शिवराज सिंह सरकार के एक वर्ष पर विशेष: जनआकांक्षाओं पर खरे उतरे हैं मुख्यमंत्री श्री चौहान

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अतुल खरे

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान जन-आकांक्षाओं पर खरे उतरे हैं। उन्होंने सक्षम नेतृत्व का परिचय दिया है।मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान सुशासन के हिमायती हैं। उन्होंने वित्तीय कमियों की बात न करते हुए आवश्यक कार्यों के लिए बजट व्यवस्था कर समाधान का मार्ग निकाला यही सुशासन है मुख्यमंत्री के रूप में उन्होंने प्राथमिकताएं तय कर आमजन से जुड़ी समस्याओं को तत्परता से हल किया है। चौथी बार मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने मध्यप्रदेश को माफियामुक्त और एक विकसित प्रदेश के निर्माण के साथ नागरिकों को सुशासन देने का संकल्प लिया है। इस संकल्प की पूर्ति के लिए मध्य प्रदेश को कानून-व्यवस्था की दृष्टि से भी मजबूत बनाने के कदम उन्होंने उठाए हैं। इसकी नियमित समीक्षा करते हुए वे खुद इस कार्य में जुट गए हैं।सभी तरह के माफिया के विरुद्ध उनका अभियान तेजी से चल रहा है। चाहे किसी भी तरह के अपराध हों या खनिजों का उत्खनन अथवा अतिक्रमण और मिलावट की शिकायतें,पूरे प्रदेश में अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने का अभियान चल रहा है। प्रदेश की जनता भी यही चाहती है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति मजबूत रहे। निर्दोष व्यक्ति को कोई न सताए। परस्पर सद्भाव का वातावरण रहे। असामाजिक तत्व नियंत्रण में रहें। महिलाओं के लिए सुरक्षित वातावरण रहे। इन सभी के प्रति मुख्यमंत्री श्री चौहान गंभीर हैं। इस तरह वे जन-आकांक्षाओं के अनुरूप शासन संचालन कर रहे हैं।

माफियाओं से प्रदेश को मुक्त कराने का अभियान

मध्य प्रदेश की छवि एक शांतिप्रिय नागरिकों के राज्य की रही है। इस शांति में खलल पहुँचाने वाले तत्वों के विरुद्ध भी मुख्यमंत्री श्री चौहान ने प्रशासनिक अस्त्र का इस्तेमाल किया है। प्रशासनिक और पुलिस अमले द्वारा पूरे प्रदेश में बड़े अतिक्रमणकारियों, मिलावट करने वालों को मिलावट के स्रोत स्थल सहित पकड़ कर कारावास में पहुँचाने का कार्य किया जा रहा है।यही नहीं बेटियों के विरुद्ध आपराधिक कृत्य को अंजाम देने वालों को कड़ी सजा देने के साफ निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए विवेचना के स्तर पर भी बिना विलंब के कार्रवाई करने की व्यवस्था बनाई गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा मध्य प्रदेश में आम जनता से जुड़े कार्यों को तत्परता से संपादित करने के लिए जिला स्तर पर लोक सेवा केंद्रों की प्रभावी व्यवस्था स्थापित की गई है। इन केंद्रों पर प्राप्त शिकायतों का त्वरित हल निकाला जाता है।विभिन्न तरह के प्रमाण पत्र एक ही दिन में उपलब्ध हो रहे हैं। डीम्ड सेवाओं की शुरुआत कर उनका विस्तार भी किया जा रहा है। अब किसी नागरिक को मोबाइल पर ही वांछित प्रमाण-पत्र देने की व्यवस्था प्रारंभ हो चुकी है। मध्य प्रदेश कृषि क्षेत्र में अग्रणी रहे, इसके लिए किसानों को उनकी फसल के उत्पादन का पूरा मूल्य दिलवाने, बिना ब्याज के ऋण दिलवाने और बीमा योजनाओं का लाभ दिलवाने का कार्य भी सतत रूप से चल रहा है। प्रशासनिक अमला इन कार्यो पर नजर रखकर किसान वर्ग के कल्याण के लिए सक्रिय है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने निरंतर निरीक्षण कर विकास कार्यो को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए हैं।शहरों और ग्रामों में निर्माण कार्य समय-सीमा में और गुणवत्ता के साथ पूरे हो,इसकी चिंता करते हुए मुख्यमंत्री द्वारा प्रतिमास कलेक्टर-कमिश्नर से संवाद प्रारंभ किया गया है।

नवाचारों की श्रृंखला

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने मध्यप्रदेश में पिछले तीन कार्यकाल और वर्तमान एक वर्षीय कार्यकाल में अनेक नवाचार भी किए हैं। इनमें निर्धारित समय में नागरिक सेवाएँ उपलब्ध करवाना, आनंद संस्थान का गठन,बुजुर्गों के लिएतीर्थ-दर्शन योजना का विस्तार, पर्यटन को बढ़ावा, औद्योगिक निवेश में तेजी शामिल है। बिजली-सड़क-पानी जैसे मूलभूत विषयों पर मुख्यमंत्री की गंभीरता साफ तौर पर नजर आती है। उन्होंने समर्थ नेतृत्व का परिचय देते हुए नागरिक सुविधाओं के विकास और विस्तार पर भी विशेष ध्यान दिया है।

कोरोना की चुनौती का साहस से सामना किया

मध्य प्रदेश देश के मध्य में स्थित है। इस नाते अनेक अवसरों पर मध्य प्रदेश के नैतिक दायित्व बढ़ जाते हैं। मिसाल के तौर पर जब कोरोना फैलना शुरू हुआ तो अन्य राज्यों से आने वाले श्रमिक मध्य प्रदेश से होकर अपने गृह प्रांतों की ओर जा रहे थे। तब उनके लिए आश्रय, भोजन और परिवहन की सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने अच्छा कार्य कर दिखाया। मानवता की दृष्टि से इन कार्यों की सराहना भी हुई।इस कार्य की प्रतिदिन मुख्यमंत्री श्री चौहान द्वारा समीक्षा की जाती थी।कोरोना काल में उन्होंने करीब 350 घंटे,वीडियो कॉन्फ्रेंस करते हुए कोरोना महामारी के नियंत्रण, रोगियों के उपचार और रोकथाम संबंधी प्रयासों की सतत समीक्षा में दिए। इस समीक्षा का ही असर था कि कोरोना प्रदेश में ज्यादा पाँव नहीं पसार पाया। इसी अवधि में श्रमिकों को रोजगार की जरूरत थी। मनरेगा को इसका माध्यम बनाया गया। पूरे प्रदेश में बड़े पैमाने पर राहत कार्यों और अन्य निर्माण कार्यों से श्रमिकों को संलग्न किया गया। इसके फलस्वरूप पूरे देश में मध्य प्रदेश क्षेत्र में श्रेष्ठ कार्य करने वाला राज्य बना। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा भी मुख्यमंत्री श्री चौहान और मध्यप्रदेश के इन प्रयासों की प्रशंसा की गई।

हरीतिमा के विकास पर जोर

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने हाल ही में पर्यावरण की रक्षा के उद्देश्य से प्रतिदिन पौधा लगाने की शुरूआत की है। पूर्व वर्षों में उन्होंने प्रदेश की जनसंख्या के बराबर पौधे लगाने, नमामि देवि नर्मदे सेवा यात्रा जैसे अभियान संचालित किए हैं। इनसे प्रदेश के नागरिकों में जागरूकता बढ़ी है और सरकार और समाज मिलकर हरीतिमा के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं।

(लेखक : संयुक्त संचालक जनसंपर्क।)

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