पाक उच्चायोग पहले जासूसी, अब यौन उत्पीड़न

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  • आर.के. सिन्हा
    राजधानी का डिप्लोमेटिक एरिया चाणक्यपुरी आजकल एकबार फिर खबरों में है। वजह यह है कि वहां पर स्थित पाकिस्तान के हाई कमिशन में एक भारतीय महिला प्रोफेसर के साथ यौन उत्पीड़न का केस सामने आया है। वह वहां पर पाकिस्तान जाने के लिए वीजा लेने के लिए गईं थीं। अफसोस कि पाकिस्तान हाई कमीशन में कभी कोई सार्थक और रचनात्मक गतिविधियां नहीं हुईं। वहां पर पाकिस्तान के स्वाधीनता दिवस पर बिरयानी की दावत जरूर आयोजित होती थी। पर यह जगह मात्र भारत की जासूसी का अड्डा बना रहा। यहां पर जम्मू-कश्मीर के पृथकतावादी और आतंकवादी नेताओं को दामादों की तरह से सम्मान मिलता ही रहा। भारत सरकार ने 1950 के दशक में चाणक्यपुरी में विभिन्न देशों को भू-भाग आवंटित किये थे। पाकिस्तान को भी इस आशा के साथ बेहतरीन जगह पर अन्य देशों की अपेक्षा बड़ा प्लाट दिया गया था कि वह भारत से अपने संबंधों को मधुर बनाएगा। पर पाकिस्तान ने भारत को निराश ही किया। वह अपनी करतूतों से न बाज आया न ही सुधरा । उसके गर्भनाल में भारत के खिलाफ नफरत भरी हुई है। अब वहां पर उन भारतीयों के साथ यौन उत्पीड़न भी हो रहा है, जो वीजा लेने के लिए वहां पर जाते हैं। मतलब घटियापन की इंतिहा कर रहा है पाकिस्तान। भारत से नफरत करना पाकिस्तान के डीएनए में है। वह भारत का सिर्फ बुरा ही चाहता है। यह बात अलग है कि उसके न चाहने के बाद भी भारत संसार की सैन्य और आर्थिक दृष्टि से एक बड़ी शक्ति बन गया हैं। पर पाकिस्तान के घटियापन के बावजूद भारत ने पाकिस्तान को भी किसी तरह से नुकसान नहीं पहुंचाया। यह सब करना भारत की कूटनीति का अंग ही नहीं है। पाकिस्तान की अब आंखें भी खुल रही हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने देश की सच्चाई से मुंह मोड़ने की जगह जनता को असली स्थितियों से अवगत करा रहे हैं। हाल ही में उन्होंने पाकिस्तान के लिए बार-बार ऋण मांगने की तुलना भीख मांगने से की थी और कहा था कि उन्हें इसकी वजह से शर्मिंदा होना पड़ता है। अब उन्होंने भारत से रिश्तों को लेकर भी बयान दिया है। शरीफ ने कहा है कि भारत से तीन युद्धों में पराजय के बाद उनका देश अपने सबक सीख चुका है। शरीफ से भारत के साथ रिश्तों को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से तीन युद्धों में पाकिस्तान ने सबक सीखे हैं और वे अब शांति चाहते हैं। शरीफ ने इस बार भारत को कश्मीर पर कोई भी धमकी नहीं दी, बल्कि भारत से वार्ता की अपील करते दिखे।

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