लहर आकर जा चुकी हैं।

100 करोड़ टीके की अभूतपूर्व उपलब्धि के साथ ही यह भी याद रखें कि अभी भी देश की 20 प्रतिशत वयस्क जनसंख्या ऐसी है, जिसने टीके की एक भी खुराक नहीं ली है। वहीं, अभी मात्र 30 प्रतिशत लोग ही ऐसे हैं, जिन्होंने दोनों खुराक ली हैं। इसलिए अभी कोरोना संबंधी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना अनिवार्य हैं। जब भी घर से बाहर निकलें तो मास्क पहनें, शारीरिक दूरी का पालन करें, भीड़ से बचें और हाथों को स्वच्छ रखें। जब तक देश की 80 प्रतिशत वयस्क जनसंख्या को दोनों खुराक नहीं मिल जातीं, तब तक मास्क और आवश्यक दिशा-निर्देश हमारे सुरक्षा कवच हैं। सबके साझा प्रयासों से हम कोरोना के विरुद्ध निर्णायक विजय की ओर बढ़ रहे हैं। एक चूक हमारी अब तक की तपस्या को भंग कर सकती है। इसलिए अधिक सावधान और जागरूक रहें।

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