संन्यासी भाव से राजनीति में आए

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on pinterest
Pinterest
Share on pocket
Pocket
Share on whatsapp
WhatsApp
  • रंजना चितले, कथाकार और स्तंभकार


सेवा और संघर्ष उनके स्वभाव में है। समय के साथ सेवा का स्वरूप भी बदला और संघर्ष का स्वरूप भी। बाल्यकाल में उन्होंने अपने माता-पिता की सेवा की और जीवन उर्पाजन के लिये चाय बेचकर संघर्ष किया तो किशोर वय में संघ के कई कार्य वे स्व-प्रेरणा से करते थे। उनकी सेवा और संघर्ष ने उन्हें विशेष बनाया और उन्होंने क्षेत्रीय संघ प्रमुखों का स्नेह पाया। युवा अवस्था में जहां सामान्य युवा अपनी आकांक्षाओं की पूर्ति के लिये जुटते हैं। उस आयु में वे सिद्धजनों की सेवा में आये। संघ के साथ-साथ उनका संपर्क विवेकानंद केंद्र में भी बढ़ा और आत्मस्थानंदजी को उन्होंने गुरू रूप में स्वीकार किया। सामान्य तौर पर सबके पास 24 घंटे होते हैं, लेकिन इस 24 घंटे के प्रत्येक पल का वे उपयोग करते हैं, यह अविश्वसनीय और आश्चर्य में डालने वाली बात है।

वे घर में भी सहयोग करते थे, चाय की दुकान में पिता को सहयोग करते थे, अपनी पढ़ाई करते थे, संघ के सेवा कार्यों में समय देते थे। वे संन्यासी बनना चाहते थे, स्वामी अडग़ड़ानंद जी, स्वामी विवेकानंद जी के गुरु भाई ने यह कहकर संन्यासी जीवन में प्रवेश करने से रोका कि उन्हें समाज सेवा करनी है। वे परम पूज्य गुरुजी से मिले और पूर्णरूप से संघ की सेवा में आये। तभी से राष्ट्रसेवा और समाज सेवा उनके जीवन का लक्ष्य बन गया। अपने स्वभाव अनुरूप राष्ट्र के लिये समर्पण और समाज के लिये सेवा भाव यही उनके जीवन का उद्देश्य है। उन्होंने ऐतिहासिक रथ यात्रा के समुचित प्रबंधन से अपनी अभूतपूर्व क्षमता को प्रमाणित किया।

रथ यात्रा के बहाने श्री नरेंद्र मोदी जी देश के मानव, प्रकृति और कण-कण से परिचित हुए। वे उन विरले राजनेताओं में से एक हैं जिन्होंने रथ यात्रा के अतिरिक्त विभिन्न जन सेवाओं के माध्यम से देश के लगभग सभी जिला केंद्रों से संपर्क किया। यह प्रधानमंत्री जी की अर्थनीति ही है कि आज भारत विश्व की 6वीं अर्थव्यवस्था है। दुनिया का हर इन्वेस्टर भारत में इनवेस्ट करना चाहता है। प्रधानमंत्री जी ने नोटबंदी से कालेधन और नकली मुद्रा पर नियंत्रण की अकल्पनीय व्यवस्था की जो अपने आप में अनूठी है।

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on linkedin
LinkedIn
Share on pinterest
Pinterest
Share on pocket
Pocket
Share on whatsapp
WhatsApp

Never miss any important news. Subscribe to our newsletter.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recent News

Related News