जीवन के रोमांच के लिए आत्मविश्वास जरूरी

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पर्वतारोहण हमारे जीवन को ही परिलक्षित करता है। हमारा डर हमें प्रतिबंधित करता है, किन्तु इसपर काबू पाने के लिए सर्वप्रथम हमें खुद पर यकीन करने की जरूरत है। जीवन में हम चाहे जितने भी निर्णय लें, जो निर्णय हम स्वयं के लिए लेते हैं, उससे अधिक महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं – और यही हमारे अस्तित्व का मूल है, हमारी आध्यात्मिक यात्रा का सार है।

  • प्रो. हिमांशु राय, निदेशक, आईआईएम इंदौर

पिछले आलेख में हमने जाना कि आत्मसम्मान आध्यात्मिकता की ओर पहला कदम है। लेकिन आत्मसम्मान, आत्मविश्वास से ही आता है। तो ये आत्मविश्वास क्या है? यह किसी व्यक्ति या किसी चीज पर निर्भरता के दृढ़ विश्वास, खास तौर पर स्वयं पर भरोसे के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह आपके किसी भी कार्य में, किसी भी परिस्थिति में सफल होने की आपकी क्षमता के बारे में आत्म-आश्वासन भी है।

जब हमें स्वयं पर भरोसा होता है, तभी हम यह समझ पाते हैं कि हमारा जीवन में उद्देश्य क्या है, हम क्या बनना चाहते हैं और किसी भी स्थिति में हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे कर सकते हैं पूरी सत्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ, सही निर्णय कैसे ले सकते हैं। यह आत्मविश्वास ही हमें निरंतर आगे बढऩे के लिए प्रेरित करता है और यह जीवन जीने का एक रोमांचक तरीका है जिसमें जीवन की आवश्यकता के अनुसार, सुविधाओं से परे, हर चुनौती के लिए तैयार रहना भी शामिल है।

मैं एक अनुभवी पर्वतारोही हूँ और ऊंचे शिखरों पर मेरे द्वारा किए गए पर्वतारोहण के अनुभव से मैं ‘आत्मविश्वासÓ को कुछ इस प्रकार परिभाषित करता हूँ : ‘मान लीजिए आप पर्वत पर एक कठिन चढ़ाई पर, एक घाटी के किनारे एक संकरे रास्ते पर हैं। आगे बढऩे का एकमात्र रास्ता एक गहरी किन्तु छोटी खाई को कूद कर पार करना है। आप संशय में हैं, कि क्या आपके पैर आपका साथ दे सकेंगे? क्या आप सही स्थान पर सुरक्षित पहुँच सकेंगे? आप झिझकते हैं, कुछ पल के लिए। किन्तु फिर तय कर लेते हैं और एक लम्बी छलांग लगाते हैं।यह ‘आत्मविश्वास की छलांग है।

आपके उस आत्मविश्वास की, जिसने आपको निर्णय लेने में मदद की, आपको स्वयं पर भरोसा दिलाया कि आप निश्चित ही इसे सफलतापूर्वक हासिल कर सकते हैं और आप फिर सफल हो भी गए। यही आत्मविश्वास जीवन को रोमांचक बनाता है। हम सदा रोमांच की तलाश में रहते हैं, किन्तु दैनिक जीवन में आने वाली चुनौतियों से विचलित हो जाते हैं। हम साहसी बनना चाहते हैं लेकिन रोज़मर्रा की समस्याओं से दूर भागने का प्रयास करते हैं। स्वयं की क्षमताओं, निर्णयों और काबिलियत पर संदेह करते हैं और परिणामों को अपनाने से भयभीत रहते हैं।

पर्वतारोहण हमारे जीवन को ही परिलक्षित करता है। हमारा डर हमें प्रतिबंधित करता है, किन्तु इसपर काबू पाने के लिए सर्वप्रथम हमें खुद पर यकीन करने की जरूरत है। जीवन में हम चाहे जितने भी निर्णय लें, जो निर्णय हम स्वयं के लिए लेते हैं, उससे अधिक महत्वपूर्ण कुछ भी नहीं – और यही हमारे अस्तित्व का मूल है, हमारी आध्यात्मिक यात्रा का सार है। आत्मविश्वास प्राप्त करने के लिए हमें यह समझना होगा कि जीवन में कुछ भी निश्चित नहीं है।

