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गर्भवती महिलाएं भी बेझिझक लगवाएं कोविड का टीका

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  • दीप्ति अंगरीश


दो जुलाई को सरकार ने कोविड टीकाकरण अभियान में एक अहम निर्णय लिया। केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने गर्भवती महिलाओं के लिए कोविड वैक्सीन को शुरू कर दिया है। अब गर्भवती महिलाएं भी कोविन एप पर जाकर वैक्सीन के लिए पंजीकरण करा सकती हैं। यह सुविधा वॉकइन रजिस्ट्रेशन पर भी लागू होगी। एनटागी (नेशनल टेक्निकल एडवाजरी ग्रुप ऑन इम्यूनाइजेशन) और नेगवैक (द नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड19) की सिफारिश के बाद इसकी सार्वजनिक घोषणा की गई कि कोविड वैक्सीन गर्भवती महिलाओं के लिए भी सुरक्षित है और महिलाएं इसे बिना किसी झिझक के ले सकती है। इससे नवजात शिशु को भी मां की एंटीबॉडी से संक्रमण के प्रति सुरक्षा प्राप्त होगी। पहली बार गर्भधारण करने वाली महिलाओं के दिमाग में कोविड वैक्सीन को लेकर कई तरह की भ्रांतियां हैं। विशेषज्ञों से हुई बातचीत में सभी सवालों का जवाब जानने की कोशिश की गई।

वैक्सीन शोध के लिए देशभर में इस समय कई कमेटियां काम कर रही है। गर्भवती महिलाओं को कोविड वैक्सीन के दायरे में शामिल करने के लिए संबंधित सभी एजेंसियों से सुझाव मांगे गए, इससे पहले आईसीएमआर (इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च) ने इस बात की अनुशंसा की कि कोविड की सभी वैक्सीन गर्भवती महिलाएं और गर्भस्थ शिशु दोनों के लिए सुरक्षित है। इसलिए गर्भवती महिलाएं वैक्सीन ले सकती है इससे गर्भ में पल रहे शिशु की भी कोविड संक्रमण से रक्षा हो सकेगी। विशेषज्ञ कमेटी में एनटागी, नेगवैक के अलावा गर्भवती महिला और नवजात शिशु रक्षा में काम कर रही फॉगसी (द फेडरेशन ऑफ आबस्टे्रटिक एंड गाइनेक्लॉजी) से भी सुझाव मांगे गए।

वैज्ञानिक सुझावों और प्रमाणित शोध के बाद पाया गया टीकाकरण के बाद बनने वाली एंटीबॉडी जिसे इम्युनोग्लोबुलिन ए मां के दूध के जरिए शिशु तक पहुंचती है, इसलिए टीकाकरण के पहले और बाद में भी महिलाओं को स्तनपान जारी रखना चाहिए। इसी तरह गर्भवती महिलाएं भी यदि कोविड संक्रमित होती है तो उन्हें अस्पताल में भर्ती होने की कभी भी जरूरत पड़ सकती है। ऐसे में शिशु यदि नौ महीने पहले या प्री मैच्योर बेबी होने पर या वजन कम होने पर शिशु को बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है। गर्भवती महिला को यदि पहले से वैक्सीन लगा होगा तो ऐसी किसी परेशानी से बचा जा सकता है क्योंकि वैक्सीन संक्रमण की गंभीर स्थिति से बचाती है। जो गर्भवती महिलाएं मोटापे या थॉयरॉयड की समस्या से पीडि़त रहती हैं, विशेषज्ञों का कहना है कि कोविड19 टीकाकरण गर्भवती महिलाओं को इस अतिरिक्त जोखिम से बचाता है।

नये दिशा निर्देशों के अनुसार गर्भवती महिलाएं गर्भावस्था के दौरान कभी भी कोविड का वैक्सीन लगवा सकती हैं, जो महिलाएं गर्भधारण के बारे में विचार कर रही हैं, बेहतर होगा कि वह पहले ही टीकाकरण करा लें।

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