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नौ साल- सांस्कृतिक समृद्धि हुई बेमिसाल

  • डॉ. राकेश मिश्र
    प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में केंद्र की भाजपा सरकार के कार्यकाल के नौ साल पूरे हो गए।इस नौ साल में आर्थिक और सामरिक विकास की दृष्टि से देश ने प्रगति के कई नयेआयामों को प्राप्त किया। लेकिन, श्री नरेंद्र मोदी जी ने विकास और विज्ञान के बीचभारत की सांस्कृतिक विरासत को भी जो बुलंदी प्रदान की वह बेमिसाल है। भारत कीपहचान उसकी संस्कृति ही रही है। भारत की संस्कृति सनातन रही है। दुर्भाग्यवश, इसकीसंस्कृति पर बारम्बार आघात होता रहा। लेकिन, इससे भी दुखदस्थिति यह रही कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी इसकी उपेक्षा होती रही। वोटबैंककी राजनीति के कारण इसके संरक्षण और संवर्धन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। लेकिन श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में भारत की संस्कृति और धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन का कीर्तिमान स्थापित किया गया। केन्द्र में सत्ता संभालने के साथ ही प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदीजी ने सनातन धर्म, सभ्यता और सांस्कृतिक परंपरा को पूरी दुनिया में फिर से स्थापित करने का काम किया। पहले की केंद्र सरकारें पुनरुद्धार का काम तो दूर, चर्चा तक नहीं कर सकती थी। प्राचीन सांस्कृतिक धरोहरों, हमारी सभ्यता, संस्कृति के प्रतीक रहे स्थानों, मंदिरों एवं प्रतिमाओं के पुनर्निर्माण का काम उन्हें एक महान सुधारक और उद्धारक की श्रेणी में डाल रहा है।
    अयोध्या में भव्‍य श्री राम मंदिर का निर्माण : सदियों से हर भारतीय का सपना था कि भगवान श्रीराम के जन्मस्थान अयोध्या में भव्य मंदिर बने। लेकिन, यह साकार तब हुआ जब 2019 में राम जन्मभूमि को लेकर सर्वोच्च न्यायालय का फैसला आया तो अब वहां भव्य मंदिर का निर्माण हो रहा है, जो जनवरी 2024 में पूर्ण हो जाएगा।
    श्रीराम वन पथ गमन परियोजना : केंद्र की भाजपा सरकार ने न सिर्फ अयोध्या, बल्कि राम वन पथ गमन परियोजना लाई। जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की महत्वाकांक्षी परियोजना है। इसका उद्देश्य नौ राज्यों के उन 15 स्थानों का पुनर्निर्माण करना, जहां-जहां भगवान श्रीराम गए थे।
    काशी विश्वनाथ कोरिडोर : भारतीय संस्कृति और इतिहास में काशी का महत्वपूर्ण स्थान है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने उसकी न सिर्फगरिमा लौटाई, बल्कि उसे वैश्विक पटल पर ला दिया। तमाम धरोहरों के बावजूद दुनिया का सबसे पुराना शहर वाराणसी अपनी तंग और गंदी गलियों के रुप में भी जाना जाता था। श्रीनरेन्द्र मोदी जी ने प्रधानमंत्री बनने के बाद से ही काशी को उसके स्तर के मुताबिक बुनियादी ढांचा देने का ऐलान कर दिया। आठ मार्च 2019 को उन्होंने काशी विश्वनाथ कॉरीडोर और मंदिर परिसर के जीर्णोद्धार का काम शुरु कर दिया। यह भारत का दूसरासबसे बड़ा कॉरिडोर है।
    श्री महाकाल लोक उज्जैन : सांस्कृतिक, ऐतिहासिक एवं पौराणिक रूप से महत्वपूर्ण मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकाल कोरिडोर का निर्माण कर करोड़ों लोगों की भक्ति और आस्था का सम्मान प्रधानमंत्री मोदी जी ने किया। इसकी भव्यता और सुन्दरता भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया में आकर्षण का केंद्र है।
    केदारनाथ का पुनर्विकास : 2013 की भीषण आपदा से बर्बाद हुए केदारनाथ धाम को लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी काफी आहत हुए थे। उस समय वे गुजरात के मुख्यमंत्री थे। प्रधानमंत्री बनते ही उसके पुनर्विकास का बीड़ा मोदीजी ने उठाया तो इसकी भव्यता को फिर से निखारा गया।