अगर आपने पर्वतारोहण के दौरान वह छलांग नहीं लगायी होती, तो क्या होता? क्या आप सफल होते? क्या आपकी सुरक्षा निश्चित होती? क्या आप आगे बढ़ पाते? इसी प्रकार, जीवन में अगर आप कोई निर्णय नहीं लेते हैं, या लेते हैं, तो आवश्यक नहीं कि उसका परिणाम वैसा ही हो जैसी आपने कल्पना की थी।जीवन बदलने वाले निर्णय शायद गणितीय संभावना के बारे में कम और हमारे विश्वासों के बारे में अधिक हैं। सफलता भले ही निश्चित न हो, लेकिन आप चाहे जो निर्णय लें, उससे अनुभव मिलना तय है।

लेकिन क्या हम बिना किसी विचार के कोई भी कदम उठा लेंगे? नहीं, इसलिए आवश्यक है कि हम अपनी प्राथमिकताओं को समझें। यह ज़रूरी नहीं कि आपके निर्णय से सभी प्रसन्न होंगे, इसलिए वर्तमान स्थिति का आंकलन करें और फिर तय करें कि किसी भी बदलाव से क्या परिवर्तन आएंगे। यह भी स्वीकारें कि सभी बदलावों, परिणामों और आने वाले परिस्थितियों के लिए आप स्वयं उत्तरदायी और जवाबदार होंगे, और यही आपको आत्मविश्वास भी देगा।

हो सकता है कि आप कुछ क्षण असमंजस में रहें, कि क्या आप कोई भी निर्णय लेने के काबिल हैं? ऐसी स्थिति में स्व-आंकलन करें और जानने की कोशिश करें कि ऐसा क्या है जो आपको रोक रहा है।पिछले कड़वे अनुभवों को अपने सुनहरे भविष्य पर हावी पडऩे देना आत्मविश्वास को कमजोर करता है। उन बाधाओं को पहचानें और उनका समाधान करें। अपने आसपास के उन लोगों से चर्चा करें जो आपके करीब हैं, उनसे अपनी भावनाएं साझा करें और स्वयं का मूल्य समझें।

स्वयं पर अपार भरोसा होना ही हमें शक्तिशाली बनाता है।हमारी उपलब्धियां या गलतियां, खुशी या निराशा- जो भी है – आपका है, आपने हासिल किया है और अपने निर्णयों से प्राप्त किया है।आगे भी आपके जीवन में जो भी स्थितियां आएँगी, जितनी भी चुनौतियाँ आपकी परीक्षा लेंगी, सबसे पहले आप ही उनका सामना करेंगे। इसलिए आवश्यक है कि यदि आप अपने लक्ष्यों और अपनी क्षमताओं पर भरोसा करते हैं, तो संदेह को अपने सपनों पर हावी न होने दें।

जिस प्रकार ऊंचे पर्वत के शिखर पर पहुंचना रोमांचकारी है, उसकी सफलता का अनुभव अद्वितीय है, उसी प्रकार आपका जीवन, इस जीवन का प्रयेत्क दिन, प्रत्येक पल भी अद्भुत है और असंख्य अनुभवों से पूर्ण है। हो सकता है आपने अपने जीवन में पहले से उपस्थित आध्यात्म महसूस न किया हो, किन्तु आपके अंतर्मन में रोमांच की भावना से आप सदा उत्साही रहे हैं।

जीवन इसी रोमांच पर आधारित है, क्योंकि आप नहीं जानते कि अगला क्षण आपके लिए कौनसी नयी संभावनाएं या आशंकाएं लाएगा। किन्तु स्पष्ट विचारों वाले मस्तिष्क से से, सत्यनिष्ठ अंतर्मन से,और आत्मविश्वास से आप न सिर्फ हर समस्या का सामना कर सकेंगे अपितु अपने जीवन में सफलताओं के सभी शिखरों पर भी पहुँच सकेंगे।

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