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सेवा और समर्पण की प्रतिमूर्ति नरेन्द्रभाई मोदी

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लोकतांत्रिक रूप से चुनी गयी सरकार लोगों के कल्याण के लिए समर्पित मानी जाती है। इस कसौटी पर खरा उतरते हुए मोदी सरकार ने समाज के सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए बहुत सी नयी योजनायें बनायी है।

  • लाल सिंह आर्य, भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष

दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश भारत को एक ऐसे प्रधानमंत्री की जरूरत थी जो समावेशी हो जिसके मन में करूणा हो और सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय की भावना हो तथा सबका साथ, सबका विकास के साथ कार्य करे। इसी सोच के साथ 2014 में भारत की राजनीति में एक सुनहरा पन्ना जुड़ता है जिसमें नाम लिखा होता है नरेन्द्र दामोदर मोदी 2021 आते-आते प्रधानमंत्री के रूप में मोदीजी की वैश्विक दृष्टि से भारतीय समाज संभावना के साथ आत्मनिर्भरता की ओर बढऩे लगता है।

एक समावेशी सोच के साथ समय के अनुरूप स्वयं को ढालने और निखारने की जो इच्छाशक्ति आम भारतीयों को प्रधानमंत्री मोदी से मिलती है, वह अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। स्वाधीनता के पश्चात देश का विकास हुआ लेकिन आखिरी पंक्ति पर बैठा व्यक्ति हमेशा विकास से दूर रहा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय के चिंतन को जीते नरेन्द्र मोदी जी ने हर उस आदमी की चिंता की जो विकास की रोशनी से दूर रहा।

इसमें गरीब किसान, मजदूर, महिला, अनुसूचित जाति और जनजाति के साथ विश्व फलक पर भारत की ताकत और और मजबूत बनाने की कोशिश की यह पहली बार हो रहा है कि मोदी सरकार पर निरंतर लोगों का विश्वास बना हुआ है। दुनिया के सबसे बड़े नेता के रूप में पहचान बनाने वाले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर उनके सेवा और समर्पण की पुण्यायी का स्मरण करते हैं।

लोकतांत्रिक रूप से चुनी गयी सरकार लोगों के कल्याण के लिए समर्पित मानी जाती है। इस कसौटी पर खरा उतरते हुए मोदी सरकार ने समाज के सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए बहुत सी नयी योजनायें बनायी है। इन योजनाओं से ना केवल आम आदमी का जीवन सुखी हुआ है बल्कि सहज भी बना है। जिंदगी को आसान बनाने के लिए मोदी सरकार ने डिजीटल व्यवहार पर जोर दिया।

इस डिजीटलीकरण से एक तरफ भ्रष्टाचार खत्म होने लगा तो दूसरी तरफ पारदर्शिता आयी। अब कोई भी व्यक्ति घर बैठे अपने मोबाइल से लेन-देन कर सकता है। मोदी सरकार का यह क्रांतिकारी कदम था लोगों के जीवन को सहज और सरल बनाने में. सब कुछ इतना आसान कर दिया गया कि बच्चे से लेकर वृद्धजन अब डिजीटल दुनिया में प्रवेश कर गए है। नए भारत का यह नया स्वरूप वर्तमान समय की जरूरत है क्योंकि यह पहल एक दिन हमें विश्व गुरु बनायेगी।
मोदी सरकार की प्राथमिकता में किसान सबसे ऊपर रहे हैं। स्वयं मोदी जी का मानना है कि अन्नदाता मजबूत होगा तो देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

इस नाते बिचौलियों से मुक्ति दिलाने के लिए किसान क्रेडिट कार्ड, फसलों की कीमतों में समय-समय पर उचित निर्धारण, न्यूनतम दर पर ब्याज किसानों की चिंता करते हुए नए कृषि कानून के माध्यम से उस बैरियर को तोड़ देना जिसमें किसान अब अपनी उपज कहीं भी बेच सकता है। अपने जिले, राज्य में अपनी फसलों के विक्रय के लिए बंधे किसान को अब पूरा देश मिल गया है। आजादी के बाद किसानों के हक में लिया जाने वाला यह फैसला देश का सबसे बड़ा फैसला है। देश के 86 प्रतिशत गरीब किसानों को प्रतिवर्ष 6 हजार रुपये प्रधानमंत्री सम्मान निधि दिया जा रहा है। यह अपने आप में क्रांतिकारी फैसला है क्योंकि इससे किसान बिचौलिये और साहूकारों के जाल से मुक्त हो रहे हैं।