    उत्तराखंड में चार धाम परियोजना : उत्तराखंड में चारधाम परियोजना उन्होंने शुरू की, जिसके तहत एक आधुनिक, हर मौसम की मार झेल सकने वाली सड़कें जो चारों धामों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम को जोड़ेंगी। मोदी सरकार ने देवभूमि उत्तराखंड के लिए चार धाम परियोजना शुरू की है। इस योजना के तहत चारों धामों यमुनोत्री, गंगोत्री, केदारनाथ, बद्रीनाथ धाम को जोड़ने वाली एक चार लेन सड़क का निर्माण किया जा रहा है। जो हर मौसम की मार झेलने के लिए तैयार है।।
    कश्मीर में मंदिरों का पुनर्निमाण : कश्मीर में धारा 370 हटने के बाद मोदी सरकार ने श्रीनगर में कई पुराने मंदिरों का पुनर्निर्माण शुरु किया है। झेलम नदी के किनारे बने रघुनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। सरकार के आंकलन के अनुसार कश्मीर घाटी में अभी 1842 धार्मिक स्थल हैं, जिनमें 952 मंदिर है। 740 जीर्ण शीर्ण हालत में है, जबकि मात्र 212 में पूजा होती है। धारा 370 हटने के बाद मोदी सरकार ने श्रीनगर में कई पुराने मंदिरों का पुनर्निर्माण किया है। खीर भवानी मंदिर, जो कश्मीरी पंडितों की आस्था का केंद्र है, उसका भी सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। इसी तरह तेईस सौ साल प्राचीन शारदा मंदिर का भी जीर्णोद्धार मोदी सरकार में किया जा रहा है। इसके लिए कोरिडोर का उद्घाटन गृहमंत्री अमित शाह जी ने किया था।
    सोमनाथ का पुनरुद्धार : प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदीजी ने सोमनाथ मंदिर के पुनरुद्धार के लिए विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसमें सोमनाथ समुद्र दर्शन पथ, सोमनाथ प्रदर्शनी केंद्र और पुराने(जूना) सोमनाथ का पुनर्निर्मित मंदिर परिसर शामिल हैं।
    संत रामानुजाचार्य का सम्मान : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने पांच फरवरी 2022 को हैदराबाद में 11वीं सदी के हिंदू संत रामानुजाचार्य के सम्मान में बनी 216 फीट ऊंची स्टैच्यू ऑफ इक्वेलिटी का उद्घाटन किया था। यह 45 एकड़ जमीन पर बना है। मंदिर परिसर में करीब 25 करोड़ की लागत से म्यूजिकल फाउंटेन का निर्माण कराया गया है।
    करतारपुर कोरिडोर : सालों से बंद करतारपुर कोरिडोर पर किसी सरकार ने ध्यान नहीं दिया। मोदी सरकार ने 120 करोड़ रुपये देकर के कोरिडोर भी बनाया और वहां जाने के लिए रास्ता भी निकाला। वहां यात्रियों के ठहरने की भी व्यवस्था की।
    सिख गुरुओं का सम्मान : मोदी सरकार ने गुरु गोविन्द सिंह जी का 350 वां प्रकाश पर्व और गुरु नानक देव जी का 550 वां प्रकाश पर्व मनाया। सिक्खों की इंटरनेशनल स्टडी रिसर्च सेंटर बनाया है। गुरु गोविंद सिंह के पुत्रों के शहादत दिवस को वीर बाल दिवस घोषित कर मोदी सरकार ने देश के करोड़ों लोगों की भावना का सम्मान किया। अफगानिस्तान पर तालिबान के कब्जे के बाद मोदी जी के प्रयास से श्रीगुरुग्रंथ साहिब की तीन प्रतियों को पवित्रता बनाए रखकर सुरक्षित भारतीय वायुसेना के विमान से सुरक्षित भारत लाया गया।
    दुनिया में सनातन को सम्मान : प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जीने न सिर्फ भारत में, बल्कि दुनिया के दूसरे देशों में भी मंदिरों को भव्य बनाने का काम किया है। 2018 में प्रधानमंत्री मोदी जी ने अबू धाबी में बनने वाले पहले हिंदू मंदिर की आधार शिला रखी थी। साल 2019 में मोदी सरकार ने मनामा (बहरीन की राजधानी) और अबू धाबी में भगवान श्रीकृष्ण श्री नाथजी के पुनर्निर्माण के लिए 4.2 मिलियन डॉलर देने का ऐलान किया।

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