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केनरा बैंक देगा 50 करोड़ रुपये तक का सस्ता कर्ज, जानिए किसे मिलेगा इस स्कीम का लाभ

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नई दिल्ली। सार्वजनिक क्षेत्र के लेंडर केनरा बैंक ने मुख्य रूप से कोरोना पीड़ितों और उनके इलाज में लगे हॉस्पिटल व नर्सिग होम को 50 करोड़ रुपये तक के सस्ते कर्ज की घोषणा की है। बैंक ने तीन नए लोन प्रोडक्ट लांच किए हैं। इनमें से एक कोरोना से जूझ रहे मरीजों के लिए, दूसरा महामारी की धार कुंद करने में लगे हॉस्पिटल, नर्सिग होम व अन्य स्वास्थ्य सेवा दे रहे संस्थानों के लिए और तीसरा कोरोना संकट से बुरी तरह प्रभावित हुए छोटे व मझोले उद्योगों (एमएसएमई) के लिए है।

बैंक ने शुक्रवार को कहा कि अस्पतालों के लिए केनरा चिकित्सा के माध्यम से हेल्थकेयर क्रेडिट सुविधा मुहैया कराई जाएगी। इसके तहत पंजीकृत अस्पतालों, नर्सिग होम, डॉक्टर तथा जांच व परीक्षण केंद्रों को 10 लाख रुपये से लेकर 50 करोड़ रुपये तक का कर्ज दिया जाएगा।

ब्याज में राहत के साथ इस कर्ज की अवधि 10 वर्षों की होगी, जिसमें 18 महीनों की मोरेटोरियम अवधि शामिल है। वहीं, केनरा जीवनरेखा कैटेगरी में बैंक उन कारोबारियों को कम ब्याज दर पर दो करोड़ रुपये का कर्ज देगा जो मेडिकल ऑक्सीजन, ऑक्सीजन सिलेंडर या कंसंट्रेटर का कारोबार या उसका उत्पादन कर पंजीकृत अस्पतालों को आपूर्ति करते हैं। इन योजनाओं के कर्ज पर बैंक कोई प्रोसेसिंग शुल्क नहीं लेगा।

इन दोनों कैटेगरी के तहत कर्ज लेने की अवधि अगले वर्ष 31 मार्च तक है। एमएसएमई सेक्टर को बैंक क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट फॉर माइक्रो एंड स्मॉल इंटरप्राइजेज (सीजीटीएमएसई) के तहत बिना किसी गिरवी के कर्ज देगा।

बैंक के मुताबिक केनरा सुरक्षा के तहत वह तीसरी कैटेगरी में कोरोना से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए पर्सनल लोन देगा। यह लोन इलाज के दौरान से लेकर हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने के बाद तक 25,000 रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक का होगा। यह लोन इस वर्ष 30 सितंबर तक लिया जा सकेगा।

इस कंपनी ने भी कोरोना को देखते हुए की विशेष पहल

कोरोना की दूसरी लहर को देखते हुए कई फार्मा कंपनियों की तरह ब्रिंटन फार्मास्युटिकल्स ने Faviton (Favipiravir 400) टैबलेट के उत्पादन को तीन गुना कर दिया है। इसके साथ ही कंपनी ने Ivermectin 12 mg का प्रोडक्शन भी बढ़ा दिया है।

ब्रिंटेन फार्मास्युटिकल्स के सीएमडी राहुल दर्डा कहते हैं, ”जिस तरह से देश मौजूदा लहर से जूझ रहा है, हम उससे काफी दुखी हैं। कंज्यूमर या मरीज इन मामलों के बारे में कम-से-कम चिंतित होना चाहिए और केवल बेहतर होने पर ध्यान देना चाहिए।

स्थिति को सुधारने की कोशिश में, हम अपना काम करना चाहते थे। प्रोडक्शन को तीन गुना करने के इस फैसले से हम आसानी से उपलब्ध दवा प्राप्त करके मरीजों की मदद कर पाएंगे। हमें उम्मीद है कि इससे बड़े पैमाने पर जनता को मदद मिलेगी।”

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