यह फैसला किसानों को इस बात के लिए आश्वस्त करता है कि मोदी सरकार हर कदम पर उनके साथ है। किसी भी समाज के विकास का सीधा सम्बन्ध उस समाज की महिलाओं के विकास से जुड़ा होता है। मोदी सरकार का मानना है कि महिलाओं के विकास के बिना व्यक्ति, परिवार और समाज के विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। घर की देहरी में बंद महिलाओं से कहा कि अब पूरा आसमां तुम्हारा है। घर में चूल्हे के धुंए में जिन औरतों की जिंदगी धुंआ-धुंआ हो रही थी, उनके लिए गैस की व्यवस्था कर दी गई।

उज्जवला योजना का लाभ लेने वाली लाखों महिलाओं को धुंये से होने वाली बीमारी से मुक्ति मिल गई है। अब वे सुकून के साथ रसोई की जिम्मेदारी पूरी कर रही हैं। शिक्षा विकास का आधार होता है और इस बात को ध्यान में रखकर मोदी सरकार ने बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना की शुरूआत की है। आर्थिक सुरक्षा देने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना आदि की शुरुआत की है। महिलाओं की जिंदगी को नरक बनाने वाला तीन तलाक कानून को रद्द कर मोदी सरकार ने संदेश दिया है कि अब वह दिन बीत गए जब महिलायें अत्याचार सहकर चुप रहती थीं। इस फैसले ने पूरी दुनिया को संदेश दिया कि नवभारत रचा जा रहा है।

आजादी के 70 साल बाद भी भारत की बहुसंख्य जनता ने बैंक का दरवाजा नहीं देखा था या बैंक को लेकर उनके मन में भय था, उसे दूर करने के लिए प्रधानमंत्री जन-धन योजना शुरू की गई। इस योजना से आम आदमी और बैंक के बीच दोस्ती का रिश्ता कायम हो गया। यह योजना इतनी सफल रही कि इसे गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकार्ड में शामिल किया गया है। यह भी देश में पहली-पहली बार हो रहा है। देश के ऐसे लाखों परिवार हैं जिनके सिर पर छत नहीं थी। उन सब लोगों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ देकर उन्हें उनका अपना घर दिलाया गया है। इसके पहले की सरकारों ने इन वर्गों को हमेशा हाशिये पर रखा गया लेकिन सबका विकास का ध्यान किसी सरकार ने नहीं दिया।

मजदूरों को उनका पूरा अधिकार दिलाने के लिए श्रम कानून में व्यापक सुधार किया गया। अब मजदूरों का शोषण पंूजीपतियों के लिए तकलीफ का कारण होगा। समय पर और नियमानुसार मजदूरी का भुगतान करना हर नियोक्ता की जवाबदारी बन गई है। बैंक, घर और मजदूरी के साथ उनके स्वास्थ्य की रक्षा के लिए आयुष्मान कार्ड भी मोदी सरकार दे रही है। इस कार्ड से गरीब परिवार अपना इलाज करा सकते हैं। यह चौमुखी और समावेशी विकास को मोदी सरकार ने दिशा दी है।

स्वच्छता से स्वास्थ्य है का संदेश देते हुए मोदी सरकार ने पूरे देश में स्वच्छ भारत अभियान आरंभ किया गया। इस महादेश में स्वच्छ भारत अभियान एक चुनौतीपूर्ण कार्य था लेकिन नीयत हो तो सब संभव होता है। आज अधिकांश भारत में स्वच्छता लोगों की दैनंदिन जिंदगी में शामिल हो गया है। गीला कचरा, सूखा कचरा का भेद लोग समझने लगे हैं. अब जैविक खाद भी लोग घर में बनाने लगे हैं।

हर घर में शौचालय के अभियान ने भारतीय समाज की सोच को बदल दिया है। प्रत्येक घर में शौच की अनिवार्यता के कारण अनेक लोगों को उस कष्टदायक जिंदगी से भी मुक्ति मिली है जिन्हें लोगों की गंदगी साफ करना पड़ती थी। स्वच्छता और शौचालय के बारे में अब तक किसी ने सोचा भी नहीं था लेकिन यह सब कुछ उस एक व्यक्ति की सोच से आया जिसे हम प्यार से नरेन्द्र भाई बुलाते हैं।

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