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आमजन को लगा भरोसे का टीका

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  • रमेश सर्राफ धमोरा, वरिष्ठ पत्रकार
    rameshdhamora@gmail.com

प्र्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उन्हें देश-विदेश से छोटे-बड़े सभी राजनेताओं के बधाई संदेश मिल रहे थे। पार्टी कार्यकर्ता देश के विभिन्न भागों में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन कर रहे थे। इसी दौरान एक ऐसा कार्यक्रम भी संपन्न हो रहा था।जससे दुनिया भर में भारत का सम्मान तो बढ़ा ही, साथ ही देशवासियों की सुरक्षा की दृष्टि से एक मील का पत्थर स्थापित हुआ।

भारत के चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों ने प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर एक दिन में ही दो करोड़ पचास लाख लोगों को कोरोना वैक्सीन की डोज लगाकर एक रिकॉर्ड कायम किया है। किसी भी एक देश में दिन में ढाई करोड़ से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाना किसी आश्चर्य से कम नहीं है। यह हमारे देश के चिकित्साकर्मियों के जोश, मेहनत व जज्बे के कारण ही संभव हो पाया है। दुनिया में बहुत से देशों की तो आबादी ही ढाई करोड़ से कम है। देश में कोरोना वैक्सीन का टीकाकरण बहुत तेजी से हो रहा है। देश में अब तक 18 वर्ष से अधिक आयु के 80 करोड़ से अधिक लोगों को कोरोना वैक्सीन की एक डोज लगाई जा चुकी है। जबकि करीबन 20 करोड लोगों को दोनों डोज लग चुकी है।

देश में प्रतिमाह 20 से 25 करोड़ कोरोना वैक्सीन की डोज लगाई जा रही है। जिनका निर्माण हमारे देश में ही हो रहा है। आठ महीने के कम समय में देश में आधी से अधिक आबादी को कोरोना वैक्सीन की एक डोज लगने से देशवासियों का मनोबल बढ़ा है तथा खुद को कोरोना के संक्रमण से सुरक्षित समझने लगे हैं। एक समय था जब देश में कोरोना वैक्सीन को लेकर बहुत अफरातफरी थी। वैक्सीन आवंटन को लेकर केन्द्र व राज्य सरकारों द्धारा एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे थे।

कोरोना वैक्सीन केंद्रों पर उमड़ रही भारी भीड़ की फोटो समाचार पत्रों की सुर्खियां बन रही थी। केंद्र सरकार विरोधी दलों के निशाने पर थी। लोगों में टीकाकरण में होने वाली देरी को लेकर सरकार के प्रति रोष व्याप्त हो रहा था। इसके लिये केंद्र और राज्य सरकारी एक दूसरे को दोषी ठहरा रही थी। मगर आज स्थिति पूरी तरह बदली हुई है। देश में तेजी से टीकाकरण हो रहा है। साथ ही टीकाकरण का पूरा खर्च केंद्र सरकार वहन कर रही है।

केंद्र सरकार का मानना है कि दिसम्बर 2021 तक देश के सभी वयस्क 94 करोड़ आबादी को कोरोना वैक्सीन का टीका लगा दिया जाएगा। लगता है कि हम तय समय से पहले ही टीकाकरण का लक्ष्य हासिल कर लेंगे। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर), के महानिदेशक डॉ शेखर पांडे का मानना है कि देश में टीकाकरण अभियान सफल होने का सबसे प्रमुख कारण है कि सरकार ने समय रहते टीकाकरण अभियान की नीति बनाई। देश के वैज्ञानिकों ने टीके की खोज की और उसको बनाया।

निजी कंपनियों ने अपने संयंत्रों में उनका बहुत तेजी से उत्पादन किया। सरकार ने व्यवस्थित तरीके से उसे आम व्यक्ति तक पहुंचाने की सुविधा उपलब्ध कराई। कोरोना की दूसरी लहर के बाद केंद्र व राज्य सरकारें अपने चिकित्सकीय तंत्र को मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से कार्य कर रही हैं। देश के हर छोटे-बड़े अस्पताल में गैस उत्पादन के संयंत्र लगाए जा रहे हैं। जीवन रक्षक दवाओं का तेजी से उत्पादन हो रहा है। इन्हीं सब के चलते देशवासी तीसरी लहर आने की संभावना से उतने आशंकित नजर नहीं आ रहे हैं जितना उन्होंने दूसरी लहर के दौरान डर को महसूस किया था।

देश में तेजी से हो रहे टीकाकरण के कारण देश के आम आदमी का केंद्र व राज्य सरकारों पर भरोसा बढ़ा है। देशवासी खुद को सुरक्षित महसूस करने लगे हैं। अपने आत्म बल की ताकत पर देशवासी अब किसी भी स्थिति का मुकाबला करने में खुद को सक्षम महसूस करने लगे हैं।

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