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अब भारतीय गाड़ियों को नेपाल में नहीं मिलेगा 100 लीटर से ज्यादा पेट्रोल-डीजल, ऑयल निगम ने जारी किए निर्देश

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नई दिल्ली। नेपाल से पेट्रोल और डीजल की तस्करी रोकने के लिए नेपाल ऑयल निगम ने बॉर्डर पर स्थित पेट्रोल पंपों को दिशानिर्देश जारी किए हैं। इसके अनुसार अब भारतीय गाड़ियों (ट्रकों) में 100 लीटर से ज़्यादा डीज़ल नहीं डालना है। इसके अलावा गैलन या कंटेनर में डीजल/पेट्रोल देने पर भी रोक लगाई गई है।
नेपाल में भारत से 30 रुपए तक सस्ता पेट्रोल
भारत में मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई जिलों में पेट्रोल 100 रुपए प्रति लीटर पर पहुंच गया है। जबकि नेपाल में पेट्रोल 70 रुपए प्रति लीटर बिक रहा है। अगर डीजल की बात करें तो यहां डीजल 90 रुपए पार कर गया है जबकि नेपाल में 59 रुपए प्रति लीटर के करीब चल रहा है।
पेट्रोल पंपों की होगी जांच
दिशानिर्देश में कहा गया है कि सीमावर्ती जिलों के पेट्रोल पम्पों की रोजाना जांच की जाएगी और वहां देखा जाए कि ईंधन की कालाबाजारी तो नहीं हो रही है। भारत की तरफ जाने वाली गाड़ियों की जांच भी की जाएगी। कोरोना की वजह से भारत नेपाल सीमा पर गाड़ियों की आवाजाही पर रोक है। लेकिन जरूरी सामानों की आपूर्ति के लिए ट्रकों को सीमा के इस पर से उस पार जाने दिया जा रहा है।
भारत में जब से पेट्रोल डीज़ल की क़ीमतों में बहुत बढ़ोतरी हुई है तभी से ऐसी खबरें आ रही हैं कि नेपाल से चोरी-छुपे तेल लाकर भारत में बेचा जा रहा है। जो ट्रक भारत से सामान लेकर नेपाल जा रहे हैं वो अपना टैंक ख़ाली करके नेपाल जाते हैं और फुल करा के वापस लौटते हैं। इसके अलावा लोग अन्य कई तरीकों से पेट्रोल की कालाबाजारी करने की कोशिश में लगे हुए हैं।
भारत-नेपाल बॉर्डर पर हैं 5 राज्य
भारत-नेपाल बॉर्डर पर 5 भारतीय राज्य उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, सिक्किम और पश्चिम बंगाल स्थित हैं। इन राज्यों में ज्यादातर जगह पेट्रोल 90 रुपए के ऊपर निकल गया है। ऐसे में यहां नेपाल से सस्ता पेट्रोल-डीजल लाकर ज्यादा रेट पर बेचा जा रहा है।
कम उत्पादन के कारण बढ़ रहीं कीमतें
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी रविवार को कहा कि फ्यूल की कीमत बढ़ने की दो मुख्य वजह हैं। पहला, इंटरनेशनल मार्केट ने फ्यूल उत्पादन कम कर दिया है और दूसरा, ज्यादा फायदे के लिए मैन्युफैक्चरिंग देश कम फ्यूल का उत्पादन कर रहे हैं। इससे उपभोक्ता देशों को दिक्कत हो रही है।

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