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टोक्यो ओलंपिक खिलाडिय़ों से प्रधानमंत्री की बात : जापान में जीत के मंसूबे

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  • किशन भावनानी

ओलिंपिक खेल स्पर्धाएं 23 जुलाई 2021 से 8 अगस्त 2021 तक चलेंगी। कोरोना काल में टोक्यो ओलिंपिक 2020 को करने का जज़्बा और साहसपूर्ण फैसला सराहनीय है। हर चार साल में होने वाला यह खेल उत्सव 2020 में ही होना था परंतु कोरोना के कारण निरस्त कर दिया गया था और अब इस वर्ष 2021 में हो रहा है। यही कारण है कि इसे टोक्यो ओलंपिक 2020 ही नाम दिया गया है। हालांकि दुनिया से करोना अभी समाप्त नहीं हुआ है। फिर भी कड़ी सुरक्षा, चाक -चौबंद नियंत्रण और निगरानी के साथ खेल होंगे।

दर्शकों की प्रत्यक्ष भागीदारी पर प्रतिबंध है, केवल खिलाड़ी, कोच और संबंधित स्टाफ तथा अनिवार्य लोग ही उपस्थित हो सकेंगे। इसमें देश के 22 राज्यों से, 126 एथलीट 18 खेलों में 135 करोड़ भारतीयों का प्रतिनिधित्व करेंगे। दशकों में ऐसा पहली बार होगा जब ओलंपिक खेलों में इक्वेस्टेरियन (घुड़सवारी) में कोई खिलाड़ी भारत का प्रतिनिधित्व करेगा। यह पहली बार ही होगा कि इतनी बड़ी संख्या में खिलाड़ी भाग लेंगे। विजय मार्ग की ओर ले जाने की चाबी इनका उत्साह, प्रोत्साहन, उत्साहवर्धन ही है। जज्बे से हारने वाला खिलाड़ी भी जीत जाता है। हालांकि मेहनत, प्रैक्टिस और दावपेंच सीखना भी मायने रखता है।

हमने 13 जुलाई को देरशाम टीवी चैनलों पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को टोक्यो ओलिंपिक 2020 में चयनित खिलाडिय़ों से वर्चुअल सीधे बात करते देखा। जिसने खिलाडिय़ों के साथ-साथ हर नागरिक का उत्साहवर्धन किया। इससे अबकी बार भारत में मैडलो की अच्छी प्राप्ति होगी, इसका संकल्प मजबूत हुआ। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा, आप टोक्यो जाकर जब देश का परचम लहराएंगे तो उसे पूरी दुनिया देखेगी। आपको ये बात जरूर याद रखनी है कि जीतने का दबाव लेकर नहीं खेलना है। अपने दिलों दिमाग से बस एक बात कहिए कि मुझे अपना बेस्ट परफॉर्म करना है।

पहली बार इतनी बड़ी संख्या में खिलाडिय़ों ने ओलिंपिक की पात्रता प्राप्त की है। पहली बार इतने ज्यादा खेलों में भारत के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। कई खेल ऐसे हैं जिनमें भारत ने पहली बार क्वालिफाई किया है। पीएम ने टोक्यो ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाडियों से बात कर सभी को अपनी शुभकामनाएं भी दी। खिलाडिय़ों को ज्यादा से ज्यादा इंटरनेशनल एक्सपोजर दिया जा रहा है। खेल से जुड़ी संस्थानों ने आप सबके सुझावों को सर्वोपरि रखा, इसीलिए इतने कम समय में इतने बदलाव आ पाये हैं। आपको यह बात जरूर याद रखनी है कि जीतने का दबाव लेकर नहीं खेलना है।

आप टोक्यो जाकर जब देश का परचम लहराएंगे तो उसे पूरी दुनिया देखेगी। प्रधानमंत्री ने 15 भारतीय खिलाडिय़ों से चर्चा की। 23 जुलाई को टोक्यो ओलिंपिक खेल समारोह का उद्घाटन होगा जिसमें मैरीकॉम और मनप्रीत भारतीय दल के ध्वजवाहक होंगे। पहलवान बजरंग समापन समारोह में ध्वजवाहक होंगे। प्रधानमंत्री ने पिछले दिनों टोक्यो ओलिंपिक में भारतीय दल की सुविधा के लिए की गई तैयारियों की समीक्षा भी की थी।

उन्होंने अपने मन की बात कार्यक्रम में कुछ एथलीटों की प्रेरणादायक यात्रा पर भी चर्चा करने के साथ ही देशवासियों से आगे आने और पूरे दिल से उनका समर्थन करने का आग्रह किया था। टोक्यो में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए 22अगस्त तक इमरजेंसी लगाई गई है। जापान सरकार ने संक्रमण में हालिया उछाल को रोकने के प्रयास में, आगामी ओलंपिक की पूरी अवधि को कवर करते हुए, राजधानी टोक्यो को चौथे कोविड -19 आपातकाल के तहत रखने का फैसला किया है।

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