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बेमौसम बारिश ने त्‍योहारी खुशियों को किया फीका, टमाटर का खुदरा भाव 100 रुपये प्रति किलो पर पहुंचा

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थोक बाजारों में भी टमाटर महंगा है। कोलकाता में टमाटर 84 रुपये प्रति किलो, चेन्नई में 52 रुपये किलो, मुंबई में 30 रुपये किलो और दिल्ली में 29.50 रुपये किलो के भाव से बिक रहा है।
नई दिल्‍ली।
बेमौसम बारिश ने उपभोक्‍ताओं के साथ ही साथ किसानों के लिए त्‍योहारी खुशियों को फीका कर दिया है। खेतों में टमाटर की फसल खराब होने से महानगरों में टमाटर का खुदरा मूल्‍य 100 रुपये किलो तक पहुंच गया। अन्‍य सब्जियों के भाव भी लगभग 100 रुपये के आसपास ही चल रहे हैं। वही पंजाब, हरियाणा और पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में धान किसानों को पिछले दो दिन में हुई बारिश से काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों से सरकार से राहत राशि की मांग की है।
सरकारी आंकड़ों में टमाटर हुआ महंगा
बारिश के कारण मंडियों में कम आवक होने से सोमवार को महानगरों में टमाटर का खुदरा मूल्य सरकारी आंकड़ों के मुताबिक उछलकर 93 रुपये किलो तक पहुंच गया, जबकि दिल्‍ली व आसपास के इलाकों में टमाटर 100 रुपये किलो तक बिका। आंकड़ों के अनुसार कोलकाता में टमाटर 93 रुपये प्रति किलो, चेन्नई में 60 रुपये प्रति किलो, दिल्ली में 59 रुपये किलो और मुंबई में 53 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बेचा गया।
थोक भाव में भी वृद्धि
उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय द्वारा जिन कुछ शहरों में टमाटर कीमतों का जायजा लिया गया उनमें 175 शहरों में से 50 से अधिक शहरों में टमाटर की खुदरा कीमत 50 रुपये प्रति किलोग्राम से अधिक थी। थोक बाजारों में भी, कोलकाता में टमाटर 84 रुपये प्रति किलो, चेन्नई में 52 रुपये किलो, मुंबई में 30 रुपये किलो और दिल्ली में 29.50 रुपये किलो के भाव से बिक रहा है।
टमाटर की आवक घटी
मंडियों में कम आवक होने के कारण टमाटर की कीमतों में तेजी आई है। मुंबई में, टमाटर की आवक 16 अक्टूबर को 241 टन ही थी, जबकि एक सप्ताह पहले 290 टन की आवक हो रही थी। दिल्ली में यह आवक 528.9 टन और इसी तारीख को कोलकाता में 545 टन रही। दिल्ली के करोलबाग कॉलोनी के एक सब्जी बेचने वाले शिवलाल यादव ने कहा कि हमें बारिश के कारण मंडी से ही अच्छी गुणवत्ता वाले टमाटर नहीं मिल रहे हैं। उपभोक्ता अच्छे टमाटर चुनते हैं और सड़े हुए रह जाते हैं, जिससे हमें नुकसान होता है। इसलिए, हम उस नुकसान को भी ठीक करने के लिए दरों को ऊंचा रखते हैं।
इन राज्‍यों में होती है टमाटर की पैदावार
मौजूदा वक्त में, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में टमाटर की तुड़ाई चल रही है। पिछले हफ्ते, आजादपुर टमाटर एसोसिएशन के अध्यक्ष अशोक कौशिक ने कहा था कि मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे उत्पादक राज्यों में बेमौसम बारिश ने फसल को नुकसान पहुंचाया है, जिससे दिल्ली जैसे उपभोक्ता बाजारों में आपूर्ति प्रभावित हुई है। इस वजह से थोक और खुदरा बाजारों में इस सब्जी के कीमतों में वृद्धि हुई है।
भारत है दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टमाटर उत्‍पादक
टमाटर की फसल बोने के लगभग 2-3 महीने में कटाई के लिए तैयार हो जाती है। फसल की तुड़ाई बाजार की आवश्यकता के अनुसार की जाती है। नेशनल हॉर्टिकल्चरल रिसर्च एंड डेवलपमेंट फाउंडेशन के अनुसार, चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टमाटर उत्पादक देश, भारत है। यहां 7.89 लाख हेक्टेयर के भू-क्षेत्र में टमाटर उगाया जाता है। प्रति हेक्‍टेयर लगभग 25.05 टन की औसत उपज के साथ भारत में लगभग एक करोड़ 97.5 लाख टन टमाटर का उत्पादन होता है।

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