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अंतर्राष्ट्रीय ओलिम्पिक दिवस : 1896 में हुआ था ओलिम्पिक खेलों का पहला आयोजन

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योगेश कुमार गोयल

अंतर्राष्ट्रीय ओलिम्पिक दिवस मनाए जाने की शुरूआत 23 जून 1948 को हुई थी। आधुनिक ओलिम्पिक खेलों का पहला आयोजन तो वर्ष 1896 में हुआ था लेकिन अंतर्राष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति (आईओसी) की स्थापना पियरे द कुबर्तिन द्वारा 23 जून 1894 को की गई थी, जिसके प्रथम अध्यक्ष बने थे यूनानी व्यापारी डेमट्रियोस विकेलास। आईओसी का मुख्यालय स्विट्जरलैण्ड के लॉजेन में स्थित है और वर्तमान में दुनियाभर में 205 राष्ट्रीय ओलिम्पिक समितियां इसकी सदस्य हैं। आईओसी के स्थापना दिवस 23 जून को ही बाद में अंतर्राष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति द्वारा प्रतिवर्ष ओलिम्पिक दिवस के रूप में मनाया जाना शुरू किया गया।

यह दिवस मनाए जाने का प्रमुख उद्देेश्य खेलों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रत्येक वर्ग और आयु के लोगों की भागीदारी को बढ़ावा देना है। आईओसी द्वारा प्रत्येक चार वर्ष के अंतराल पर ग्रीष्मकालीन ओलिम्पिक खेल, शीतकालीन ओलिम्पिक खेल और युवा ओलिम्पिक खेल का आयोजन किया जाता है। पहला ग्रीष्मकालीन ओलिम्पिक वर्ष 1896 में यूनान के एथेंस में तथा पहला शीतकालीन ओलिम्पिक 1924 में फ्रांस के चेमोनिक्स में आयोजित किया गया था। ओलिम्पिक दुनिया की सबसे बड़ी खेल प्रतियोगिता है, जिसमें दो सौ से ज्यादा देश हिस्सा लेते हैं।

प्राचीन काल में भी ओलिम्पिक खेलों का कितना महत्व था, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि ईसा पूर्व पांचवीं शताब्दी में ग्रीस से एक महान् गीतकार पिन्डार ने लिखा था कि जिस प्रकार दिन के समय आकाश में सूर्य के समान गर्म और चमकदार कोई सितारा नहीं होता, उसी प्रकार ओलिम्पिक खेलों से बड़ी कोई प्रतियोगिता नहीं है। 776 ई.पू. शुरू हुए ओलिम्पिक में एलिस के एक रसोईये कोरोबस ने भी हिस्सा लिया था, जो 210 गज (लगभग 192 मीटर) की नग्न दौड़ में जीतकर प्राचीन ओलिम्पिक का प्रथम चैम्पियन बना था।

आज भी उसे इतिहास में सबसे पहला ओलिम्पिक चैम्पियन माना जाता है। प्राचीन ओलिम्पिक 776 ई.पू. से हर चार-चार वर्ष के अंतराल पर निरन्तर आयोजित होते रहे किन्तु तब तक इन खेलों में खेल भावना सर्वोपरि होने के बजाय धोखाधड़ी, ईष्र्या और घटिया शर्तों ने ओलिम्पिक में अहम स्थान बना लिया था, जिसके चलते रोमन सम्राट थ्योडॉसियस ने सन् 393 में ओलिम्पिक खेलों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया। इस प्रकार ओलिम्पिक खेलों का एक बहुत लंबा अध्याय वहीं समाप्त हो गया था।

23 जून 1894 को अंतर्राष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति की स्थापना किए जाने के बाद नए रूप में 1896 से आधुनिक खेलों का आयोजन शुरू हुआ। उसके बाद हर चार वर्ष के अंतराल पर आयोजित किए जाने लगे। एक जनवरी 1863 को जन्मे पियरे द कुबर्तिन की उम्र उस वक्त सिर्फ सात साल थी, जब 1870 में फ्रैंच-परसियन लड़ाई में जर्मनी ने फ्रांस पर कब्जा कर लिया था। माना जाता है कि उस हार के कुछ वर्षों बाद कुबर्तिन इसका विश्लेषण करने पर इस नतीजे पर पहुंचे कि फ्रांस की हार का कारण उसकी सैन्य कमजोरियां नहीं बल्कि फ्रांसीसी सैनिकों में ताकत की कमी थी।

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