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पाकिस्तान-खुद के पाले सांपों से डसा जाना जिसकी नियति है

  • डॉ. सुदीप शुक्ल
    वह वर्ष 2011 के अक्टूबर का महीना था, जब तत्कालीन अमेरिकी विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन इस्लामाबाद यात्रा पर थीं। इस दौरे में पाकिस्तान की तत्कालीन विदेश मंत्री हिना रब्बानी खार के साथ मीडिया को संबोधित करते हुए श्रीमती क्लिंटन ने नसीहत देते हुए कहा था- ‘यह उस पुरानी कहानी की तरह है कि आप अपने आंगन में सांप रखकर यह उम्मीद नहीं कर सकते कि वह केवल आपके पड़ोसियों को काटेगा। अंतत: वह सांप उसे आंगन में रखने वालों को भी काटेंगे।’ पिछले साल दिसंबर मध्य: के सर्द दिनों में जब बर्फ जमी हुई थी तब इसी बात का हवाला देते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी कहा था कि ‘दुनिया पाकिस्तान को आतंकवाद के केंद्र के रूप में देखती है। पाकिस्तान को अपनी हरकतों में सुधार कर अच्छा पड़ोसी बनने की कोशिश करनी चाहिए।’ तब विदेश मंत्री जयशंकर ने हिलेरी क्लिंटन के इस बयान को भी दोहराया था। श्री जयशंकर को भारत की अध्यक्षता में आयोजित संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के कार्यक्रम ‘ग्लोबल काउंटर टेररिज्म अप्रोच: चैलेंज एंड वे फॉरवर्ड’ के बाद पत्रकारों के प्रश्नों के उत्तर में यह बात इसलिए कहनी पड़ी थी क्यों कि पाकिस्तान की विदेश राज्यमंत्री हिना रब्बानी खार ने आतंकवाद को लेकर पाकिस्ताननी दुष्प्र चार के अपने एजेंडा के तहत भारत पर प्रतिकूल टिप्पणी की थी। बहरहाल पाकिस्ताकन हितकारक नसीहतों को मानता कहां हैं? इसके परिणाम भी गंभीर हो चले हैं। आर्थिक रूप से दीवालिया होने की कगार पर खड़े पाकिस्तानन में आतंकवाद का सांप अब उसे ही डसने लगा है जिसे उसने अपने आंगन में पाला है।
    पाकिस्तािन में तालिबान खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के स्वाेत जिले के कबाल पुलिस थाना परिसर में स्थित काउंटर-टेररिज्म डिपार्टमेंट (सीटीडी) के परिसर में सोमवार रात 8.20 बजे विस्फोट हो गया। इस हमले में करीब 17 लोगों की मौत हो गई, जिनमें तीन नागरिक और शेष पुलिसकर्मी थे। जबकि विस्फोयट और इमारत के मलबे में दबने 70 अन्य घायल हुए हैं। इनमें से 10 की हालत गंभीर है। इस विस्फोफट के कुछ घंटे पहले ही, सीटीडी ने लक्की मरवत क्षेत्र में एक अभियान चलाया था, जिसमें तीन तालिबानी आतंकवादी ढेर हुए थे। माना जा रहा है कि इसी के जवाब में तहरीके तालि‍बान पाकिस्तान (टीटीपी) ने आतंकवाद रोधी विभाग के कार्यालय पर हमला किया। विस्फोट से पुलिस स्टेशन की छत, सीटीडी कार्यालय और थाने के अंदर बनी मस्जिद हिल गई। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, विस्फोट के कारण छत गिरने से 20 पुलिसकर्मी दब गए। हमले के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी इसे फि‍दायीन हमला करार दिया था, हालांकि बाद में इस बयान को बदलते हुए कहा गया कि विस्फोंट क्यों हुआ इसके कारणों की जांच की जा रही है। डीआईजी मलकंद नासिर महमूद सती ने देर रात पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि यह घटना आतंकवादी गतिविधि या आत्मघाती विस्फोट का परिणाम नहीं थी, बल्कि प्रारंभिक जांच के अनुसार यह लापरवाही का संकेत है। उन्होंने बताया कि पुलिस थाना परिसर में आतंकवाद रोधी विभाग के एक पुराने कार्यालय के अंदर हथियारों के भंडारण क्षेत्र में विस्फोट हुआ। पाकिस्ता न की यह बड़ी समस्या या कहें मजबूरी है कि वह आतंकवादियों को आतंकवादी नहीं कह सकता।
    तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तातन (टीटीपी) एक इस्लामिक संगठन है जो पाकिस्तान में शरिया कानून लागू करने की मांग करता है। इसके लिए यह संगठन लगातार आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देता रहता है।

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