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यह संयम, सहयोग और सर्तकता का समय है

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प्रदेश या देश के ही नहीं है संपूर्ण विश्व इसका शिकार है सत्य है, कि कोरोना नामक महामारी ने हमें मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से झकझोर दिया है हममें से कई लोगों ने इस महामारी द्वारा दिये गये दंश को झेला है और अभी भी झेल रहे हैं।

राजन

वर्तमान हालातों से हम सभी वाकिफ हैं क्योंकि यह हालात सिर्फ हमारे या हमारे मोहल्ले, प्रदेश या देश के ही नहीं है संपूर्ण विश्व इसका शिकार है सत्य है, कि कोरोना नामक महामारी ने हमें मानसिक, शारीरिक और आर्थिक रूप से झकझोर दिया है हममें से कई लोगों ने इस महामारी द्वारा दिये गये दंश को झेला है और अभी भी झेल रहे हैं। हालांकि समय के साथ हालातों में परिवर्तन आना आरंभ हुआ है लोगों की सतर्कता और हमारे देश के वैज्ञानिकों द्वारा खोजी गई वैक्सीन ने लोगों में विश्वास जगाया है। उम्मीदें बढ़ी हैं, बस थोड़े संयम की आवश्यकता है।
चंद अमानवीय लोगों द्वारा आपदा की इस समय में आवश्यक दवाओं की कालाबाजारी कर मानवता को शर्मसार भी किया जा रहा है। इस तथ्य में कोई संदेह नहीं कि इस महामारी ने सबसे ज्यादा असर देश की अर्थव्यवस्था पर डाला है। कई लोगों की नौकरियां और व्यापार खत्म हो गये हैं हालांकि सरकार द्वारा विभिन्न वर्गो के लिये राहत भी प्रदान की जा रही है लेकिन यह नाकाफी होने के साथ ही स्थाई समाधान भी नहीं है।
सरकार सहित विभिन्न स्वयं सेवी संगठनों, संस्थाओं, प्रतिष्ठित व्यक्तियों द्वारा कोरोना से बचाव हेतु समय-समय पर उपयोगी सावधानियां बरतने की अपील की जा रही हैं इन प्रमुख सावधानियों में मास्क पहनना, बार-बार हाथ धोना, परिचितों से मुलाकात पर या कार्यस्थल पर आवश्यक दूरी बनाए रखना आवश्यक कार्य होने पर ही घर से बाहर निकलने की बात शामिल है जिनका पालन हम सहजता से कर सकते हैं बस थोड़ी सर्तकता रखनी होगी।
यहां इस बात का जिक्र आवश्यक है कि इस समय सबसे बड़ी आवश्यकता है सहयोग की अपनी सामथ्र्य अनुसार हम जितना कर सके चाहे शारीरिक हो मानसिक हो या फिर आर्थिक वैसे भी सहयोग करना हमारी भारतीय परंपरा एवं मानवीय स्वभाव भी है वैसे अनेक प्रतिष्ष्ठित व्यक्तियों, संस्थाओं और सक्षम व्यक्तियों द्वारा दवाएं,भोजन, नगद राशि एवं इलाज के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध करवा कर सहयोग किया भी जा रहा है जो कि सराहनीय है। सरकार अपने स्तर पर निरंतर प्रयासरत है चाहे टेस्टिंग हो या इलाज इन प्रयासों के सकारात्मक परिणाम भी आ रहें हैं प्रदेश में कोरोना पॉजिटिव की संख्या में कमी आ रही है।
सही मायनों में कोरोना को नियंत्रित करने में हमारी मतलब आमजन की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है या ये कहें कि कोरोना के चक्र को तोडऩे का आधार है हम आमजन इसके लिये हमें शासन द्वारा दिये गये निर्देशों का बेहद गंभीरता से पालन करना होगा। अच्छे-बुरे समय को लेकर हम भारतीयों की मान्यता होती है कि ये दिन भी नहीं रहेगें। यह सत्य भी है कि कोरोना महामारी के दिन भी नहीं रहेगें हमारे प्रदेश-देश सहित संपूर्ण विश्व इस महामारी से जल्द ही निजात पा लेगें आवश्यकता है स्वयं पर विश्वास रखने की और यह समझने की यह संयम, सहयोग और सर्तकता का समय है।
-सकारात्मक

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