बोध कथा

लक्ष्यहीन मनुष्य

गुरु अपने शिष्यों के साथ जंगल में जड़ी-बूटियाँ खोज रहे थे। जब बहुत समय हो गया तो उन सभी को प्यास

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नकारात्मक सोच

नदी के किनारे कुछ पेड़ थे जिनकी टहनियां नदी के धारा के ऊपर तक फैली हुई थीं। एक दिन चिडिय़ों का

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राजा भोज की युक्ति

प्राचीन काल में एक धारा नगरी थी। यह मालवा की राजधानी थी। इसी राजवंश में सिंधुराज नाम का एक राजा हुआ,

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राजसत्ता और साहित्य

असाधारण-प्रतिभा के कवि थे गुणाढ्य। उनकी अमर कृति का नाम है-बड्डकहा या बृहत्कथा! भारत के लोकजीवन का महाकाव्य। आचार्य सोमदेव ने

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लोकतांत्रिक मुर्गा

लेनिन एक बार अपने साथ संसद में एक मुर्गा लेकर आये। और सबके सामने उसका एक -एक पंख नोचने लगे। मुर्गा

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असत्य का सम्मान

सत्य और असत्य नाम के दो भाई थे। सत्य स्वच्छ और सुन्दर,असत्य मलिन और देखने से ही अप्रिय लग रहा था।

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मूर्ख जुगनू

प्रात:काल होने को था। भगवान सूर्य सात अश्वों के रथ पर बैठ कर प्राची की ओर से बढ़ते आ रहे थे।

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अनीति से अर्जित धन

महाभारत के दिनों रात्रि के समय आक्रमण नहीं होते थे और विरोधी दल के लोग भी आपस में मिल-जुल लेते थे।

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विचारों का बोझ

एक महात्मा ने पूछा कि सबसे ज्यादा बोझ कौन सा जीव उठा कर घूमता है? किसी ने कहा गधा, तो किसी

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